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सिंचाई को पानी न मिलने से किसान ने की आत्महत्या
ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jan 2016 01:35 AM IST
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ललितपुर। जनपद में सूखे की स्थिति का असर जनवरी माह में ही दिखने लगा। फसल की सिंचाई के लिए पानी नहीं मिलने के कारण एक किसान ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।
महरौनी तहसील के ग्राम बर्जरा निवासी किसान राकेश यादव (36) पुत्र करन सिंह सोमवार को खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने राकेश की तलाश की, तो गांव के ही एक खेत में लगे चिरौल के पेड़ से उसका शव लटकता पाया गया। आनन- फानन में उसे पेड़ से उतारा गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता करन यादव ने बताया कि उसके परिवार के पास चार एकड़ जमीन है, जिस पर खेती करके राकेश व उसका छोटा भाई अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। बारिश नहीं होने की वजह से खरीफ की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जिससे राकेश पर कर्जा हो गया था।
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रबी की फसल से उम्मीद में राकेश ने गेहूं की फसल बोई थी। गांव में सिंचाई का साधन सजनाम बांध से निकली भड़रुऊ माइनर है। माइनर में शुरुआती दिनों में पानी आने के कारण राकेश ने पलेवा कर गेहूं की फसल की बुआई कर दी थी। लेकिन, सजनाम बांध में पानी नहीं होने से नहरें सूखी पड़ी हैं और किसानों को फसल के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
पानी की कमी के कारण राकेश की फसल सूखने लगी थी, जिस कारण से वह मानसिक चिंता में था। इसी चिंता के कारण उसने सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की दो पुत्रियां हैं। परिजनों के मुताबिक राकेश पर करीब डेढ़ लाख रुपए कर्जा था। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ग्राम बजर्रा ही नहीं, क्षेत्र की स्थिति भयावह
ललितपुर। बरसात नहीं होने के कारण ग्राम बर्जरा में ही सिंचाई का संकट नहीं है, बल्कि बार, महरौनी व मड़ावरा ब्लॉक की हालत एक जैसी बनी हुई है। सजनाम बांध से इस बार नहर एक नवंबर से 13 दिसंबर तक चलाई गई, दोबारा नहर का संचालन बीस दिसंबर से 31 दिसंबर तक किया गया।
इस बार सजनाम बांध में बहुत कम पानी होने के कारण सभी गांवों में पानी पहुंचना संभव नहीं हो पाया। वर्तमान में बांध में पानी का स्तर फाटकों के नीचे चले जाने से अब नहरों का संचालन संभव नहीं है। बांध में पानी की कमी के कारण ही सजनाम बांध की नहरों के आसरे रहने वाला पूरा क्षेत्र संकट की स्थिति में है। केवल निजी नलकूप वाले किसान अपने खेतों में सिंचाई कर पा रहे हैं, बाकी किसानों की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
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महरौनी तहसील के ग्राम बर्जरा निवासी किसान राकेश यादव (36) पुत्र करन सिंह सोमवार को खेत पर जाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने राकेश की तलाश की, तो गांव के ही एक खेत में लगे चिरौल के पेड़ से उसका शव लटकता पाया गया। आनन- फानन में उसे पेड़ से उतारा गया और अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण उपरांत उसे मृत घोषित कर दिया।
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मृतक के पिता करन यादव ने बताया कि उसके परिवार के पास चार एकड़ जमीन है, जिस पर खेती करके राकेश व उसका छोटा भाई अपने परिवार का भरण पोषण करते हैं। बारिश नहीं होने की वजह से खरीफ की फसल पूरी तरह से नष्ट हो गई थी, जिससे राकेश पर कर्जा हो गया था।
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रबी की फसल से उम्मीद में राकेश ने गेहूं की फसल बोई थी। गांव में सिंचाई का साधन सजनाम बांध से निकली भड़रुऊ माइनर है। माइनर में शुरुआती दिनों में पानी आने के कारण राकेश ने पलेवा कर गेहूं की फसल की बुआई कर दी थी। लेकिन, सजनाम बांध में पानी नहीं होने से नहरें सूखी पड़ी हैं और किसानों को फसल के लिए पानी उपलब्ध नहीं हो पा रहा है।
पानी की कमी के कारण राकेश की फसल सूखने लगी थी, जिस कारण से वह मानसिक चिंता में था। इसी चिंता के कारण उसने सोमवार को फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की दो पुत्रियां हैं। परिजनों के मुताबिक राकेश पर करीब डेढ़ लाख रुपए कर्जा था। उसे पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
ग्राम बजर्रा ही नहीं, क्षेत्र की स्थिति भयावह
ललितपुर। बरसात नहीं होने के कारण ग्राम बर्जरा में ही सिंचाई का संकट नहीं है, बल्कि बार, महरौनी व मड़ावरा ब्लॉक की हालत एक जैसी बनी हुई है। सजनाम बांध से इस बार नहर एक नवंबर से 13 दिसंबर तक चलाई गई, दोबारा नहर का संचालन बीस दिसंबर से 31 दिसंबर तक किया गया।
इस बार सजनाम बांध में बहुत कम पानी होने के कारण सभी गांवों में पानी पहुंचना संभव नहीं हो पाया। वर्तमान में बांध में पानी का स्तर फाटकों के नीचे चले जाने से अब नहरों का संचालन संभव नहीं है। बांध में पानी की कमी के कारण ही सजनाम बांध की नहरों के आसरे रहने वाला पूरा क्षेत्र संकट की स्थिति में है। केवल निजी नलकूप वाले किसान अपने खेतों में सिंचाई कर पा रहे हैं, बाकी किसानों की स्थिति दयनीय बनी हुई है।