{"_id":"1806d948d7b902d0480f6f1763c33324","slug":"invocation-of-my-voice-so-that-their-sons-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेरी वाणी तो उन्हीं सपूतों का वंदन करती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेरी वाणी तो उन्हीं सपूतों का वंदन करती
ब्यूरो
Updated Sun, 14 Feb 2016 12:36 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पाली (ललितपुर)। चौरसिया समाज आदर्श विवाह सम्मेलन में दूर दराज से आए युवक- युवतियों का परिचय कराया गया। इस मौके पर आयोजित कवि सम्मेलन में कवियों ने एक से बढ़कर एक रचनाएं सुनाईं।
नदवानी बगीचा धर्मशाला में सम्ममेलन के अध्यक्ष महेंद्र चौरसिया और मुख्य अतिथि पंचायतीराज विभाग के विशेष सचिव महेंद्र कुमार चौरसिया ने मां सरस्वती का पूजन किया। दूर दराज से आए युवक- युवतियों का परिचय कराया गया। इस मौकेे पर सजातीय लोगों ने समाज को एकता के सूत्र में बांधने व नई दिशा में ले जाने की पहल की।
कवि सम्मेलन में अतिथियों ने कहा की कवियों की रचना लोगों के दिल में उतर जाए तो देश के हालात बदलने में देर नहीं लगेगी। कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं में रसों का श्रंगार कर सबको बांधे रखा। देश की राजनीतिक व्यवस्था, प्रशासनिक खामियां, मंहगाई, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के मुददे को लेकर पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला।
विज्ञापन
सबसे पहले वीणा उपाध्याय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। राजू चौरसिया ने मेरी दोस्ती का ए पैगाम ले लो, मुझे अल्लाह देकर मेरा श्याम ले लो...। पाली के कवि श्रीकांत जैन ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सुनाया कि जो मातृभूमि के चरणों में अपना सिर चढ़ा दिया करते हैं, मेरी वाणी उन्हीं सपूतो का वंदन करती है...। सरदार भगवानदास ने हास्य रचना से सबको लोट पोट किया। साथ में आए कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना प्रस्तुत की देर रात तक संमा बांधे रखा।
मंच पर शॉल व श्रीफल से कवियों के साथ अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर चौरसिया समाज के अध्यक्ष लखन लाल चौरसिया, ग्रापए जिलाध्यक्ष सुदामा प्रसाद दुबे, थानाध्यक्ष हाकिम सिंह, रामकुमार नायक, रामविलास कटारे, सुरेश कौंते, अमित पांड़ेय, जिला पंचायत सदस्य अतुल निरंजन, धर्मेंद्र गोस्वामी, पुनीत चौरसिया, महेंद्र रसिया,
लक्ष्मण पाकार, मनीष तिवारी, संजीव चौरसिया, सुखेंद्र वैद्य, जयकुमार जैन, प्रियंक जैन, आशीष आदि उपस्थित रहे। आभार प्रदीप चौरसिया ने व्यक्त किया। संचालन रामकुमार पांडेय ने किया।
विज्ञापन
नदवानी बगीचा धर्मशाला में सम्ममेलन के अध्यक्ष महेंद्र चौरसिया और मुख्य अतिथि पंचायतीराज विभाग के विशेष सचिव महेंद्र कुमार चौरसिया ने मां सरस्वती का पूजन किया। दूर दराज से आए युवक- युवतियों का परिचय कराया गया। इस मौकेे पर सजातीय लोगों ने समाज को एकता के सूत्र में बांधने व नई दिशा में ले जाने की पहल की।
विज्ञापन
कवि सम्मेलन में अतिथियों ने कहा की कवियों की रचना लोगों के दिल में उतर जाए तो देश के हालात बदलने में देर नहीं लगेगी। कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं में रसों का श्रंगार कर सबको बांधे रखा। देश की राजनीतिक व्यवस्था, प्रशासनिक खामियां, मंहगाई, भ्रष्टाचार और आतंकवाद के मुददे को लेकर पाकिस्तान पर जमकर हमला बोला।
विज्ञापन
सबसे पहले वीणा उपाध्याय ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। राजू चौरसिया ने मेरी दोस्ती का ए पैगाम ले लो, मुझे अल्लाह देकर मेरा श्याम ले लो...। पाली के कवि श्रीकांत जैन ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सुनाया कि जो मातृभूमि के चरणों में अपना सिर चढ़ा दिया करते हैं, मेरी वाणी उन्हीं सपूतो का वंदन करती है...। सरदार भगवानदास ने हास्य रचना से सबको लोट पोट किया। साथ में आए कवियों ने एक से बढ़कर एक रचना प्रस्तुत की देर रात तक संमा बांधे रखा।
मंच पर शॉल व श्रीफल से कवियों के साथ अतिथियों को सम्मानित किया गया। इस मौके पर चौरसिया समाज के अध्यक्ष लखन लाल चौरसिया, ग्रापए जिलाध्यक्ष सुदामा प्रसाद दुबे, थानाध्यक्ष हाकिम सिंह, रामकुमार नायक, रामविलास कटारे, सुरेश कौंते, अमित पांड़ेय, जिला पंचायत सदस्य अतुल निरंजन, धर्मेंद्र गोस्वामी, पुनीत चौरसिया, महेंद्र रसिया,
लक्ष्मण पाकार, मनीष तिवारी, संजीव चौरसिया, सुखेंद्र वैद्य, जयकुमार जैन, प्रियंक जैन, आशीष आदि उपस्थित रहे। आभार प्रदीप चौरसिया ने व्यक्त किया। संचालन रामकुमार पांडेय ने किया।