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‘ललितपुर महोत्सव’ राजकीय मेला घोषित हो
lalitpur
Updated Sun, 28 Aug 2016 12:35 AM IST
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lalitpur mahotsav
- फोटो : demo pic
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ललितपुर। नगर पालिका द्वारा ‘ललितपुर महोत्सव’ 15 दिवसीय मेला आगामी 11 नवंबर से आयोजित किया जाएगा। नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां से महोत्सव को राजकीय मेला घोषित करने और प्रत्येक वर्ष राजकीय कोष से 75 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाने की मांग की है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने विकास मंत्री मो. आजम खां को भेजे ज्ञापन में बताया कि नगर पालिका द्वारा स्थानीय श्रीतुवन मंदिर परिसर में पिछले तीन वर्षों से 15 दिवसीय ‘ललितपुर महोत्सव’ मेला का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष नगर पालिका अपने बजट से मेला का आयोजन कराती है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन संध्या, लोकगीत, सांस्कृतिक नृत्य, संगीत, नाटक आदि कार्यक्रमों का आयोजन कराती है। उन्होंने बताया कि ललितपुर बुंदेलखंड का सबसे पिछड़ा जनपद माना जाता है, यहां के लोगों में एक से एक कलात्मक हुनर बसे हुए हैं, लेकिन अति पिछड़ा जनपद होने के कारण स्थानीय कालाकारों को कोई मंच नहीं मिल पाता है। नगर पालिका द्वारा आयोजित यह मेला पिछले तीन वर्षों में स्थानीय कलाकारों के लिए एक बड़े मंच के रूप में उभर कर आया है। मेला के दौरान जनपद ही नहीं बल्कि बाहर के भी कलाकार प्रस्तुति के लिए आते हैं। इसके अलावा हस्त शिल्प कला व खादी ग्रामोद्योग के बाजार को भी उचित स्थान मिलता है। बाहरी प्रदेशों व महानगरों के व्यापारी यहां आकर अपने हाथों से तैयार की गई सामग्रियों की दुकान लगाते हैं। सुभाष जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष विभाग काफी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, उन्होंने "ललितपुर महोत्सव" मेला को राजकीय मेला घोषित कराने की मांग की है और मेला आयोजन के लिए राजकीय कोष से प्रत्येक वर्ष 75 लाख रुपये का आवंटित कराने की मांग की है।
मुख्यमंत्री को किया आमंत्रित
इस वर्ष 11 नवंबर से आयोजित होने वाले "ललितपुर महोत्सव" मेला का शुभारंभ मुख्यमंत्री से कराने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजा है।
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नगर पालिका अध्यक्ष ने विकास मंत्री मो. आजम खां को भेजे ज्ञापन में बताया कि नगर पालिका द्वारा स्थानीय श्रीतुवन मंदिर परिसर में पिछले तीन वर्षों से 15 दिवसीय ‘ललितपुर महोत्सव’ मेला का आयोजन किया जा रहा है। प्रत्येक वर्ष नगर पालिका अपने बजट से मेला का आयोजन कराती है। इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रमों, भजन संध्या, लोकगीत, सांस्कृतिक नृत्य, संगीत, नाटक आदि कार्यक्रमों का आयोजन कराती है। उन्होंने बताया कि ललितपुर बुंदेलखंड का सबसे पिछड़ा जनपद माना जाता है, यहां के लोगों में एक से एक कलात्मक हुनर बसे हुए हैं, लेकिन अति पिछड़ा जनपद होने के कारण स्थानीय कालाकारों को कोई मंच नहीं मिल पाता है। नगर पालिका द्वारा आयोजित यह मेला पिछले तीन वर्षों में स्थानीय कलाकारों के लिए एक बड़े मंच के रूप में उभर कर आया है। मेला के दौरान जनपद ही नहीं बल्कि बाहर के भी कलाकार प्रस्तुति के लिए आते हैं। इसके अलावा हस्त शिल्प कला व खादी ग्रामोद्योग के बाजार को भी उचित स्थान मिलता है। बाहरी प्रदेशों व महानगरों के व्यापारी यहां आकर अपने हाथों से तैयार की गई सामग्रियों की दुकान लगाते हैं। सुभाष जायसवाल ने बताया कि इस वर्ष विभाग काफी आर्थिक तंगी से जूझ रहा है, उन्होंने "ललितपुर महोत्सव" मेला को राजकीय मेला घोषित कराने की मांग की है और मेला आयोजन के लिए राजकीय कोष से प्रत्येक वर्ष 75 लाख रुपये का आवंटित कराने की मांग की है।
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मुख्यमंत्री को किया आमंत्रित
इस वर्ष 11 नवंबर से आयोजित होने वाले "ललितपुर महोत्सव" मेला का शुभारंभ मुख्यमंत्री से कराने के लिए नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को पत्र भेजा है।
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