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Lalitpur News: कचनौंदा बांध किसानों की सिचाई का बना सहारा, पहली बार नहर से हुई सिंचाई

Mon, 19 May 2025 01:04 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 19 May 2025 01:04 AM IST
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Kachnaunda dam became a support for irrigation for the farmers, irrigation was done through canal for the first time
ललितपुर। आधुनिक टेक्नोलॉजी से नव निर्मित कचनौंदा बांध से इस रबी के सीजन में नहरों का संचालन किया गया और करीब 2276 हेक्टेयर भूमि सिंचित की गई। अब इस साल रबी के सीजन में बांध से सिंचाई के लिए निर्धारित किए गए क्षेत्रफल को पूरा करने में सिंचाई विभाग जुट गया है। जिसके लिए रजवाहा और माइनर को निर्मित कराया जा रहा है।
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शहर से करीब बीस किलोमीटर दूर बानपुर क्षेत्र में सजनाम नदी पर वर्ष 2007-08 में कचनौंदा बांध परियोजना शुरू की गई थी। परियोजना की लागत करीब तीन सौ करोड़ तय की गई थी। बांध परियोजना को वर्ष 2012 में पूरा होना था लेकिन वर्ष 2014 में यह पूरा हो सका था। लेकिन बांध से निकलने वाली नहर का निर्माण न होने के कारण बांध की उपयोगिता कृषि हित में नहीं हो पा रही थी। नहर का निर्माण न होने का बड़ा कारण था रेलवे लाइन, जिसके नीचे से नहर निकालने के लिए पुलिया निर्माण किया जाना था। रेलवे विभाग ने अनुमति मिलने के बाद नहर निर्माण शुरू किया गया था। जोकि वर्ष 2024 में पूर्ण हुई। इस रबी के सीजन में बांध से नहरों का संचालन रोस्टर के अनुसार शुरू किया गया था। इस रबी के सीजन में कचनौंदा बांध से संचालित हुई नहरों के जरिए 2276 हेक्टेयर भूमि सिंचित की गई। जिसका किसानों को मिला और उन्हें फसल सिंचाई के लिए पानी को यहां-वहां नहीं भटकना पड़ा। अब सिंचाई विभाग आने वाले रबी के सीजन में इस लक्ष्य को बढ़ाकर और अधिक करने की कवायद में जुट गया है। जिसके लिए नहरों से रजवाहा और माइनर को निर्मित करा रहा है। जिसका काम अंतिम चरणों में चल रहा है। विभागीय अधिकारियों ने बताया कि इस साल बांध के निर्धारित सिंचित लक्ष्य को पूरा किया जाएगा।
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40 किलोमीटर लंबी है नहर प्रणाली
कचनौंदा बांध से 40 किलोमीटर लंबी दो मुख्य नहरें निकाली गई है। जिसमें दांसी और बांयी नहरें हैं। इन नहरों के जरिए 7850 हेक्टेयर भूमि सिंचित करने का लक्ष्य है। नहर परियोजना से 17 गांव के 12 हजार किसान लाभांवित होंगे।
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आधुनिक मशीनों से सुसज्जित है बांध में लगे गेट
कचनौंदा बांध आधुनिक तकनीकी से निर्मित किया गया है। इसमें नौ गेट लगाए गए हैं, जोकि आधुनिक मशीनों से सुसज्जित है। बांध की निगरानी लखनऊ से बैठकर भी सिंचाई विभाग के अधिकारी कर सकते हैं। बांध का पूर्ण जलस्तर 341.70 मीटर है और न्यूनतम जलस्तर 334.75 मीटर है। बांध में 69.00 मिलियन घनमीटर पानी संरक्षित करने की क्षमता है।

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कचनौंदा बांध से निकलने वाली नहरों से रबी के सीजन में करीब 2276 हेक्टेयर भूमि काे सिंचित किया गया है। इसका लाभ किसानों को मिला और उन्हें फसल सिंचाई को पानी के लिए यहां वहां नहीं भटकना पड़ा। इस साल रबी के सीजन में और अधिक भूमि को सिंचित किया जाएगा।
अजय कुमार, अधिशासी सहायक अभियंता, सिंचाई निर्माण खंड, प्रथम
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