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झोलाछाप के इलाज ने ले ली जान

Wed, 23 Sep 2020 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 23 Sep 2020 01:27 AM IST
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jholachaap docter
medical - फोटो : medical
ललितपुर। पांव में सूजन के चलते जिला अस्पताल से झांसी रेफर किए गए एक ग्रामीण की रास्ते में मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजनों ने क्षेत्र के एक झोलाछाप के खिलाफ पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई करने की मांग की है। परिजनों का कहना है कि कुछ दिन पहले पैर में चोट लगने पर झोलाछाप ने ग्रामीण को टिटनेस का इंजेक्शन लगाया था, इसके बाद दर्द हुआ तो उसने पांच हजार लेकर ऑपरेशन कर डाला। हालत बिगड़ी तो झोलाछाप ग्रामीण को अपनी गाड़ी से जिला अस्पताल ले गया। यहां डॉक्टरों ने उसकी हालत देखकर उसे झांसी रेफर कर दिया, लेकिन ग्रामीण ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया।
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शहर कोतवाली अंतर्गत ग्राम बिरारी निवासी फूलचंद्र कुशवाहा (40) पुत्र घनश्याम उर्फ घंसू को सोमवार को पांव में सूजन व दर्द के चलते परिजन जिला अस्पताल लाए थे। जहां पर हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल के चिकित्सक ने प्राथमिक उपचार के बाद रेफर कर दिया। लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई।
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मृतक के छोटे भाई मुकेश कुमार ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि भाई फूलचंद्र को 16 सितंबर को हल्की चोट लगने के चलते पास के एक झोलाछाप से टिटनेस का इंजेक्शन लगवाया था। इंजेक्शन गलत लगने से दर्द होने लगा। दर्द बताने पर झोलाछाप ने ठीक होने का हवाला देकर टाल दिया। 20 सितंबर को इंजेक्शन की जगह पक गया। दर्द से परेशान होने पर परिजन 21 सितंबर को उसे लेकर झोलाछाप के पास गए। जहां पर उसने ऑपरेशन करने का हवाला दिया और पांच हजार रुपये ले लिए। ऑपरेशन के बाद फूलचंद्र की हालत खराब होने पर झोलाछाप उसे अपनी गाड़ी से लेकर जिला अस्पताल पहुंचा। जहां पर हालत गंभीर होने के चलते झांसी रेफर कर दिया गया। पीड़ित ने आरोप लगाते हुए बताया कि झोलाछाप ने गलत उपचार किया है। इससे भाई की मौत हो गई। जांच कर कार्रवाई करने की मांग की है। मृतक के भाई भगवानदास ने बताया कि उसके दो पुत्र व दो पुत्री हैं। फूलचंद्र मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता था।
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झोलाछाप का फैला मकड़ जाल, एक वर्ष से नहीं चला कोई अभियान
ललितपुर। जनपद में लगभग चार सौ से अधिक झोलाछाप इलाज कर रहे हैं। वैश्विक बीमारी के दौर में बंद हुई सरकारी अस्पतालों की ओपीडी से झोलाछाप मालामाल हो रहे हैं। लोगों को गांव में ही उपचार मुहैया हो रहे हैं। ऐसे में कई बार अधिक लाभ कमाने के चक्कर में गंभीर बीमारियों के मरीजों की सेहत खिलवाड़ कर रहे हैं। ऐसे में कई लोगों की सेहत में सुधार की जगह मर्ज बिगड़ रहा है। कुछ को तो अपनी जान गंवानी पड़ रही है। इसके बाद भी स्वास्थ्य विभाग बेपरवाह बना हुआ है। इनके खिलाफ लगभग एक वर्ष से अधिक समय बीतने के बाद भी न तो कोई छापा अभियान चलाया गया और न ही चिह्नित किए गए हैं।
मृतक के भाई के प्रार्थनापत्र पर मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
- संजय शुक्ला, प्रभारी निरीक्षक, सदर कोतवाली
झोलाछाप को चिह्नित करने व कार्रवाई करने के लिए टीम गठित की गई है। इनके खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. प्रताप सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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