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इंटरनेट के डिजीटल युग में हिन्दी की धमाकेदार एन्ट्री
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ललितपुर। श्री दीपचंद्र चौधरी महाविद्यालय, श्री विद्यासागर कन्या महाविद्यालय एवं जन संचार विभाग के संयुक्त तत्वावधान में भाषा लेखन और वाचिक कौशल विकास के लिए हिंदी पखवाड़ा का शुभारंभ हो गया। वक्ताओं ने कहा कि डिजिटल युग में भी हिंदी की धाक बनी है।
कार्यशाला का शुभारंभ हिंदी दिवस की पृष्ठभूमि में संस्थापक / प्रबंधक कमलेश चौधरी ने ज्ञान-विज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन करते हुए कहा कि हिंदी राष्ट्र-भाषा ही नहीं, जनवाणी भी है। तेजी से विश्व हिंदी की लोकप्रियता बढ़ रही है। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी ही सरल-सुबोध-संस्कृत है। संस्कृत का बीज ही हिंदी के रूप में विशाल-वटवृक्ष बन गया है।
प्रबंध निदेशक प्रवीन चौधरी ने कहा कि हिंदी राष्ट्रभाषा ही नहीं, मानवता का जगाने वाली हुंकार भी है। वित्त प्रभारी प्रदीप चौधरी ने कहा कि हिंदी के समुद्र में सभी भाषाओं का जल समाहित है। मास कम्यूनिकेशन के प्रो. तौसीफ अहमद सिद्दीकी ने कहा कि यूनिकोड फॉटस के आ जाने से इंटरनेट पर हिंदी का इस्तेमाल तेजी से होने लगा है। हिंदी भाषा का यूजर जेनरेटेड कंटेंट दिन दूसरी रात चौगुनी की गति से बढ़ा रहा है। आईटीआई संस्थान के विभागाध्यक्ष मनीष रायकवार ने कहा कि इंटरनेट और स्मार्टफोन पर सिमटती दुनिया ने हिंदी के बहुआयामी विकास के द्वार खोले हैं । बीसीए प्रो. दीपेश खरे ने कहा कि 94 प्रतिशत की दर से हिंदी कंटेन्ट की खपत बढ़ रही है। कंप्यूटर अनुदेशक एवं जनसंचार प्रयोगशाला प्रभारी नीलेश नामदेव ने कार्यशाला में स्मार्ट फोन के जरिये वॉइस फीचर के इस्तेमाल, पेंमेंट एप जैसे पेटीएम, गूगल, ई-कामर्स के अन्तर्गत क्रियात्मक प्रशिक्षण की पूरे पखवाड़े तक चलने वाली कार्य योजना प्रस्तुत की। इस मौके पर प्रो. आदित्य मिश्रा, प्रो. राकेश राजन, प्रो. हाशिम अली, प्रो. केपी सर, प्रो. पुष्पेंद्र वर्मा, प्रो. अभिषेक रावत, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. महेेंद्र झा, प्रो. अनिल कुमार जैन, प्रो. नीलेश कुमार जैन, सूर्यप्रताप सिंह परमार, प्रो. जी दास, प्रो शेरबहादुुर, दीपेश खरे आदि उपस्थित रहे। उधर, परिषदीय विद्यालय डुलावन में शिक्षक पुष्पेंद्र जैन ने गोष्ठी कर बताया कि हिंदी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिंदी की यह स्थिति हिंदी भाषियों और हिंदी की देन है लेकिन हिंदी समाज का एक तबका हिंदी की दुर्गति के लिए भी जिम्मेदार है।
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कार्यशाला का शुभारंभ हिंदी दिवस की पृष्ठभूमि में संस्थापक / प्रबंधक कमलेश चौधरी ने ज्ञान-विज्ञान और कला की अधिष्ठात्री देवी सरस्वती जी के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन करते हुए कहा कि हिंदी राष्ट्र-भाषा ही नहीं, जनवाणी भी है। तेजी से विश्व हिंदी की लोकप्रियता बढ़ रही है। हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो. भगवत नारायण शर्मा ने कहा कि राष्ट्रभाषा हिंदी ही सरल-सुबोध-संस्कृत है। संस्कृत का बीज ही हिंदी के रूप में विशाल-वटवृक्ष बन गया है।
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प्रबंध निदेशक प्रवीन चौधरी ने कहा कि हिंदी राष्ट्रभाषा ही नहीं, मानवता का जगाने वाली हुंकार भी है। वित्त प्रभारी प्रदीप चौधरी ने कहा कि हिंदी के समुद्र में सभी भाषाओं का जल समाहित है। मास कम्यूनिकेशन के प्रो. तौसीफ अहमद सिद्दीकी ने कहा कि यूनिकोड फॉटस के आ जाने से इंटरनेट पर हिंदी का इस्तेमाल तेजी से होने लगा है। हिंदी भाषा का यूजर जेनरेटेड कंटेंट दिन दूसरी रात चौगुनी की गति से बढ़ा रहा है। आईटीआई संस्थान के विभागाध्यक्ष मनीष रायकवार ने कहा कि इंटरनेट और स्मार्टफोन पर सिमटती दुनिया ने हिंदी के बहुआयामी विकास के द्वार खोले हैं । बीसीए प्रो. दीपेश खरे ने कहा कि 94 प्रतिशत की दर से हिंदी कंटेन्ट की खपत बढ़ रही है। कंप्यूटर अनुदेशक एवं जनसंचार प्रयोगशाला प्रभारी नीलेश नामदेव ने कार्यशाला में स्मार्ट फोन के जरिये वॉइस फीचर के इस्तेमाल, पेंमेंट एप जैसे पेटीएम, गूगल, ई-कामर्स के अन्तर्गत क्रियात्मक प्रशिक्षण की पूरे पखवाड़े तक चलने वाली कार्य योजना प्रस्तुत की। इस मौके पर प्रो. आदित्य मिश्रा, प्रो. राकेश राजन, प्रो. हाशिम अली, प्रो. केपी सर, प्रो. पुष्पेंद्र वर्मा, प्रो. अभिषेक रावत, प्रो. सुरेंद्र कुमार, प्रो. महेेंद्र झा, प्रो. अनिल कुमार जैन, प्रो. नीलेश कुमार जैन, सूर्यप्रताप सिंह परमार, प्रो. जी दास, प्रो शेरबहादुुर, दीपेश खरे आदि उपस्थित रहे। उधर, परिषदीय विद्यालय डुलावन में शिक्षक पुष्पेंद्र जैन ने गोष्ठी कर बताया कि हिंदी ने भाषा, व्याकरण, साहित्य, कला, संगीत के सभी माध्यमों में अपनी उपयोगिता, प्रासंगिकता एवं वर्चस्व कायम किया है। हिंदी की यह स्थिति हिंदी भाषियों और हिंदी की देन है लेकिन हिंदी समाज का एक तबका हिंदी की दुर्गति के लिए भी जिम्मेदार है।
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