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जामनी नदी के पानी पर हथियारों का पहरा
ब्यूरो
Updated Thu, 11 Feb 2016 01:02 AM IST
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ललितपुर। सूखे की विभीषका से जूझ रहे बुंदेलखंड में पेयजल संकट समीपवर्ती मप्र के टीकमगढ़ जिले में गहराता जा रहा है। पानी की निगरानी के लिए हथियारदबंद गार्ड कर रहे हैं।
मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार से जनवरी माह में मुलाकात कर जामनी बांध से पानी उपलब्ध कराने की मांग की थी। भीषण पेयजल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को जामनी नदी से पानी टीकमगढ़ को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
28 जनवरी से जामनी बांध से टीकमगढ़ के लिए पानी उपलब्ध करा दिया गया। फसल के मौसम के कारण पेयजल के लिए छोड़े गए पानी को किसानों ने सिंचाई के लिए उपयोग करना शुरु कर दिया। इस स्थिति को देखते हुए नगर पालिका टीकमगढ़ की ओर से नदी के पानी को बचाने के लिए दर्जनों हथियारबंद गार्ड तैनात कर दिए गए हैं।
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मध्य प्रदेश सीमा में तो जामनी नदी के पानी को चोरी करने से हथियार बंद गार्ड बचा पा रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित नदी के हिस्से से यहां के किसान सिंचाई के लिए पानी ले रहे हैं। इस कारण टीकमगढ़ को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की चोरी हो रही है।
इस स्थिति को देखते हुए टीकमगढ़ प्रशासन ने ललितपुर प्रशासन से जामनी नदी के पानी की चोरी रोकने के लिए गुजारिश की है, जिससे पेयजल के लिए टीकमगढ़ में संकट न हो।
मप्र की बिजली उप्र सप्लाई
मप्र के टीकमगढ़ का मिनौरा सरकारी कृषि फार्म हाउस ललितपुर जिले की सीमा से सटा है। मंगलवार को टीकमगढ़ के एसडीएम मनोज कुमार सिंह, सीएमओ विजय शंकर द्विवेदी ने फार्म हाउस पर छापामारी की। इस दौरान फार्म हाउस से एक विद्युत लाइन उत्तर प्रदेश की सीमा में जा रही थी,
जिसकी जांच करने पर पाया गया कि इस लाइन से उत्तर प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पंप चलाने के लिए गैरकानूनी तरीके से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, जांच टीम ने जामनी नदी का निरीक्षण भी किया और तीन पंप नदी में चलते पाए गए। तीनों पंपों को जब्त कर खेत मालिकों पर कार्रवाई की गई है।
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मध्य प्रदेश के अधिकारियों ने जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार से जनवरी माह में मुलाकात कर जामनी बांध से पानी उपलब्ध कराने की मांग की थी। भीषण पेयजल संकट को देखते हुए जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को जामनी नदी से पानी टीकमगढ़ को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
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28 जनवरी से जामनी बांध से टीकमगढ़ के लिए पानी उपलब्ध करा दिया गया। फसल के मौसम के कारण पेयजल के लिए छोड़े गए पानी को किसानों ने सिंचाई के लिए उपयोग करना शुरु कर दिया। इस स्थिति को देखते हुए नगर पालिका टीकमगढ़ की ओर से नदी के पानी को बचाने के लिए दर्जनों हथियारबंद गार्ड तैनात कर दिए गए हैं।
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मध्य प्रदेश सीमा में तो जामनी नदी के पानी को चोरी करने से हथियार बंद गार्ड बचा पा रहे हैं, लेकिन उत्तर प्रदेश की सीमा में स्थित नदी के हिस्से से यहां के किसान सिंचाई के लिए पानी ले रहे हैं। इस कारण टीकमगढ़ को उपलब्ध कराए जा रहे पानी की चोरी हो रही है।
इस स्थिति को देखते हुए टीकमगढ़ प्रशासन ने ललितपुर प्रशासन से जामनी नदी के पानी की चोरी रोकने के लिए गुजारिश की है, जिससे पेयजल के लिए टीकमगढ़ में संकट न हो।
मप्र की बिजली उप्र सप्लाई
मप्र के टीकमगढ़ का मिनौरा सरकारी कृषि फार्म हाउस ललितपुर जिले की सीमा से सटा है। मंगलवार को टीकमगढ़ के एसडीएम मनोज कुमार सिंह, सीएमओ विजय शंकर द्विवेदी ने फार्म हाउस पर छापामारी की। इस दौरान फार्म हाउस से एक विद्युत लाइन उत्तर प्रदेश की सीमा में जा रही थी,
जिसकी जांच करने पर पाया गया कि इस लाइन से उत्तर प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पंप चलाने के लिए गैरकानूनी तरीके से बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। वहीं, जांच टीम ने जामनी नदी का निरीक्षण भी किया और तीन पंप नदी में चलते पाए गए। तीनों पंपों को जब्त कर खेत मालिकों पर कार्रवाई की गई है।