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जांच टीम ने गल्ला मंडियों की उपयोगिता पर उठाए सवाल

Sat, 25 Jun 2016 01:17 AM IST
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lalitpur Updated Sat, 25 Jun 2016 01:17 AM IST
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inspection team galla mandi
जांच टीम - फोटो : amar ujala
ललितपुर। बुंदेलखंड पैकेज के कामों का मूल्यांकन करने आए सात सदस्यीय दल ने विभिन्न विभागों के कामों में गड़बड़ी पकड़ी है। हनुपुरा दुग्ध चिलिंग प्लांट की सोसायटी निष्क्रिय हो गई हैं, वहीं भूमि विकास और जल संसाधन विभाग की नालियां कई जगह क्षतिग्रस्त मिली हैं। करोड़ों रुपये की लागत से बनी गल्ला मंडियों की उपयोगिता पर सवाल खड़े किए गए।
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जिले में बुंदेलखंड पैकेज के अंतर्गत करोड़ों रुपये का काम हुआ है, जिसका लाभ लोगों को नहीं मिल सका है। इसकी वजह मनमाने तरीके से स्थल एवं कामों का चयन किया गया है। इसके मद्देनजर भारत सरकार बुंदेलखंड पैकेज के कामों का मूल्यांकन करा रही है। जनपद में सात सदस्यीय केंद्रीय दल ने डेरा डाल रखा है। दल के सदस्य टीम बनाकर 11 विभागों का काम देख रहे हैं। ज्वाइंट डायरेक्टर डा. सतवीर सिंह ने सिंचाई विभाग की नहरों की लाइनिंग, लघु सिंचाई के चेकडैम, भूमि विकास और जल संसाधन विभाग की गूल, वन विभाग के चेकडैम, बंधी, स्पिल-वे, मृदा संरक्षण, मंडी विभाग की 22 नवीन गल्ला मंडी, पशुपालन की दुग्ध डेयरी, कृषि विभाग के बीज गोदाम, स्प्रिकंलर सेट, कृषि यंत्र, गोष्ठी, जल निगम के कूप आदि कार्यों की फोटोग्राफी की। साथ ही लाभार्थियों ने बातचीत की।
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मूल्यांकन अधिकारी डा. गोविंद और अपर संख्याधिकारी डा. राजकुमार यादव ने ग्राम जिजयावन में 18 नलकूप, मिर्चवारा में सात नलकूप व खितवांस में दो नलकूपों का सत्यापन किया। दूसरी टीम ने महरौनी, बिरधा व जखौरा की बीज गोदामों को देखा। अन्य सदस्यों ने ग्राम पटसेमरा व अनौरा में स्प्रिंकलर सेट का सत्यापन किया। इसके अलावा ग्राम सोल्दा में पहुंचकर गोष्ठी कर लाभार्थियों से मुलाकात की। भूमि विकास एवं जल संसाधन विभाग की नालियां कहीं ठीक तो कहीं क्षतिग्रस्त मिली। वन विभाग के चेकडैम, बंधी, स्पिल-वे आदि काम ग्राम रानीपुरा, हर्षपुर, टोड़ी, बिल्ला व महरौनी के दिगवार में देखे। उन्होंने मंडियों के हैंडओवर नहीं होने पर जहां चिंता जताई। वहीं, उनकी उपयोगिता पर भी सवाल खड़े किए। उनका कहना है कि जहां गल्ला मंडियां का निर्माण किया गया है, वहां मंडियों की आवश्यकता नहीं थी। मंडियों के हैंडओवर नहीं होने से उनके खराब होने की संभावना है। टीम दिल्ली पहुंचकर अपनी रिपोर्ट भारत सरकार को सौंपेगी। मूल्यांकन दल में मूल्यांकन अधिकारी डा. संतराम, डा. गोविंद, अपर संख्याधिकारी डा. राजकुमार यादव, सुभाषचंद्र, राजेश सिंह, अनिल यादव आदि शामिल हैं।
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