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अनिश्चितकालीन हड़ताल पर गये लेखपाल

Wed, 24 Aug 2016 01:35 AM IST
lalitpur
lalitpur Updated Wed, 24 Aug 2016 01:35 AM IST
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lekhpal on striike
हड़ताल - फोटो : amar ujala
ललितपुर। मंगलवार से उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर लेखपाल अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। लेखपालों के हड़ताल पर जाने से तहसील में काम कराने के लिए किसान व लोग भटकते रहे। मांगें पूरी न होने पर 30 अगस्त को विधानसभा का घेराव कर धरना-प्रदर्शन किए जाने का निर्णय लिया गया। मंगलवार को नवीन तहसील परिसर में आयोजित प्रदर्शन के दौरान लेखपालों ने मुख्यमंत्री से शीघ्र ही शासनादेश निर्गत कराए जाने की मांग को पुरजोर तरीके से उठाया।
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लेखपाल संघ जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला ने कहा कि लेखपाल संवर्ग सरकार की विभिन्न नीतियों, योजनाओं व कार्यक्रमों के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। अपने दायित्वों के अतिरिक्त विभिन्न विभागों के कार्यों में सहयोग करता है। शासन व प्रशासन के विभिन्न  अधिकारियों के निर्देशों का पालन अनुशासित तरीके से करते हुए दायित्वों का निर्वाह्न करता है। साथ ही जनता की समस्याओं को सुनकर उनके निस्तारण का हरसंभव प्रयास करता है। प्रदेशीय नेतृत्व ने 16 मार्च को 6 सूत्रीय मांगपत्र मुख्यमंत्री को सौंपते हुए समस्याओं के जल्द निस्तारण की मांग उठाई थी। जिस पर प्रमुख सचिव राजस्व द्वारा 18 अप्रैल को पत्र निर्गत कर  राजस्व परिषद लखनऊ ने मांगों का परीक्षण कर वार्ता कर सहमति व्यक्त करते हुए लेखपाल संवर्ग की एसीपी विसंगति दूर करने व लेखपाल संवर्ग के प्रशासनिक महत्व को लेकर प्रारंभिक वेतनमान को बढ़ाने की मांग सहित 6 मांगों का ज्ञापन 16 जून को प्रमुख सचिव राजस्व को भेजा था। लेकिन अभी तक कार्रवाई न होने से लेखपाल संवर्ग आक्रोशित हैं। मांगों के पूरे न होने पर अब लेखपालों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। मांगों को लेकर बताया कि लेखपाल संवर्ग में उत्पन्न एसीपी विसंगति दूर की जाये, पदनाम राजस्व उपनिरीक्षक व शैक्षिक योग्यता स्नातक  करते हुए, कॉडर पूर्व की भांति जनपदस्तरीय करते हुए स्थानांतरण नीति में संशोधन किये जाने, पांच लेखपालों पर एक राजस्व निरीक्षक (क्षेत्र) एवं राजस्व परिषद के पत्र अनुसार राजस्व निरीक्षक (कार्यालय) के 626 पदों का सृजन किए जाने व राजस्व निरीक्षक पदोन्नति व नायब तहसीलदार प्रोन्नति के लिए राजस्व परिषद के  प्रस्ताव अनुसार नियमावली में संशोधन किये जाने, ई-डिस्ट्रिक्ट,  आईजीआरएस आदि शासन की विभिन्न योजनाओं को सुचारु क्रियान्वयन के लिए लेखपालों को लेपटाप तत्काल उपलब्ध कराने, एक अप्रैल 2005 से पूर्व चयनित लेखपालों को व बाद में चयनित लेखपालों को  पुरानी पेंशन की सुविधा दिए जाने की मांग की गई। इस दौरान जिलाध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह बुंदेला, उपाध्यक्ष रामप्रकाश, मंत्री देवशरण उपाध्याय,  बृजकिशोर गुप्ता, अरुण प्रजापति, मोहनलाल, शिवनारायण तिवारी, संतोष कुमार  सिंह, लक्ष्मीप्रसाद, दिनेश कुमार, विनय प्रताप सिंह, अजय प्रताप सिंह, रामरक्षपाल सिंह, कल्पनीत सिंह, रमेश कुमार, जितेंद्र कुमार, कमल कुमार, भरत दुबे मौजूद रहे।
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