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Lalitpur News: जिले में करकरावल को बनाया जाएगा ईको टूरिज्म प्वाइंट
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- शासन की मंजूरी के बाद जिला प्रशासन कार्ययोजना तैयार करने में जुटा
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बेतवा नदी पर ग्राम बादरौन के पास बेतवा नदी का प्राकृतिक जलप्रपात है, इसे कुछ वर्ष पूर्व पर्यटन प्वाइंट घोषित करते हुए यहां पर पर्यटन विकास के कार्य कराए गए थे। अब शासन ने इसे ईको टूरिज्म प्वाइंट घोषित करने की तैयार प्रारंभ कर दी है।
जनपद में पर्यटन की दृष्टि से कई धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक व प्राचीनस्थल हैं, जिला प्रशासन ने इन पर्यटनस्थल को विकसित करने के लिए शासनस्तर पर प्रस्ताव भेजे हैं। कई योजनाओं के विकास के लिए शासन ने धनराशि भी निर्गत की है। इन स्थलों में विकास्रखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम बादरौन के समीप बेतवा नदी का प्राकृतिक जलप्रपात है। यह स्थान प्राकृतिक रूप से बहुत ही सुंदर है। यहां पर बेतवा नदी की धारा बड़ी-बड़ी चट्टानों के ऊपर से गिरती है। यहां पर पानी के तेज करकल ध्वनि होती है। इसलिए इस क्षेत्र का नाम करकरावल पड़ा है। हालही में शासन ने यहां पर 2.87 करोड़ रुपये पर्यटन विकास योजना को स्वीकृत किए थे। इस धनराशि से यहां पर सरफेस पार्किंग रोड, पथवे, लैंड स्कैपिंग, साइनेज, रिटेनिंग बॉल, सैंड स्टोन बैंच, डस्टबिन, सोलर पैनल, टाॅयलेट व सीसी रोड आदि के कार्य कराए गए थे। अब शासन ने इस स्थान को ईको टूरिज्म में शामिल किया है। जंगलों से जलप्रपात तक जाने वाला रास्ता इस स्थान की खूबसूरती बढ़ा देता है। ऐसे में अब नई कार्ययोजना के अनुसार यहां पर कार्य होने से लोग सीधे प्रकृति से जुड़ सकेंगे। इस संबंध में शेषनाथ चौहान, मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि करकरावल को जिला प्रशासन ने पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया है, इसको शासन ने ईको टूरिज्म में शामिल किया है।
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ललितपुर। बेतवा नदी पर ग्राम बादरौन के पास बेतवा नदी का प्राकृतिक जलप्रपात है, इसे कुछ वर्ष पूर्व पर्यटन प्वाइंट घोषित करते हुए यहां पर पर्यटन विकास के कार्य कराए गए थे। अब शासन ने इसे ईको टूरिज्म प्वाइंट घोषित करने की तैयार प्रारंभ कर दी है।
जनपद में पर्यटन की दृष्टि से कई धार्मिक, ऐतिहासिक, प्राकृतिक व प्राचीनस्थल हैं, जिला प्रशासन ने इन पर्यटनस्थल को विकसित करने के लिए शासनस्तर पर प्रस्ताव भेजे हैं। कई योजनाओं के विकास के लिए शासन ने धनराशि भी निर्गत की है। इन स्थलों में विकास्रखंड जखौरा अंतर्गत ग्राम बादरौन के समीप बेतवा नदी का प्राकृतिक जलप्रपात है। यह स्थान प्राकृतिक रूप से बहुत ही सुंदर है। यहां पर बेतवा नदी की धारा बड़ी-बड़ी चट्टानों के ऊपर से गिरती है। यहां पर पानी के तेज करकल ध्वनि होती है। इसलिए इस क्षेत्र का नाम करकरावल पड़ा है। हालही में शासन ने यहां पर 2.87 करोड़ रुपये पर्यटन विकास योजना को स्वीकृत किए थे। इस धनराशि से यहां पर सरफेस पार्किंग रोड, पथवे, लैंड स्कैपिंग, साइनेज, रिटेनिंग बॉल, सैंड स्टोन बैंच, डस्टबिन, सोलर पैनल, टाॅयलेट व सीसी रोड आदि के कार्य कराए गए थे। अब शासन ने इस स्थान को ईको टूरिज्म में शामिल किया है। जंगलों से जलप्रपात तक जाने वाला रास्ता इस स्थान की खूबसूरती बढ़ा देता है। ऐसे में अब नई कार्ययोजना के अनुसार यहां पर कार्य होने से लोग सीधे प्रकृति से जुड़ सकेंगे। इस संबंध में शेषनाथ चौहान, मुख्य विकास अधिकारी ने बताया कि करकरावल को जिला प्रशासन ने पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया है, इसको शासन ने ईको टूरिज्म में शामिल किया है।
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