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जिपं अध्यक्ष: सपा का दरकने लगा किला
ब्यूरो
Updated Fri, 01 Jan 2016 12:50 AM IST
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ललितपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में समाजवादी पार्टी की अंदरूनी लड़ाई खुलकर सामने आ गई है। बृहस्पतिवार को दो जिला पंचायत सदस्यों ने अपर जिलाधिकारी न्यायालय से नामांकन के लिए पर्चा खरीदा है, जिससे जिला पंचायत अध्यक्ष के चुुनाव में रोचक मोड़ आ गया है।
समाजवादी पार्टी ने जिले की जिला पंचायत सदस्य की 21 में से 17 सीटें जीती हैं। विपक्षी दल भाजपा व बसपा की झोली में दो-दो सीटें जिला पंचायत सदस्य की ही आई हैं। इस लिहाज से सपा का ही अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।
प्रदेश नेतृत्व ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी सरिता यादव को अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया है। सरिता यादव की उम्मीदवारी तय होते ही पार्टी में विरोध के स्वर फूटने लगे थे। बीते दिनों सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद यादव ने विरोध को शांत करने के उद्देश्य से सभी जिला पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई थी। इसमें आपसी समन्वय बैठाने की कोशिश की गई।
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इस दौरान सभी ने एकजुटता का संदेश देते हुए पार्टी के साथ रहने की बात कही थी। बैठक में चंद्रभूषण सिंह बुंदेला गुड्डू राजा, पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक यादव व कैलाश यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे थे।
लेकिन, नामांकन पत्रों की बिक्री का समय आते ही एकता का सच सामने आ गया। बृहस्पतिवार को पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार सरिता देवी के खिलाफ बगावत खुलकर सामने आ गई। बुढ़वार सीट से विजयी सरिता देवी ने जहां नामांकन के चार सेट खरीदे तो थाना सीट से जीतीं अतल देवी ने दो सेट खरीदे हैं। इससे पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
जिला पंचायत सदस्य अतल देवी के पुत्र व सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव का कहना है कि वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष की भूमिका दुकान आवंटन और भर्ती को लेकर संदिग्ध है। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। पार्टी ने इसकी अनदेखी कर पत्नी को उम्मीदवार बना दिया है। इसका उन्होंने विरोध प्रदेश स्तर एवं पार्टी की स्थानीय बैठक में किया था लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, इसलिए वह अपनी मां अतल देवी के साथ हैं। उनकी मां ने जिला पंचायत में सबसे बड़ी जीत दर्ज की है, इसके बाद भी उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। उन्होंने शुक्रवार को उनका पर्चा भरवाने की बात कही है।
आज नामांकन करेंगी सरिता यादव
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सरिता यादव का नामांकन एक जनवरी को किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने बताया कि सभी कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर प्रात: 10 बजे उपस्थित होंगे, जहां से दोपहर 12 बजे नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, वरिष्ठ नेता पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी सरिता यादव नामांकन जमा करने कलेक्ट्रेट जाएंगी।
बसपा व भाजपा सदस्यों की बढ़ी भूमिका
सपा में बगावत होने से बसपा व भाजपा के चुने गए जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका बढ़ गई है। दोनों दावेदार उन्हें अपने पाले में खींचने का प्रयास कर रहे हैं।
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समाजवादी पार्टी ने जिले की जिला पंचायत सदस्य की 21 में से 17 सीटें जीती हैं। विपक्षी दल भाजपा व बसपा की झोली में दो-दो सीटें जिला पंचायत सदस्य की ही आई हैं। इस लिहाज से सपा का ही अध्यक्ष बनना लगभग तय माना जा रहा है।
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प्रदेश नेतृत्व ने निवर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष शिशुपाल सिंह यादव की पत्नी सरिता यादव को अध्यक्ष का उम्मीदवार बनाया है। सरिता यादव की उम्मीदवारी तय होते ही पार्टी में विरोध के स्वर फूटने लगे थे। बीते दिनों सपा जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद यादव ने विरोध को शांत करने के उद्देश्य से सभी जिला पंचायत सदस्यों की बैठक बुलाई थी। इसमें आपसी समन्वय बैठाने की कोशिश की गई।
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इस दौरान सभी ने एकजुटता का संदेश देते हुए पार्टी के साथ रहने की बात कही थी। बैठक में चंद्रभूषण सिंह बुंदेला गुड्डू राजा, पूर्व जिलाध्यक्ष तिलक यादव व कैलाश यादव प्रमुख रूप से उपस्थित रहे थे।
लेकिन, नामांकन पत्रों की बिक्री का समय आते ही एकता का सच सामने आ गया। बृहस्पतिवार को पार्टी की अधिकृत उम्मीदवार सरिता देवी के खिलाफ बगावत खुलकर सामने आ गई। बुढ़वार सीट से विजयी सरिता देवी ने जहां नामांकन के चार सेट खरीदे तो थाना सीट से जीतीं अतल देवी ने दो सेट खरीदे हैं। इससे पार्टी की प्रतिष्ठा दांव पर लग गई है।
जिला पंचायत सदस्य अतल देवी के पुत्र व सांसद प्रतिनिधि राजेश यादव का कहना है कि वर्तमान जिला पंचायत अध्यक्ष की भूमिका दुकान आवंटन और भर्ती को लेकर संदिग्ध है। इससे पार्टी की छवि धूमिल हुई है। पार्टी ने इसकी अनदेखी कर पत्नी को उम्मीदवार बना दिया है। इसका उन्होंने विरोध प्रदेश स्तर एवं पार्टी की स्थानीय बैठक में किया था लेकिन उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखते हैं, इसलिए वह अपनी मां अतल देवी के साथ हैं। उनकी मां ने जिला पंचायत में सबसे बड़ी जीत दर्ज की है, इसके बाद भी उन्हें उम्मीदवार नहीं बनाया गया है। उन्होंने शुक्रवार को उनका पर्चा भरवाने की बात कही है।
आज नामांकन करेंगी सरिता यादव
जिला पंचायत अध्यक्ष पद के लिए समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सरिता यादव का नामांकन एक जनवरी को किया जाएगा। यह जानकारी देते हुए जिलाध्यक्ष आल्हा प्रसाद निरंजन ने बताया कि सभी कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पर प्रात: 10 बजे उपस्थित होंगे, जहां से दोपहर 12 बजे नवनिर्वाचित जिला पंचायत सदस्य, वरिष्ठ नेता पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं के साथ जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रत्याशी सरिता यादव नामांकन जमा करने कलेक्ट्रेट जाएंगी।
बसपा व भाजपा सदस्यों की बढ़ी भूमिका
सपा में बगावत होने से बसपा व भाजपा के चुने गए जिला पंचायत सदस्यों की भूमिका बढ़ गई है। दोनों दावेदार उन्हें अपने पाले में खींचने का प्रयास कर रहे हैं।