फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   kharif crop crisis, no rain

मूंगफली, सोयाबीन व धान की फसल की बुवाई का निकला समय

Tue, 06 Jul 2021 12:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 06 Jul 2021 12:33 AM IST
विज्ञापन
kharif crop crisis, no rain
ललितपुर। खरीफ की फसल की बुवाई में एक सप्ताह मात्र बचा है, बारिश न होने किसानों को बुवाई की चिंता सता रही है। बुवाई के लिए खाद बीज शोधन और खेतों की जुताई किए तैयार हैं। किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश न होने से मूंगफली, सोयाबीन, धान और अरहर की फसल की बुवाई का समय निकल गया है। एक सप्ताह में बारिश न होने पर अन्य फसलों की बुवाई का समय भी बीत जाएगा।
विज्ञापन

जिले में तीन लाख नौ हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल की बुवाई की जाएगी। कृषि विभाग द्वारा बुवाई की पूरी तैयारी हो चुकी है। किसानों को अनुदान पर मिलने वाले बीज का भी वितरण शुरू हो गया है। वहीं, किसानों भी बुवाई की तैयारी पूरी कर ली है। बीजों का शोधन, खेतों में जुताई भी कर ली है। खरीफ की फसल की बुवाई 15 जून से शुरू होकर 15 जुलाई तक होती है। लेकिन बारिश नहीं होने खरीफ फसल की बुवाई की चिंता सताने लगी है। बुवाई के समय में 21 दिन का समय निकल गया, लेकिन बारिश नहीं हुई है। ऐसे में कई फसलों की बुवाई समय भी बीत गया है। कृषि जानकारों ने बताया कि 20 जून से सात जुलाई तक मूंगफली, सोयाबीन, धान व अरहर की फसल की बुवाई होती है। इसके बाद बुवाई नहीं की जा सकती है। बारिश के अभाव में इन फसलों की बुवाई नहीं हो सकी है। अब इन फसलों की बुवाई नहीं हो सकेगी। एक सप्ताह तक बारिश नहीं होती है, तब कई अन्य फसलों के उत्पादन पर भी प्रभाव पड़ जाएगा। खरीफ की बुवाई में भी फसलों का अलग-अलग समय तय किया जाता है। साथ ही जमीन में लगभग पांच से छह इंच तक नमी होने पर ही बुवाई की जाती है। खरीफ की फसल की बुवाई का सही समय मात्र दस दिन शेष बचे हैं। ऐसे में एक सप्ताह में बारिश न होने पर अन्य फसलों की बुवाई भी पिछड़ जाएगी।
विज्ञापन

खरीफ की फसल की बुवाई बारिश होने पर 15 जून से शुरू कर देते थे, लेकिन इस बार तो पांच जुलाई हो गई है। बारिश नहीं होने से अब मूंगफली, व सोयाबीन नहीं बो सकेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

- जगन
समय पर बारिश होने से फसल की पैदावार भी अच्छी होती है। अब समय बीत रहा है। एक सप्ताह में बुवाई न होने पर पैदावार पर भी असर पड़ेगा।
- रतीराम
मड़ावरा और महरौनी के कुछ गांव में हो चुकी थी बुवाई
बीते दिनों हल्की बारिश के बाद महरौनी व मड़ावरा क्षेत्र के कुछ गांव के किसानों ने उड़द व मक्का की फसल की बुवाई कर दी थी। इसमें कई गांव में बारिश न होने से अंकुरित बीज सूख कर नष्ट हो गए। वहीं, कुछ गांव में बारिश व खेतों में नमी न होन से बीज भी अंकुरित नहीं हो सके। ऐसे में किसानों की परेशानी बढ़ गई है। इस सप्ताह बारिश न होने से किसानों की मेहनत पूरी तरह बेकार हो जाएगी। अब किसानों को दोबारा बुवाई करने की नौबत आ रही है।
बारिश लेट होने से अब किसान 31 जुलाई तक उड़द, मूंग व तिल आदि फसलों की बुवाई कर सकते हैं। खेतों में पर्याप्त नमी आने पर ही बुवाई करें।
- रामबिहारी निरंजन, प्रावधिक सहायक, कृषि विभाग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed