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Lalitpur News: श्रम विभाग ने दो बाल श्रमिकों को कराया मुक्त
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। श्रम विभाग ने कस्बा बिरधा में बाल श्रम को रोकने के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान दो ढाबे पर बाल श्रमिक पाए जाने पर उन्हें मुक्त कराते हुए, ढाबा संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया।
श्रम विभाग की टीम ने सोमवार को ब्लॉक बिरधा क्षेत्र में छापेमारी कर दो बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया। साथ ही बालश्रम कराने के आरोप में दो ढाबा संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम ने क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों और ढाबों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो ढाबों पर बाल एवं किशोर श्रमिक कार्य करते पाए गए, जिसके बाद नियमानुसार सेवायोजकों के खिलाफ निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए नोटिस थमाए गए।
अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 तथा संशोधित बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 2016 के तहत की गई है। अभियान के दौरान व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम कानूनों की जानकारी भी दी गई और बच्चों को श्रम में लगाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। टीम ने स्पष्ट किया कि जिले में बाल श्रम उन्मूलन अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही शादी-विवाह समारोह, टेंट, कैटरिंग, ढोल-डीजे और अन्य आयोजनों में यदि कोई बाल या किशोर श्रमिक कार्य करता मिला, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और बाल श्रम से मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभियान के तहत आगे भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
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ललितपुर। श्रम विभाग ने कस्बा बिरधा में बाल श्रम को रोकने के लिए अभियान चलाया। अभियान के दौरान दो ढाबे पर बाल श्रमिक पाए जाने पर उन्हें मुक्त कराते हुए, ढाबा संचालकों के खिलाफ नोटिस जारी किया गया।
श्रम विभाग की टीम ने सोमवार को ब्लॉक बिरधा क्षेत्र में छापेमारी कर दो बाल एवं किशोर श्रमिकों को मुक्त कराया। साथ ही बालश्रम कराने के आरोप में दो ढाबा संचालकों को नोटिस जारी किए गए हैं। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार के नेतृत्व में चली इस कार्रवाई में प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारियों की संयुक्त टीम शामिल रही। टीम ने क्षेत्र में विभिन्न प्रतिष्ठानों और ढाबों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान दो ढाबों पर बाल एवं किशोर श्रमिक कार्य करते पाए गए, जिसके बाद नियमानुसार सेवायोजकों के खिलाफ निरीक्षण टिप्पणी जारी करते हुए नोटिस थमाए गए।
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अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई बाल श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 1986 तथा संशोधित बाल एवं किशोर श्रम (प्रतिषेध एवं विनियमन) अधिनियम 2016 के तहत की गई है। अभियान के दौरान व्यापारियों और प्रतिष्ठान संचालकों को बाल श्रम कानूनों की जानकारी भी दी गई और बच्चों को श्रम में लगाने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई। टीम ने स्पष्ट किया कि जिले में बाल श्रम उन्मूलन अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके साथ ही शादी-विवाह समारोह, टेंट, कैटरिंग, ढोल-डीजे और अन्य आयोजनों में यदि कोई बाल या किशोर श्रमिक कार्य करता मिला, तो संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। श्रम प्रवर्तन अधिकारी अनिल कुमार ने कहा कि बच्चों को शिक्षा से जोड़ना और बाल श्रम से मुक्त कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। अभियान के तहत आगे भी जिले के विभिन्न क्षेत्रों में औचक निरीक्षण किए जाएंगे।
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