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खुले ट्रांसफार्मर दे रहे हादसे को दावत
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तालाबपुरा में खुला रखा ट्रांसफार्मर।
- फोटो : LALITPUR
खुले में रखे ट्रांसफार्मर दे रहे हादसे को दावत
ललितपुर। शहर में खुले में ट्रांसफार्मर रखकर विद्युत विभाग आम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। अधिकांश ट्रांसफार्मरों बिना जालियों की लगे हैं। इनके खुले तार लटक रहे हैं। बरसात के मौसम में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। इसके बाद भी विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है।
बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर रखने के लिए तमाम नियम बनाए गए हैं। इनमें ट्रांसफार्मर को चबूतरे पर रखना चाहिए। ट्रांसफार्मर में आने वाली सप्लाई के तारों में गार्डिंग लगी होना आवश्यक है। ट्रांसफार्मर को जाली के घेरे में रखना जरूरी है। लेकिन, विभाग द्वारा नियमों से खिलवाड़कर ट्रांसफार्मर रख दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को करंट आने का भय बना रहता है। इसके नजदकी से आने- जाने पर करंट लगने की संभावना बनी रहती है।
शहर के मोहल्ला तालाबपुरा में स्वतंत्रता सेनानी गेट के पास खुले में ट्रांसफार्मर रखा गया है। जिसके आस-पास जाली का घेरा नहीं बनाया गया है, केवल खुले में ट्रांसर्फामर लगा दिया है। जिससे आस-पास के लोगों को इसके पास से गुजरने पर करंट का भय लगतास है। बच्चों के चपेट में आने की संभावना रहती है, जिससे उनकी अधिक देखरेख करना पड़ती है। यहां पर कई बार जानवरों की करंट की चपेट में आने के कारण मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अधिकारी मौन बने हुए हैं। जिससे किसी बड़ी घटना होने से भी इंतजार नहीं किया जा सका है। कमोवेश यही स्थिति नेहरुनगर व जुगपुरा की है। जहां पर आम लोगों को करंट का भय बना रहता है। शहर में लटक रहे जर्जर तारों के कारण भी खतरा बना रहता है।
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बरसात के मौसम में रहता अधिक खतरा
बरसात के साथ ही कभी-कभी आंधी आ जाती है। ऐसे में मोहल्लों में लटक रहे जर्जर तारों के टूटकर गिरने की संभावना होती है। कई बार टूट कर गिर भी चुके हैं। लेकिन, अभी तक जर्जर तारों को नहीं बदला गया है। अब बरसात का मौसम शुरु हो रहा है। जमीनों में नमी रहती है, जिससे ट्रांसफार्मरों के पास से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। जमीन गीली होने के कारण करंट जमीन में भी दौड़ जाता है, जिससे करंट लगने की अधिक संभावनाएं होती हैं।
खुले में रखे ट्रांसफार्मरों का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद एस्टीमेट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही जालियां लगाकर सुरक्षित किया जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशाषी अभियंता
विद्युत वितरण खंड
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ललितपुर। शहर में खुले में ट्रांसफार्मर रखकर विद्युत विभाग आम लोगों की जान से खिलवाड़ कर रहा है। अधिकांश ट्रांसफार्मरों बिना जालियों की लगे हैं। इनके खुले तार लटक रहे हैं। बरसात के मौसम में हादसों का खतरा और बढ़ जाता है। इसके बाद भी विभाग का इस ओर ध्यान नहीं है।
बिजली विभाग द्वारा ट्रांसफार्मर रखने के लिए तमाम नियम बनाए गए हैं। इनमें ट्रांसफार्मर को चबूतरे पर रखना चाहिए। ट्रांसफार्मर में आने वाली सप्लाई के तारों में गार्डिंग लगी होना आवश्यक है। ट्रांसफार्मर को जाली के घेरे में रखना जरूरी है। लेकिन, विभाग द्वारा नियमों से खिलवाड़कर ट्रांसफार्मर रख दिए गए हैं, जिससे आम लोगों को करंट आने का भय बना रहता है। इसके नजदकी से आने- जाने पर करंट लगने की संभावना बनी रहती है।
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शहर के मोहल्ला तालाबपुरा में स्वतंत्रता सेनानी गेट के पास खुले में ट्रांसफार्मर रखा गया है। जिसके आस-पास जाली का घेरा नहीं बनाया गया है, केवल खुले में ट्रांसर्फामर लगा दिया है। जिससे आस-पास के लोगों को इसके पास से गुजरने पर करंट का भय लगतास है। बच्चों के चपेट में आने की संभावना रहती है, जिससे उनकी अधिक देखरेख करना पड़ती है। यहां पर कई बार जानवरों की करंट की चपेट में आने के कारण मौत हो चुकी है। इसके बाद भी अधिकारी मौन बने हुए हैं। जिससे किसी बड़ी घटना होने से भी इंतजार नहीं किया जा सका है। कमोवेश यही स्थिति नेहरुनगर व जुगपुरा की है। जहां पर आम लोगों को करंट का भय बना रहता है। शहर में लटक रहे जर्जर तारों के कारण भी खतरा बना रहता है।
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बरसात के मौसम में रहता अधिक खतरा
बरसात के साथ ही कभी-कभी आंधी आ जाती है। ऐसे में मोहल्लों में लटक रहे जर्जर तारों के टूटकर गिरने की संभावना होती है। कई बार टूट कर गिर भी चुके हैं। लेकिन, अभी तक जर्जर तारों को नहीं बदला गया है। अब बरसात का मौसम शुरु हो रहा है। जमीनों में नमी रहती है, जिससे ट्रांसफार्मरों के पास से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। जमीन गीली होने के कारण करंट जमीन में भी दौड़ जाता है, जिससे करंट लगने की अधिक संभावनाएं होती हैं।
खुले में रखे ट्रांसफार्मरों का सर्वे कराया जाएगा। इसके बाद एस्टीमेट बनाकर स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। स्वीकृति मिलते ही जालियां लगाकर सुरक्षित किया जाएगा।
- शैलेंद्र कुमार कटियार, अधिशाषी अभियंता
विद्युत वितरण खंड