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अभी तरक्की के इंतजार में आठ लोहिया गांव
ब्यूरो
Updated Fri, 15 Jan 2016 01:06 AM IST
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ललितपुर। डॉ. राममनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना में चयनित ग्रामों के सर्वांगीण विकास को भले ही प्रशासन द्वारा पूरी ताकत लगाई जा रही हो, पर लोहिया ग्राम अभी संतृप्त नहीं हो पा रहे हैं। इसकी बानगी चयनित आठ लोहिया ग्राम हैं, इनमें विकास कार्यों की गति का अंदाजा लगाया जा सकता है।
शासन ने पिछड़े गांवों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करने के उद्देश्य से डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना चला रखी है। योजनांतर्गत चयनित पिछड़े गांवों में विभिन्न कार्यक्रम चलाकर उनका समग्र विकास किया जाता है।
वर्ष 2012-13 में ग्राम जैरवारा, कालापहाड़, नगवास, पूराकलां, तेरई, थाना, धनगौल, गौना नाराहट, गुढ़ाबुजुर्ग, बैरवारा, ककरुवा, कैलगुवां, उदयपुरा, मर्रोली, पटऊवा, बिरधा, सतरवांस, पठा विजैपुरा व कुरौरा, वर्ष 2013-14 में ग्राम इकलगुवां, बुधैड़ी, कारीपहाड़ी, मैलार, इमलिया, जरावली, पुलवारा, चुनगी, दौलता, कड़सेराखुर्द, नैगुवां, देवरानकलां, पथराई,
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झरावटा, गुरयाना, गिदवाहा, लखंजर, डोंगराकलां, बंगरिया, कलरव व मुड़ारी, वर्ष 2014-15 में ग्राम बछरावनी, गदनपुर, नाराहट, बरेजा, बारौन, अजान, दिगवार, बारयो, वस्तगुवां, पारौन, बघौरा, खैराडांग, गुगरवारा, रघुनाथपुरा, जामुन धानाखुर्द, थनवारा, बुढ़वार, मसौराकलां, पाली ग्रामीण नटयाना, चीराकोड़र, तोर, मैनवार, जामुन धानाकलां व वर्ष 2015-16 में ग्राम मावलेन,
बहादुरपुर, सतगता, अमरपुर, मड़वारी, मिनौरा, मगरपुर, गढ़ौली, अमौदा, कैथोरा, गिल्टौरा, चकौरा, नौहरखुर्द, राजपुर, भुचेरा, पिपरट, गेवरा गुंदेरा, गढौलीकलां, बरौदिया, बड़गाना, बुदनी मड़ावरा, कुम्हैड़ी व रखवारा ग्राम चयनित किए गए।
शासन-प्रशासन चयनित ग्रामों को चिह्नित कार्यक्रमों से संतृप्त करने के लिए रात-दिन एक कर रहा है। इसके बाद भी ये गांव संतृप्त नहीं हो पा रहे हैं। वर्ष 2012-13 से लेकर वर्ष 2014-15 तक के तमाम गांव संतृप्त होने की राह देख रहे हैं। वर्ष 2012-13 के ग्राम बिरधा में आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे पड़े हैं। इसमें से एक जूनियर हाईस्कूल और दूसरा बस्ती में निर्मित हो रहा है।
वर्ष 2013-14 के ग्राम लखंजर में सोलर प्लांट नहीं लग सके हैं। इसी वर्ष के ग्राम मैलार में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूर्ण नहीं हो सका है। वर्ष 2014-15 के पारौन, खैराडांग, बघौरा, बारौन व गदनपुर में विद्युतीकरण अधूरा पड़ा है। गत दिवस जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप की चौपाल के दौरान विद्युत विभाग के अवर अभियंता मौके पर उपस्थित नहीं हुए थे, जिस कारण विद्युतीकरण की समीक्षा नहीं हो सकी है। इन हालात में शासन की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।
यह हैं चिह्नित कार्यक्रम
डॉ. लोहिया ग्रामों में संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, आंतरिक नालियों का निर्माण, स्वच्छ शौचालय, इंदिरा आवास, लोहिया आवास, स्वच्छ पेयजल, स्कूल भवन निर्माण, विकलांग पेंशन, समाजवादी पेंशन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, मनरेगा और पेंशन आदि कार्यक्रम लोहिया ग्रामों में वरीयता में शामिल किए गए हैं।
वर्ष 2015-16 पर नहीं ध्यान
जिला प्रशासन का फोकस अभी भी बीते वर्षों के चयनित लोहिया ग्रामों पर है, जिससे वर्ष 2015-16 के लोहिया ग्रामों पर अफसरों का ध्यान नहीं टिक पा रहा है।
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शासन ने पिछड़े गांवों को विकास की मुख्य धारा में शामिल करने के उद्देश्य से डॉ. राम मनोहर लोहिया समग्र ग्राम योजना चला रखी है। योजनांतर्गत चयनित पिछड़े गांवों में विभिन्न कार्यक्रम चलाकर उनका समग्र विकास किया जाता है।
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वर्ष 2012-13 में ग्राम जैरवारा, कालापहाड़, नगवास, पूराकलां, तेरई, थाना, धनगौल, गौना नाराहट, गुढ़ाबुजुर्ग, बैरवारा, ककरुवा, कैलगुवां, उदयपुरा, मर्रोली, पटऊवा, बिरधा, सतरवांस, पठा विजैपुरा व कुरौरा, वर्ष 2013-14 में ग्राम इकलगुवां, बुधैड़ी, कारीपहाड़ी, मैलार, इमलिया, जरावली, पुलवारा, चुनगी, दौलता, कड़सेराखुर्द, नैगुवां, देवरानकलां, पथराई,
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झरावटा, गुरयाना, गिदवाहा, लखंजर, डोंगराकलां, बंगरिया, कलरव व मुड़ारी, वर्ष 2014-15 में ग्राम बछरावनी, गदनपुर, नाराहट, बरेजा, बारौन, अजान, दिगवार, बारयो, वस्तगुवां, पारौन, बघौरा, खैराडांग, गुगरवारा, रघुनाथपुरा, जामुन धानाखुर्द, थनवारा, बुढ़वार, मसौराकलां, पाली ग्रामीण नटयाना, चीराकोड़र, तोर, मैनवार, जामुन धानाकलां व वर्ष 2015-16 में ग्राम मावलेन,
बहादुरपुर, सतगता, अमरपुर, मड़वारी, मिनौरा, मगरपुर, गढ़ौली, अमौदा, कैथोरा, गिल्टौरा, चकौरा, नौहरखुर्द, राजपुर, भुचेरा, पिपरट, गेवरा गुंदेरा, गढौलीकलां, बरौदिया, बड़गाना, बुदनी मड़ावरा, कुम्हैड़ी व रखवारा ग्राम चयनित किए गए।
शासन-प्रशासन चयनित ग्रामों को चिह्नित कार्यक्रमों से संतृप्त करने के लिए रात-दिन एक कर रहा है। इसके बाद भी ये गांव संतृप्त नहीं हो पा रहे हैं। वर्ष 2012-13 से लेकर वर्ष 2014-15 तक के तमाम गांव संतृप्त होने की राह देख रहे हैं। वर्ष 2012-13 के ग्राम बिरधा में आंगनबाड़ी केंद्र अधूरे पड़े हैं। इसमें से एक जूनियर हाईस्कूल और दूसरा बस्ती में निर्मित हो रहा है।
वर्ष 2013-14 के ग्राम लखंजर में सोलर प्लांट नहीं लग सके हैं। इसी वर्ष के ग्राम मैलार में आंगनबाड़ी केंद्र का भवन पूर्ण नहीं हो सका है। वर्ष 2014-15 के पारौन, खैराडांग, बघौरा, बारौन व गदनपुर में विद्युतीकरण अधूरा पड़ा है। गत दिवस जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप की चौपाल के दौरान विद्युत विभाग के अवर अभियंता मौके पर उपस्थित नहीं हुए थे, जिस कारण विद्युतीकरण की समीक्षा नहीं हो सकी है। इन हालात में शासन की मंशा पर पानी फिरता दिख रहा है।
यह हैं चिह्नित कार्यक्रम
डॉ. लोहिया ग्रामों में संपर्क मार्ग, विद्युतीकरण, आंतरिक नालियों का निर्माण, स्वच्छ शौचालय, इंदिरा आवास, लोहिया आवास, स्वच्छ पेयजल, स्कूल भवन निर्माण, विकलांग पेंशन, समाजवादी पेंशन, आंगनबाड़ी केंद्र भवन निर्माण, मनरेगा और पेंशन आदि कार्यक्रम लोहिया ग्रामों में वरीयता में शामिल किए गए हैं।
वर्ष 2015-16 पर नहीं ध्यान
जिला प्रशासन का फोकस अभी भी बीते वर्षों के चयनित लोहिया ग्रामों पर है, जिससे वर्ष 2015-16 के लोहिया ग्रामों पर अफसरों का ध्यान नहीं टिक पा रहा है।