मड़ावरा। पिछले कई वर्षों से खरीफ की फसल में नुकसान उठा रहे क्षेत्रीय किसानों को इस साल भी सोयाबीन एवं उड़द की फसल में घाटा होता नजर आ रहा है। बृहस्पतिवार को बर्बाद हुई फसलों के पौधे लेकर एसडीएम कार्यालय पहुंचे ग्राम गिदवाहा और रनगांव के किसानों ने ज्ञापन सौंपते हुए इल्ली लगने से सोयाबीन और उड़द की बर्बाद हुई फसल की क्रॉप कटिंग कराते हुए फसल बीमा दिलाए जाने की मांग की गई।
किसानों ने बताया कि करीब 10 से 15 हजार रुपये प्रति एकड़ की लागत से बोई गई फसल बर्बाद हो जाने से उनके सिर पर केसीसी एवं अन्य साहूकारों का कर्ज बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2019 में भी फसलों को नुकसान होने पर प्रभावित किसानों को प्रीमियम काटने के बाद भी फसल बीमा नहीं दिया गया। फिलहाल उरद और सोयाबीन की फसल खेतों में कटाई के लिए खड़ी है लेकिन इल्ली लगने और बार-बार बारिश होने के चलते उत्पादन की उम्मीद समाप्त होते दिख रही है। किसानों ने एसडीएम केके सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए खरीफ की फसल की क्रॉप कटिंग कराते हुए बीमा कंपनी से फसल बीमा दिलाए जाने की मांग की है। इस मौके पर अनरथ सिंह, सीताराम, गंगाराम, दशरथ, जगन्नाथ, मेघराज, मिट्ठू, धनसिंह, प्यारेलाल समेत तमाम किसान मौजूद रहे।