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बेरोकटोक जारी पार्किंग शुल्क की अवैध वसूली
ब्यूरो
Updated Sat, 16 Jan 2016 12:04 AM IST
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ललितपुर। एक सप्ताह पहले अवैध रूप से पार्किंग शुल्क की वसूली करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद नगर में बेरोकटोक अवैध वसूली की जा रही है।
नगर सीमा के अंदर चलने वाले वाहन टैक्सी, ट्रक, ट्रैक्टर, लोडिंग टैक्सी, पिकअप, बस आदि वाहनों से नगरपालिका पार्किंग शुल्क वसूलती है। वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए नगरपालिका ट्रक, ट्रैक्टर व पिकअप पार्किंग शुल्क के नाम पर अलग से ठेका करती है, बस स्टैंड के नाम पर अलग ठेका करती है और सिटी टैक्सी के नाम पर अलग से ठेका करती है, लेकिन इस वर्ष सिर्फ ट्रक, ट्रैक्टर और पिकअप का ही ठेका हो सका है।
ट्रक, ट्रैक्टर व पिकअप की पार्किंग शुल्क के नाम पर तमाम लोग अन्य वाहनों से भी पार्किग शुल्क वसूलते हैं। इसकी शिकायत पीड़ित वाहन चालकों ने कई बार पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों से की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
यह हैं मनमानी पार्किंग शुल्क की दरें
ट्रैक्टर चालकों से 15 रुपए की जगह 40 रुपए वसूले जा रहे हैं। पिकअप चालकों से 20 से 40 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। पिकअप चालक रवि राय ने बताया कि वसूली करने वाले पिकअप चालक को देखकर ही पैसा लेते हैं। यदि कोई लोकल का पिकअप वाला है तो उससे 20 रुपए पार्किंग शुल्क लिया जाता है, यदि कोई बाहर वाला नजर आता है तो उससे 40 रुपए वसूले जाते हैं।
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बस वालों से भी हो रही वसूली
नगर पालिका बस स्टैंड पार्किंग शुल्क के नाम पर ठेका करती है, लेकिन इस वर्ष किसी ठेकेदार ने बस स्टैंड का ठेका नहीं लिया। इसलिए पालिका ने विभाग के ही कर्मचारियों को पार्किंग शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग द्वारा बस स्टैंड पार्किंग शुल्क 15 रुपए प्रतिदिन प्रति बस के लिए निर्धारित किया गया है। बस यूनियन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि पालिका के कर्मचारी बस वालों से पार्किंग के नाम पर ज्यादा पैसा वसूल कर रहे हैं।
पार्किंग शुल्क वसूली के लिए पालिका के कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन बस स्टैंड पर बाहर के लोग पैसा वसूलने आते हैं। यहां से प्रतिदिन करीब 110 प्राइवेट और 27 रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। इनसे 15 रुपए की जगह 20 रुपए प्रतिदिन वसूले जा रहे हैं। कई बार पालिका में शिकायत की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।
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नगर सीमा के अंदर चलने वाले वाहन टैक्सी, ट्रक, ट्रैक्टर, लोडिंग टैक्सी, पिकअप, बस आदि वाहनों से नगरपालिका पार्किंग शुल्क वसूलती है। वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूलने के लिए नगरपालिका ट्रक, ट्रैक्टर व पिकअप पार्किंग शुल्क के नाम पर अलग से ठेका करती है, बस स्टैंड के नाम पर अलग ठेका करती है और सिटी टैक्सी के नाम पर अलग से ठेका करती है, लेकिन इस वर्ष सिर्फ ट्रक, ट्रैक्टर और पिकअप का ही ठेका हो सका है।
ट्रक, ट्रैक्टर व पिकअप की पार्किंग शुल्क के नाम पर तमाम लोग अन्य वाहनों से भी पार्किग शुल्क वसूलते हैं। इसकी शिकायत पीड़ित वाहन चालकों ने कई बार पुलिस और नगरपालिका के अधिकारियों से की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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यह हैं मनमानी पार्किंग शुल्क की दरें
ट्रैक्टर चालकों से 15 रुपए की जगह 40 रुपए वसूले जा रहे हैं। पिकअप चालकों से 20 से 40 रुपए तक वसूले जा रहे हैं। पिकअप चालक रवि राय ने बताया कि वसूली करने वाले पिकअप चालक को देखकर ही पैसा लेते हैं। यदि कोई लोकल का पिकअप वाला है तो उससे 20 रुपए पार्किंग शुल्क लिया जाता है, यदि कोई बाहर वाला नजर आता है तो उससे 40 रुपए वसूले जाते हैं।
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बस वालों से भी हो रही वसूली
नगर पालिका बस स्टैंड पार्किंग शुल्क के नाम पर ठेका करती है, लेकिन इस वर्ष किसी ठेकेदार ने बस स्टैंड का ठेका नहीं लिया। इसलिए पालिका ने विभाग के ही कर्मचारियों को पार्किंग शुल्क की वसूली की जिम्मेदारी सौंपी है। विभाग द्वारा बस स्टैंड पार्किंग शुल्क 15 रुपए प्रतिदिन प्रति बस के लिए निर्धारित किया गया है। बस यूनियन के अध्यक्ष मनीष अग्रवाल ने बताया कि पालिका के कर्मचारी बस वालों से पार्किंग के नाम पर ज्यादा पैसा वसूल कर रहे हैं।
पार्किंग शुल्क वसूली के लिए पालिका के कर्मचारी तैनात हैं, लेकिन बस स्टैंड पर बाहर के लोग पैसा वसूलने आते हैं। यहां से प्रतिदिन करीब 110 प्राइवेट और 27 रोडवेज बसों का संचालन किया जाता है। इनसे 15 रुपए की जगह 20 रुपए प्रतिदिन वसूले जा रहे हैं। कई बार पालिका में शिकायत की गई, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ।