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कौन देगा सहरियों को सहारा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 31 Dec 2017 01:09 AM IST
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lalitpur news
- फोटो : demo
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वार्ड नंबर नंबर चौदह रावतयाना द्वितीय में रहने वाले सहरिया आदिवासियों की प्रशासन द्वारा अनदेखी की जा रही है। यहां न तो अच्छी सड़कें है न नालियां बनाई गई हैं। व्यक्तिगत शौचालय भी नहीं हैं। यहां तक कि यहां के निवासियों को कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर किनारे के वार्डों का विकास समुचित विकास नहीं हो सका है। वार्ड नंबर चौदह रावतयाना द्वितीय में सहरिया बस्ती का बुरा हाल है। यहां रहने वाले सहरिया आदिवासी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां न केवल तंग गलियां हैं बल्कि मकान व नालियां कच्ची है। जिस वजह से बस्ती में साफ-सफाई की समस्या बनी रहती है। कंटेनर के अभाव में बस्ती का कचरा शहजाद नदी के किनारे फेंका जाता है। यही नहीं, बस्ती में कभी कभार ही सफाई होती है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या रोजगार व बिजली की है। गरीबी में जीवनयापन कर रहे सहरियां अपने घरों में बिजली का कनेक्शन भी नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, पेंशन सरीखी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस बस्ती से सटे हुए इलाके में सीसी रोड गड्ढों में तब्दील हो गया है। इसके बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। इससे मुहल्लेवासियों में रोष पनप रहा है।
खुद करते हैं नालियों की सफाई
घरों से निकलने वाले कचरा को कहां डालें? आज तक नगर पालिका इसकी कोई व्यवस्था नहीं की है। मजबूरन, नदी में कचरा फेंकना पड़ता है। सफाई कर्मियों द्वारा नालियों की सफाई कभी कभार की जाती है। जिस कारण उन्हें खुद नालियों की सफाई करनी पड़ती है।
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सावित्री, स्थानीय महिला
कई घरों में नहीं बिजली का कनेक्शन
सहरियों के साथ मुस्लिम परिवारों की कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार की योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां रहने वाले परिवार पेंशन सरीखी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। कई घरों में लोग गरीबी के कारण बिजली का कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। जिस कारण कई घरों में लैंप से उजाला होता है।
बनवाया जा रहा सामुदायिक शौचालय
सहरिया बस्ती में सफाई नियमित कराई जाएगी। वहीं, शौचालय की समस्या का समाधान किया जा रहा है। रामलीला मैदान के पास सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है।
रजनी साहू
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद ललितपुर।
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लाखों रुपये खर्च करने के बाद भी शहर किनारे के वार्डों का विकास समुचित विकास नहीं हो सका है। वार्ड नंबर चौदह रावतयाना द्वितीय में सहरिया बस्ती का बुरा हाल है। यहां रहने वाले सहरिया आदिवासी विभिन्न समस्याओं से जूझ रहे हैं। यहां न केवल तंग गलियां हैं बल्कि मकान व नालियां कच्ची है। जिस वजह से बस्ती में साफ-सफाई की समस्या बनी रहती है। कंटेनर के अभाव में बस्ती का कचरा शहजाद नदी के किनारे फेंका जाता है। यही नहीं, बस्ती में कभी कभार ही सफाई होती है। इसके अलावा सबसे बड़ी समस्या रोजगार व बिजली की है। गरीबी में जीवनयापन कर रहे सहरियां अपने घरों में बिजली का कनेक्शन भी नहीं ले पा रहे हैं। वहीं, पेंशन सरीखी योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। इस बस्ती से सटे हुए इलाके में सीसी रोड गड्ढों में तब्दील हो गया है। इसके बाद भी इसकी सुध नहीं ली जा रही है। इससे मुहल्लेवासियों में रोष पनप रहा है।
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खुद करते हैं नालियों की सफाई
घरों से निकलने वाले कचरा को कहां डालें? आज तक नगर पालिका इसकी कोई व्यवस्था नहीं की है। मजबूरन, नदी में कचरा फेंकना पड़ता है। सफाई कर्मियों द्वारा नालियों की सफाई कभी कभार की जाती है। जिस कारण उन्हें खुद नालियों की सफाई करनी पड़ती है।
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सावित्री, स्थानीय महिला
कई घरों में नहीं बिजली का कनेक्शन
सहरियों के साथ मुस्लिम परिवारों की कोई सुनने वाला नहीं है। सरकार की योजनाओं का भी लाभ नहीं मिल पा रहा है। यहां रहने वाले परिवार पेंशन सरीखी योजनाओं के लाभ से वंचित हैं। कई घरों में लोग गरीबी के कारण बिजली का कनेक्शन नहीं ले पा रहे हैं। जिस कारण कई घरों में लैंप से उजाला होता है।
बनवाया जा रहा सामुदायिक शौचालय
सहरिया बस्ती में सफाई नियमित कराई जाएगी। वहीं, शौचालय की समस्या का समाधान किया जा रहा है। रामलीला मैदान के पास सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराया जा रहा है।
रजनी साहू
अध्यक्ष, नगर पालिका परिषद ललितपुर।