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Lalitpur News: समस्याओं को किया दरकिनार... 100 फीसदी वोटरों ने मनाया लोकतंत्र का त्योहार

Wed, 22 May 2024 04:31 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 22 May 2024 04:31 AM IST
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Ignored the problems... 100 percent voters celebrated the festival of democracy
ललितपुर। देश में चल रहे लोकसभा चुनाव में मतदान प्रतिशत 50-60 फीसदी के बीच सिमटा हुआ है। झांसी-ललितपुर में ही 37 फीसदी मतदाताओं ने मतदान दिवस पर छुट्टी मनाई और अपने दूसरे कामों को तवज्जो देकर बूथों से दूरी बनाई। वहीं ललितपुर के दो गांव सोल्दा और बमौरी नागल के 800 मतदाताओं ने लोकतंत्र के त्योहार का जमकर जश्न मनाया। यहां लोग काम छोड़कर दूर-दूर से मतदान करने पहुंचे और अपना फर्ज निभाया। इसका नतीजा रहा कि दोनों गांव आज पूरे प्रदेश के लिए नजीर बने हैं। लोकतंत्र और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का जज्बा अगर सीखना है तो इन दोनों गांवों के 800 मतदाताओं से सीखिए। इन मतदाताओं के पास मतदान का बहिष्कार करने और मतदान न करने के लिए भी तमाम मुद्दे थे। किसी गांव में सड़क नहीं है तो किसी में बिजली की समस्या है। गांव वाले चाहते तो इन्हीं मुद्दों की गांठ बांधकर घर बैठ जाते। मगर ग्रामीणों ने सारे मुद्दे दरकिनार करके अपने कर्तव्य को शत-प्रतिशत निभाकर उन मतदाताओं के लिए बड़ी सीख पेश की जिनके लिए मतदान के कोई मायने नहीं हैं। गांव के हालात और ग्रामीणों के जज्बात पर पढि़ए रिपोर्ट...।
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फोटो-19
गांव बमौरी नागल : बोले लोग- संकल्प पूरा किया
ललितपुर से 12 किमी दूर गांव बमौरी नागल में बने मतदान केंद्र पर 441 मतदाताओं ने शत-प्रतिशत मतदान किया। गांव वाले बताते हैं कि गांव में हर बार पानी और बिजली की समस्या को लेकर कम लोग मतदान करने जाते थे। इस जब गांव वालों की बैठक हुई तो सभी ने संकल्प लिया कि इस बार शत-प्रतिशत मतदान करेंगे। इसके बाद अपने गांव की समस्या को लेकर नेताओं और अफसरों से बात करेंगे। गांव के लाल सिंह ने बताया कि शत-प्रतिशत मतदान का संकल्प पूरा हुआ। प्रतिपाल सिंह यादव ने कहा कि गांव में बिजली और पानी की समस्या है। हमने अपना फर्ज निभाया है, अब सरकार की बारी है कि वह अपनी जिम्मेदारी निभाए।
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फोटो- 20, 21
डीएम ने दिलवाई छुट्टी
गांव के जयदीप गृह मंत्रालय में स्टेनो हैं। उन्होंने बताया कि वे पहले मतदान करने के लिए आ नहीं रहे थे। जब गांव से मतदान करने आने के लिए फोन पहुंचा तो छुट्टी मांगी, लेकिन चुनाव के चलते छुट्टी नहीं मिली। बाद में डीएम ने वार्ता कर मुझे मतदान के दिन अवकाश दिलाया। मैनें लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सेदारी की है। जयदीप के भाई जयदेव ने बताया कि वह भी रेलवे में हैं और मतदान करने के लिए छुट्टी लेकर गांव आए।
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फोटो-22
चेन्नई से आए संजय
गांव के संजय कुमार ने बताया कि मैं चेन्नई में नौकरी करता हूं। मुझे ग्राम प्रधान व लेखपाल ने मतदान करने के लिए बुलाया है। मेरे वोट से हमारे गांव का शत-प्रतिशत मतदान में नाम हुआ है। -संजय कुमार
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फोटो-23
गांव के विकास के लिए हम सभी ने मतदान किया है। अब हमें उम्मीद है कि गांव का विकास होगा, बिजली पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं मिल जाएंगी। - लाड़ो पाल
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फोटो- 25
गांव के लोगों ने बाहर से अपने परिजन और बच्चों को मतदान करने के लिए बुलाया। ग्रामीणों ने विकास की उम्मीद के साथ मतदान किया है। अब जब हमने शत-प्रतिशत मतदान किया है तो गांव की कई समस्याएं दूर होंगीं। -अभय चौबे।
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फोटो-26, 27, 28
मड़ावरा: बुंदेली परिधान में वोट डालने जाते सौलदा के ग्रामीण
सोल्दा गांव: आदिवासी बाहुल्य मतदाताओं ने रचा इतिहास
एक ओर जहां पढ़े-लिखे लोगों को मतदान करने के लिए तरह-तरह से प्रेरित किया जाता है, वहीं दूसरी ओर आदिवासी बाहुल्य गांव सोल्दा के 375 मतदाताओं ने 100 फीसदी मतदान करके नया इतिहास रचा। सोल्दा गांव के ग्रामीणों के पास मतदान करने के लिए तमाम मुद्दे थे। यहां न पक्की सड़कें हैं और न हाईस्कूल। खेती के लिए पानी के लिए इंतजाम नहीं हैं। गांव आने-जाने के लिए बस नहीं है। लेकिन ग्रामीणों ने इन सब मुद्दों से ऊपर उठकर अपनी जिम्मेदारी निभाई। गांव की मजली बहू बताती हैं कि गांव में एक प्राइमरी स्कूल है। यातायात के साधन न होने के चलते बच्चे बमुश्किल आठवीं पास कर घर बैठ जाते हैं। गांव की मीरा कहती हैं कि गांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की भी काफी कमी है। स्वास्थ्यकर्मी गांव कभी कभार ही आते हैं। बीमार होने पर इलाज के लिए मड़ावरा जाना पड़ता है। अब गांव में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर होने की उम्मीद है।
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फोटो-29,अपरबल
गांव तक पहुंचने के लिये पक्की सड़क है, जो सिर्फ नाम के लिए ही पक्की है। गांव में सफाई व्यवस्था बदहाल है। - अपरबल
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फोटो-30,सुकन
खेती और पशुपालन के लिए पानी की जरूरत है। गांव के किनारे सूखे पड़े तालाब का गहरीकरण कर जीर्णोद्धार कराये जाने से खेती के लिए पानी मिल सकता है। -सुकन
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फोटो-32,राजेश
विस चुनाव में पड़े थे 73 फीसदी वोट
बीएलओ राजेश सेन ने बताया कि मतदेय स्थल पर 375 मतदाता पंजीकृत हैं। सभी ने मताधिकार का प्रयोग किया। कई मतदाताओं को बाहर से बुलाया गया। विस चुनाव में गांव में 73.06 फीसदी मतदान हुआ था।

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वर्जन
सोल्दा में सड़क और बमौरी नागर में सड़क, श्मशान घाट का निर्माण, बिजली व पानी की समस्या बतलाई गई थी। आचार संहिता खत्म होते ही काम कराया जाएगा। - अक्षय त्रिपाठी, जिलाधिकारी
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