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दूसरे दिन भी आधा नगर रहा प्यासा
lalitpur
Updated Sun, 29 May 2016 12:54 AM IST
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पानी सप्लाई
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। ललितपुर शहर में दूसरे दिन भी पेयजल की त्राहि-त्राहि बनी रही। लोअर जोन में जलापूर्ति सुचारु नहीं हो सकी है। वहीं, शनिवार को नेहरू नगर की पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने से मुहल्ले में पेयजल की समस्या बनी रही।
सूखे के कारण ग्रामीण क्षेत्र में पहले से जल संकट बना है, ललितपुर शहर में जल संस्थान के अफसरों की उदासीनता भारी पड़ रही है। लोअर जोन में शुक्रवार को पेयजल की आपूर्ति नहीं हो सकी थी। उस समय अधिकारियों ने भरपूर बिजली के अभाव में टंकी नहीं भरने का बहाना बनाया था, लेकिन शनिवार को भी जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे इलाकाई लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त हो गया। विभागीय अफसरों ने लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए एक- दो मुहल्लों में टैंकर रखवा दिए जो नाकाफी साबित हुए। मुहल्ला चौबयाना, रावरपुरा, नारायणपुरा, पुरानी बजरिया में एक भी टैंकर नहीं भिजवाया गया, जिस कारण यहां के लोगों के आसपास के हैंडपंपों से कंठ तर किए।
मुहल्ला नेहरू नगर में शनिवार को जलापूर्ति नहीं हो पाई। इसके पीछे पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने का कारण बताया जा रहा है। विभागीय अफसरों का कहना है कि बाल्व में जलकुंभी फंस गई थी, जिसके दवाब में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रघुवेंद्र का कहना है कि तीन में से दो मोटर पंपों में खराबी आ गई थी, जिस कारण जलापूर्ति नहीं हो सकी। उन्होंने रविवार को लोअर जोन में आपूर्ति बहाल होने की बात कही है जबकि नेहरू नगर में आपूर्ति आंशिक रहेगी।
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जल निगम के टैंकर बने मददगार
जल संस्थान के साथ जल निगम के भी टैंकर कुछ स्थानों पर रखे नजर आए। जल निगम ने तो महावीर पुरा में बीस मीटर के अंतराल में 4,500 लीटर क्षमता के दो टैंकर रखवाए थे। वहीं, विभिन्न मुहल्लों के लोग पानी के लिए यहां- वहां भटकते नजर आए। इन टैंकरों को समाजवादी पेयजल राहत योजना के तहत खरीदा गया है।
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मलिन बस्ती की हो रही उपेक्षा
मुहल्ला रैदासपुरा, नारायणपुरा सहित विभिन्न मुहल्लों की लगातार उपेक्षा हो रही है। जिससे यहां के लोगों को पानी जुटाने के लिए बजरिया, चौबयाना मुहल्ला आदि में लगे हैंडपंपों से प्यास बुझानी पड़ रही है।
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दो हैंडपंपों के खराब होने से बढ़ी परेशानी
मुहल्ला चौबयानापुरा व पुरानी बजरिया में हैंडपंपों के खराब होने से लोगों को पानी की खासी परेशानी उठानी पड़ी है। स्थानीय लोग विभागीय कर्मियों को कोसते नजर आए।
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कमिश्नर का निरीक्षण सवालों के घेरे में
शुक्रवार को मंडलायुक्त के राममोहन राव ने शाम करीब साढ़े पांच बजे पेयजल शोध सयंत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान विभागीय अफसरों ने मोटर पंप खराब होने की हवा तक नहीं लगने दी और मंडलायुक्त का निरीक्षण आसानी से निपट गया। शनिवार को जब कमिश्नर का निरीक्षण समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ तो लोग कमिश्नर के निरीक्षण पर सवाल खड़े करने लगे। लोगों का कहना है कि मंडलायुक्त को निरीक्षण में सब कुछ ठीक मिला था, जबकि विभाग सुबह जलापूर्ति नहीं कर सका तो ऐसे निरीक्षण का क्या फायदा है?
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सूखे के कारण ग्रामीण क्षेत्र में पहले से जल संकट बना है, ललितपुर शहर में जल संस्थान के अफसरों की उदासीनता भारी पड़ रही है। लोअर जोन में शुक्रवार को पेयजल की आपूर्ति नहीं हो सकी थी। उस समय अधिकारियों ने भरपूर बिजली के अभाव में टंकी नहीं भरने का बहाना बनाया था, लेकिन शनिवार को भी जलापूर्ति बहाल नहीं हो सकी। इससे इलाकाई लोगों में विभाग के प्रति रोष व्याप्त हो गया। विभागीय अफसरों ने लोगों के आक्रोश को शांत करने के लिए एक- दो मुहल्लों में टैंकर रखवा दिए जो नाकाफी साबित हुए। मुहल्ला चौबयाना, रावरपुरा, नारायणपुरा, पुरानी बजरिया में एक भी टैंकर नहीं भिजवाया गया, जिस कारण यहां के लोगों के आसपास के हैंडपंपों से कंठ तर किए।
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मुहल्ला नेहरू नगर में शनिवार को जलापूर्ति नहीं हो पाई। इसके पीछे पाइप लाइन क्षतिग्रस्त होने का कारण बताया जा रहा है। विभागीय अफसरों का कहना है कि बाल्व में जलकुंभी फंस गई थी, जिसके दवाब में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त हो गई। उधर, जल संस्थान के अधिशासी अभियंता रघुवेंद्र का कहना है कि तीन में से दो मोटर पंपों में खराबी आ गई थी, जिस कारण जलापूर्ति नहीं हो सकी। उन्होंने रविवार को लोअर जोन में आपूर्ति बहाल होने की बात कही है जबकि नेहरू नगर में आपूर्ति आंशिक रहेगी।
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जल निगम के टैंकर बने मददगार
जल संस्थान के साथ जल निगम के भी टैंकर कुछ स्थानों पर रखे नजर आए। जल निगम ने तो महावीर पुरा में बीस मीटर के अंतराल में 4,500 लीटर क्षमता के दो टैंकर रखवाए थे। वहीं, विभिन्न मुहल्लों के लोग पानी के लिए यहां- वहां भटकते नजर आए। इन टैंकरों को समाजवादी पेयजल राहत योजना के तहत खरीदा गया है।
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मलिन बस्ती की हो रही उपेक्षा
मुहल्ला रैदासपुरा, नारायणपुरा सहित विभिन्न मुहल्लों की लगातार उपेक्षा हो रही है। जिससे यहां के लोगों को पानी जुटाने के लिए बजरिया, चौबयाना मुहल्ला आदि में लगे हैंडपंपों से प्यास बुझानी पड़ रही है।
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दो हैंडपंपों के खराब होने से बढ़ी परेशानी
मुहल्ला चौबयानापुरा व पुरानी बजरिया में हैंडपंपों के खराब होने से लोगों को पानी की खासी परेशानी उठानी पड़ी है। स्थानीय लोग विभागीय कर्मियों को कोसते नजर आए।
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कमिश्नर का निरीक्षण सवालों के घेरे में
शुक्रवार को मंडलायुक्त के राममोहन राव ने शाम करीब साढ़े पांच बजे पेयजल शोध सयंत्र का निरीक्षण किया था। इस दौरान विभागीय अफसरों ने मोटर पंप खराब होने की हवा तक नहीं लगने दी और मंडलायुक्त का निरीक्षण आसानी से निपट गया। शनिवार को जब कमिश्नर का निरीक्षण समाचार पत्रों में प्रकाशित हुआ तो लोग कमिश्नर के निरीक्षण पर सवाल खड़े करने लगे। लोगों का कहना है कि मंडलायुक्त को निरीक्षण में सब कुछ ठीक मिला था, जबकि विभाग सुबह जलापूर्ति नहीं कर सका तो ऐसे निरीक्षण का क्या फायदा है?