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कोरोना काल में अस्पतालों के नहीं हुए पंजीयन के नवीनीकरण
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कोविड काल में नहीं हुए निजी अस्पतालों के पंजीकरण
ललितपुर। जिले में 144 अस्पताल व क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत थे लेकिन कोरोना काल के कारण अस्पताल संचालकों ने नवीनीकरण नहीं कराया। वर्तमान में 20 पंजीकृत हो पाए हैं इनमें आठ नर्सिंग होम, छह क्लीनिक, दो आयुर्वेदिक व एक होम्योपैथ क्लीनिक शामिल हैं। विभागीय अफसर अब शेष अस्पतालों व क्लीनिक संचालकों को नोटिस देने की तैयारी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में कोरोना काल से पहले 144 क्लीनिक व अस्पताल संचालित हो रहे रहे थे। इनमें एलोपैथ के दस नर्सिंग होम, 20 क्लीनिक, छह बीडीएस क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे थे। वहीं आयुर्वेद के 80 क्लीनिक और होम्योपैथ के 30 क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा था लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अधिकांश क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में गिने चुने अस्पताल ही संचालित हो रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो दो नर्सिंग होम क्लीनिकों में परिवर्तित हो गए हैं। आठ क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन कराया है। चार एलोपैथ क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण किया गया। तीन बीडीएस क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन करा लिया। शेष 15 एलोपैथी क्लीनिकों का नवीनीकरण किया जा रहा है। तीन बीडीएस का नवीनीकरण प्रक्रिया में चल रहा है। इसके अलावा 80 आयुर्वेद क्लीनिकों के सापेक्ष मात्र दो ने ही नवीनीकरण कराया है। वहीं होम्योपैथ में 30 में केवल एक का नवीनीकरण हुआ है।
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क्लीनिकों को संचालकों को नवीनीकरण का नोटिस दिया जा रहा है। जिसके बाद नवीनीकरण न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जीडी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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ललितपुर। जिले में 144 अस्पताल व क्लीनिक स्वास्थ्य विभाग में पंजीकृत थे लेकिन कोरोना काल के कारण अस्पताल संचालकों ने नवीनीकरण नहीं कराया। वर्तमान में 20 पंजीकृत हो पाए हैं इनमें आठ नर्सिंग होम, छह क्लीनिक, दो आयुर्वेदिक व एक होम्योपैथ क्लीनिक शामिल हैं। विभागीय अफसर अब शेष अस्पतालों व क्लीनिक संचालकों को नोटिस देने की तैयारी कर रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग में कोरोना काल से पहले 144 क्लीनिक व अस्पताल संचालित हो रहे रहे थे। इनमें एलोपैथ के दस नर्सिंग होम, 20 क्लीनिक, छह बीडीएस क्लीनिक स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया करा रहे थे। वहीं आयुर्वेद के 80 क्लीनिक और होम्योपैथ के 30 क्लीनिकों का संचालन किया जा रहा था लेकिन कोरोना वायरस संक्रमण के चलते अधिकांश क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन का नवीनीकरण नहीं कराया है। वर्तमान में स्वास्थ्य विभाग के दस्तावेजों में गिने चुने अस्पताल ही संचालित हो रहे हैं। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो दो नर्सिंग होम क्लीनिकों में परिवर्तित हो गए हैं। आठ क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन कराया है। चार एलोपैथ क्लीनिकों का पंजीयन नवीनीकरण किया गया। तीन बीडीएस क्लीनिक संचालकों ने पंजीयन करा लिया। शेष 15 एलोपैथी क्लीनिकों का नवीनीकरण किया जा रहा है। तीन बीडीएस का नवीनीकरण प्रक्रिया में चल रहा है। इसके अलावा 80 आयुर्वेद क्लीनिकों के सापेक्ष मात्र दो ने ही नवीनीकरण कराया है। वहीं होम्योपैथ में 30 में केवल एक का नवीनीकरण हुआ है।
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क्लीनिकों को संचालकों को नवीनीकरण का नोटिस दिया जा रहा है। जिसके बाद नवीनीकरण न कराने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
डॉ. जीडी शुक्ला, मुख्य चिकित्सा अधिकारी