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मरीजों की हालत बिगाड़ रहे झोलाछाप, नहीं चेत रहे अफसर
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ललितपुर। ग्राम कुआंतला में झोलाछाप द्वारा दिए गए इंजेक्शन से राघवेंद्र (12) पुत्र रतीराम की हालत बिगड़ गई। परिजन जिला अस्पताल लाए, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद झांसी रेफर कर दिया। परिजनों ने झोलाछाप पर गलत इंजेक्शन देने से से हालत खराब होने का आरोप लगाया है।
शहर कोतवाली अंतर्गत ग्राम कुआंतला निवासी राघवेंद्र (12) पुत्र रतीराम को बुखार व जुकाम हो गया। शुक्रवार की सुबह बालक की मां मीरा गांव में ही एक झोलाछाप के पास दवा लेने गई। जहां पर दवा की जगह झोलाछाप ने इंजेक्शन लगा दिया। इससे बालक की हालत बिगड़ गई और उसे उल्टी होने लगी। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया। परिजन आननफानन जिला अस्पताल ले गए, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे झांसी रेफर कर दिया गया। राघवेंद्र की मां मीरा ने आरोप लगाया कि गांव में झोलाछाप से दवा लेने गए थे, लेकिन उन्होंने दो इंजेक्शन लगा दिए। इससे हालत खराब हो गई है।
बीते माह हुई थी एक मरीज की मौत
शहर कोतवाली के अंतर्गत ग्राम बिरारी निवासी फूलचंद्र के पैर में सूजन और दर्द के चलते 20 सितंबर को उसके परिजन उपचार के लिए शहर के एक क्लीनिक ले गए थे। यहां पर इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत खराब हो गई। जिला अस्पताल लाए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद झांसी रेफर किया। झांसी जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
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जिले में 400 से अधिक झोलाछाप, एक साल से नहीं चला अभियान
जनपद में झोलाछापों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इनके द्वारा किए जा रहे इलाज से लगातार मरीजों की सेहत बिगड़ रही है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिले में लगभग चार सौ से अधिक झोलाछाप शहर व ग्रामीण क्षेत्र में इलाज कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में मरीज मजबूरन झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उपचार के नाम पर मोटी रकम वसूल कर मालामाल हो रहे हैं। ऐसे में कई लोगों की सेहत में सुधार की जगह मर्ज बिगड़ रहा है। कुछ को तो अपनी जान गंवानी पड़ी। इनके खिलाफ लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी न तो कोई अभियान चलाया गया और न ही इन्हें चिह्नित किया गया।
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राघवेंद्र बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था, हालत गंभीर होने पर उसे झांसी रेफर किया गया है।
मनीष कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
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जनपद में फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्षेत्र के एमओआईसी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टीम द्वारा छापामार कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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शहर कोतवाली अंतर्गत ग्राम कुआंतला निवासी राघवेंद्र (12) पुत्र रतीराम को बुखार व जुकाम हो गया। शुक्रवार की सुबह बालक की मां मीरा गांव में ही एक झोलाछाप के पास दवा लेने गई। जहां पर दवा की जगह झोलाछाप ने इंजेक्शन लगा दिया। इससे बालक की हालत बिगड़ गई और उसे उल्टी होने लगी। कुछ ही देर में वह बेहोश हो गया। परिजन आननफानन जिला अस्पताल ले गए, जहां पर प्राथमिक उपचार के बाद उसे झांसी रेफर कर दिया गया। राघवेंद्र की मां मीरा ने आरोप लगाया कि गांव में झोलाछाप से दवा लेने गए थे, लेकिन उन्होंने दो इंजेक्शन लगा दिए। इससे हालत खराब हो गई है।
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बीते माह हुई थी एक मरीज की मौत
शहर कोतवाली के अंतर्गत ग्राम बिरारी निवासी फूलचंद्र के पैर में सूजन और दर्द के चलते 20 सितंबर को उसके परिजन उपचार के लिए शहर के एक क्लीनिक ले गए थे। यहां पर इंजेक्शन लगते ही उसकी हालत खराब हो गई। जिला अस्पताल लाए। जहां प्राथमिक उपचार के बाद झांसी रेफर किया। झांसी जाते समय रास्ते में मौत हो गई थी।
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जिले में 400 से अधिक झोलाछाप, एक साल से नहीं चला अभियान
जनपद में झोलाछापों पर अंकुश नहीं लग पा रहा है। इनके द्वारा किए जा रहे इलाज से लगातार मरीजों की सेहत बिगड़ रही है, लेकिन जिम्मेदारों की उदासीनता के चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है। जिले में लगभग चार सौ से अधिक झोलाछाप शहर व ग्रामीण क्षेत्र में इलाज कर रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं के अभाव में मरीज मजबूरन झोलाछाप से इलाज करा रहे हैं। मरीजों की मजबूरी का फायदा उठाकर उपचार के नाम पर मोटी रकम वसूल कर मालामाल हो रहे हैं। ऐसे में कई लोगों की सेहत में सुधार की जगह मर्ज बिगड़ रहा है। कुछ को तो अपनी जान गंवानी पड़ी। इनके खिलाफ लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी न तो कोई अभियान चलाया गया और न ही इन्हें चिह्नित किया गया।
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राघवेंद्र बेहोशी की हालत में अस्पताल लाया गया था, हालत गंभीर होने पर उसे झांसी रेफर किया गया है।
मनीष कुमार, बाल रोग विशेषज्ञ, जिला अस्पताल
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जनपद में फर्जी चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई के लिए क्षेत्र के एमओआईसी को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही टीम द्वारा छापामार कार्रवाई कराई जाएगी।
डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी