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Lalitpur News: चना बीज वितरण घोटाला की जांच में खुलने लगीं परतें
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कृषि विभाग में हुए बीज घोटाले को लेकर भले ही विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हों, लेकिन गांव में पहुंच रही जांच टीम के सामने घोटाला की परतें खुलने लगी हैं। बुधवार को जांच टीम ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन में स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची, जहां किसानों से बीज के बारे में जानकारी ली गई। जांच का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सूची में अंकित किसानों ने बताया कि चार खेत हैं, चारों खेतों में गेहूं बोया गया है। अधिकांश किसानों ने चने की बुवाई से इन्कार किया।
क्लस्टर प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत बीज वितरण में घोटाला किया गया था। कुछ किसान संगठनों ने गंभीर आरोप लगाए थे। बताया गया कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारियों ने बीज वितरण में भारी खेल किया है। एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग कर बीज वितरण कर दिया गया, जबकि हकीकत में बीज लेने वाले किसानों के खेत में फसल हीं नहीं लगी है। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच बैठा दी थी। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक मामले को लेकर चुप्पी साधे हैं। लेकिन, वायरल वीडियो में बीज लेने वाले किसान जांच अधिकारी के समक्ष बता रहे हैं कि चना मिला था, लेकिन देर होने के चलते बुवाई नहीं कर सके। चना के बीज को बेच दिया। वहीं कुछ किसानों ने बताया कि खाते में पैसे आए थे, जिन्हें ग्राम के एक जनप्रतिनिधि ने निकलवा लिए। वहीं, एक किसान ने बताया कि मुझे 80 किलो चना व पत्नी को 80 किलो मटर का बीज मिला था, लेकिन इसमें से किसी भी फसल को खेत में नहीं बोया है। इसी तरह अन्य किसान भी अपनी बात करते नजर आ रहे हैं।
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कृषि विभाग द्वारा किए गए बीज वितरण मामले में जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
- श्रीराम यादव, अपर उप जिलाधिकारी अधिकारी
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ललितपुर। कृषि विभाग में हुए बीज घोटाले को लेकर भले ही विभागीय अधिकारी चुप्पी साधे हुए हों, लेकिन गांव में पहुंच रही जांच टीम के सामने घोटाला की परतें खुलने लगी हैं। बुधवार को जांच टीम ब्लॉक बार के ग्राम कारीटोरन में स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची, जहां किसानों से बीज के बारे में जानकारी ली गई। जांच का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें सूची में अंकित किसानों ने बताया कि चार खेत हैं, चारों खेतों में गेहूं बोया गया है। अधिकांश किसानों ने चने की बुवाई से इन्कार किया।
क्लस्टर प्रदर्शन कार्यक्रम के अंतर्गत बीज वितरण में घोटाला किया गया था। कुछ किसान संगठनों ने गंभीर आरोप लगाए थे। बताया गया कि विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से कर्मचारियों ने बीज वितरण में भारी खेल किया है। एक ही परिवार के सदस्यों को अलग-अलग कर बीज वितरण कर दिया गया, जबकि हकीकत में बीज लेने वाले किसानों के खेत में फसल हीं नहीं लगी है। जिलाधिकारी ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर जांच बैठा दी थी। अधिकारी से लेकर कर्मचारी तक मामले को लेकर चुप्पी साधे हैं। लेकिन, वायरल वीडियो में बीज लेने वाले किसान जांच अधिकारी के समक्ष बता रहे हैं कि चना मिला था, लेकिन देर होने के चलते बुवाई नहीं कर सके। चना के बीज को बेच दिया। वहीं कुछ किसानों ने बताया कि खाते में पैसे आए थे, जिन्हें ग्राम के एक जनप्रतिनिधि ने निकलवा लिए। वहीं, एक किसान ने बताया कि मुझे 80 किलो चना व पत्नी को 80 किलो मटर का बीज मिला था, लेकिन इसमें से किसी भी फसल को खेत में नहीं बोया है। इसी तरह अन्य किसान भी अपनी बात करते नजर आ रहे हैं।
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कृषि विभाग द्वारा किए गए बीज वितरण मामले में जांच की जा रही है। जांच पूर्ण होने के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
- श्रीराम यादव, अपर उप जिलाधिकारी अधिकारी