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सूखने लगा प्रसिद्ध केवड़ा का बाग
ब्यूराे/अमर उजाला
Updated Sun, 21 Feb 2016 12:57 AM IST
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पुलवारा (ललितपुर)। सूखा की मार से जिले का प्रसिद्ध केवड़ा बाग के पेड़ सूखने लगे हैं। यदि जल्द ही इस ओर ध्यान नहीं दिया गया तो सुंदरता की यह अनमोल विरासत धीरे-धीरे नष्ट हो जाएगी।
कस्बा बार स्थित प्रसिद्ध केवड़ा का बाग प्रकृति की सूखा की मार नहीं झेल पा रहा है। केवड़ा का बाग जिले में इकलौता बाग है, जिसके कारण यह कस्बा बार की सुंदरता में चार चांद लगाता है। कस्बा बार के तालाब में कम पानी होने के कारण केवड़ा के पेड़ सूखने लगे हैं। केवड़ा के फूलों से आने वाली खुशबू और सुंदरता के कारण काफी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। केवड़ा फूलों से निर्मित होने वाले इत्र के कारोबारी भी यहां आते हैं और यहीं पर रुककर इत्र बनाते हैं। लेकिन, इस बार जिले में पड़े सूखा के कारण केवड़ा के पेड़ सूखने लगे हैं। यह पेड़ नमी वाले स्थानों पर ही उगते हैं। बार के तालाब के किनारे नमीं रहने के कारण यह बगीचा फलता-फूलता रहा है, लेकिन इस बार सूखा के कारण यहां का तालाब सूखने की कगार है। आसपास के गांवों को होने वाली पेयजल की आपूर्ति भी इसी तालाब से होती है।
हालांकि, जिला प्रशासन ने इस तालाब को जाखलौन पंप केनाल के सहारे गोविंद सागर बांध, फिर बार के तालाब को भरवाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में केवड़ा बाग के पेड़ों पर सूखा का विपरीत असर दिखाई देने लगा है। अगर जल्द ही पानी की कमी दूर नहीं हुई, तो यह प्रसिद्ध केवड़ा का बाग सूख जाएगा।
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15 दिन से हैंडपंप खराब
बांसी (ललितपुर)। कस्बा बांसी में पेयजल संकट गहराया है। इसके बाद भी यहां के करीब एक दर्जन हैंडपंप खराब पड़े हैं। पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित हैंडपंप 15 दिन से खराब है, लेकिन सुधारा नहीं जा सका है। ग्रामीणों ने हैंडपंप सुधारे जाने की मांग की, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने खराब पड़े हैंडपंप जल्द सुधारे जाने, अनेक हैंडपंपों में पाइप बढ़ाए जाने व रीबोर कराने की मांग की है।
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कस्बा बार स्थित प्रसिद्ध केवड़ा का बाग प्रकृति की सूखा की मार नहीं झेल पा रहा है। केवड़ा का बाग जिले में इकलौता बाग है, जिसके कारण यह कस्बा बार की सुंदरता में चार चांद लगाता है। कस्बा बार के तालाब में कम पानी होने के कारण केवड़ा के पेड़ सूखने लगे हैं। केवड़ा के फूलों से आने वाली खुशबू और सुंदरता के कारण काफी संख्या में पर्यटक यहां आते हैं। केवड़ा फूलों से निर्मित होने वाले इत्र के कारोबारी भी यहां आते हैं और यहीं पर रुककर इत्र बनाते हैं। लेकिन, इस बार जिले में पड़े सूखा के कारण केवड़ा के पेड़ सूखने लगे हैं। यह पेड़ नमी वाले स्थानों पर ही उगते हैं। बार के तालाब के किनारे नमीं रहने के कारण यह बगीचा फलता-फूलता रहा है, लेकिन इस बार सूखा के कारण यहां का तालाब सूखने की कगार है। आसपास के गांवों को होने वाली पेयजल की आपूर्ति भी इसी तालाब से होती है।
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हालांकि, जिला प्रशासन ने इस तालाब को जाखलौन पंप केनाल के सहारे गोविंद सागर बांध, फिर बार के तालाब को भरवाने के निर्देश दिए हैं। लेकिन, अभी तक इस ओर कोई कदम नहीं उठाया गया है। ऐसे में केवड़ा बाग के पेड़ों पर सूखा का विपरीत असर दिखाई देने लगा है। अगर जल्द ही पानी की कमी दूर नहीं हुई, तो यह प्रसिद्ध केवड़ा का बाग सूख जाएगा।
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15 दिन से हैंडपंप खराब
बांसी (ललितपुर)। कस्बा बांसी में पेयजल संकट गहराया है। इसके बाद भी यहां के करीब एक दर्जन हैंडपंप खराब पड़े हैं। पंजाब नेशनल बैंक के सामने स्थित हैंडपंप 15 दिन से खराब है, लेकिन सुधारा नहीं जा सका है। ग्रामीणों ने हैंडपंप सुधारे जाने की मांग की, लेकिन विभाग इस ओर ध्यान नहीं दे रहा है। उन्होंने खराब पड़े हैंडपंप जल्द सुधारे जाने, अनेक हैंडपंपों में पाइप बढ़ाए जाने व रीबोर कराने की मांग की है।