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पशुओें की नस्ल सुधारें और दूध उत्पादन बझ़ाएं
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ललितपुर। बृहस्पतिवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य मेला शिविर का आयोजन पशुपालन विभाग की ओर से ब्लाक जखौरा के ग्राम मिर्चवारा में किया गया। मेला में पशुओं का बधियाकरण, चिकित्सा व कृत्रिम गर्भाधान किया गया। किसानों से आह्वान किया गया कि पशुओें की नस्ल सुधारें और दूध उत्पादन बढ़ाएं।
मेला का शुभारंभ डीएम मानवेंद्र सिंह ने किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बुंदेलखंड में पशुपालकों द्वारा गोवंश को खुला छोड़ देने से सड़कों एवं अन्य स्थानों पर विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। किसान और पशुपालक उत्तम गुणवत्ता एवं अच्छी नस्ल के पशुओं को सीमित संख्या में ही रखें। आरोग्य मेलों के आयोजन का उद्देश्य भी गोवंश की नस्ल सुधार करना है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके। गायों का गर्भाधान अच्छी नस्ल से कराएं। पशुओं को बांध कर रखें। सभी अपने गोवंश की नस्ल में सुधार लाएं एवं पशुओं का टीकाकरण कराएं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान, पशुचिकित्सा, बधियाकरण, टीकाकरण, कृमि नाशक दवा पान, लघु शल्य चिकित्सा के साथ-साथ बांझपन से ग्रसित दुधारू पशुओं की निशुल्क चिकित्सा पशुपालक के घर पर उपलब्ध कराने हेतु दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर/मेलों का आयोजन विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इस वर्ष जिले के 18 ग्रामों में मेला आयोजित किए जाएंगे।
प्रत्येक विकासखंड में तीन मेले लगेंगे। इन मेलों के आयोजन का उद्देश्य पशुओं को अच्छी गुणवत्ता की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं की नस्ल सुधार के लिए उत्कृष्ट गुणवत्ता के सांड उपलब्ध हैं। कृत्रिम तकनीक द्वारा ऐसा प्रजनन बीज बनाया गया है, जिसके प्रयोग से 90 प्रतिशत तक बछिया के जन्म लेने की संभावना रहेगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्राम मिर्चवारा में आयोजित आरोग्य मेले में 1540 पशुओं का पंजीकरण हुआ। इसमें 825 पशुओं की सामान्य चिकित्सा, 540 पशुओं को कृमि नाशक दवापान, तीन की लघु शल्य चिकित्सा, 137 पशुओं की बांझपन चिकित्सा, सात पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान तथा 28 पशुओं का बधियाकरण किया गया। इस मौके पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी बांसी डॉ. प्रशांत कुमार नायक, पशु चिकित्सा अधिकारी जाखलौन डॉ. संजय सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी सिलावन डॉ. विवेक सचान, पशुधन प्रसार अधिकारी कोमल निरंजन, योगेश तिवारी एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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मेला का शुभारंभ डीएम मानवेंद्र सिंह ने किया। जिलाधिकारी ने कहा कि बुंदेलखंड में पशुपालकों द्वारा गोवंश को खुला छोड़ देने से सड़कों एवं अन्य स्थानों पर विभिन्न प्रकार की समस्याएं उत्पन्न होती हैं। किसान और पशुपालक उत्तम गुणवत्ता एवं अच्छी नस्ल के पशुओं को सीमित संख्या में ही रखें। आरोग्य मेलों के आयोजन का उद्देश्य भी गोवंश की नस्ल सुधार करना है, जिससे पशुपालकों की आय में वृद्धि हो सके। गायों का गर्भाधान अच्छी नस्ल से कराएं। पशुओं को बांध कर रखें। सभी अपने गोवंश की नस्ल में सुधार लाएं एवं पशुओं का टीकाकरण कराएं। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. एसके शाक्य ने बताया कि कृत्रिम गर्भाधान, पशुचिकित्सा, बधियाकरण, टीकाकरण, कृमि नाशक दवा पान, लघु शल्य चिकित्सा के साथ-साथ बांझपन से ग्रसित दुधारू पशुओं की निशुल्क चिकित्सा पशुपालक के घर पर उपलब्ध कराने हेतु दीनदयाल उपाध्याय पशु आरोग्य शिविर/मेलों का आयोजन विभाग द्वारा कराया जा रहा है। इस वर्ष जिले के 18 ग्रामों में मेला आयोजित किए जाएंगे।
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प्रत्येक विकासखंड में तीन मेले लगेंगे। इन मेलों के आयोजन का उद्देश्य पशुओं को अच्छी गुणवत्ता की चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना है, जिससे पशुओं की दुग्ध उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो सके। गोवंश आश्रय स्थलों में पशुओं की नस्ल सुधार के लिए उत्कृष्ट गुणवत्ता के सांड उपलब्ध हैं। कृत्रिम तकनीक द्वारा ऐसा प्रजनन बीज बनाया गया है, जिसके प्रयोग से 90 प्रतिशत तक बछिया के जन्म लेने की संभावना रहेगी। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि ग्राम मिर्चवारा में आयोजित आरोग्य मेले में 1540 पशुओं का पंजीकरण हुआ। इसमें 825 पशुओं की सामान्य चिकित्सा, 540 पशुओं को कृमि नाशक दवापान, तीन की लघु शल्य चिकित्सा, 137 पशुओं की बांझपन चिकित्सा, सात पशुओं का कृत्रिम गर्भाधान तथा 28 पशुओं का बधियाकरण किया गया। इस मौके पर उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एसके सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी बांसी डॉ. प्रशांत कुमार नायक, पशु चिकित्सा अधिकारी जाखलौन डॉ. संजय सिंह, पशु चिकित्सा अधिकारी सिलावन डॉ. विवेक सचान, पशुधन प्रसार अधिकारी कोमल निरंजन, योगेश तिवारी एवं अन्य स्टाफ मौजूद रहा।
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