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अस्पताल की केबल फटी, बिजली गुल
amarujala
Updated Wed, 26 Jul 2017 01:26 AM IST
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hospital lalitpur news
- फोटो : demo
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ललितपुर।
जिला अस्पताल में सोमवार की देर रात विद्युत केबल बर्स्ट हो जाने से एक फेस की बिजली ठप हो गई। इससे ओटी समेत कई वार्डों की बिजली घंटों तक गुल रही। इस कारण यहां भर्ती मरीजों को उमस भरी गर्मी में परेशानी उठानी पड़ी तो कई बीमारियां की जांच में भी दिक्कत आई।
बिजली विभाग द्वारा जिला अस्पताल के लिए रोंड़ा स्थित 132 केवी विद्युत सब स्टेशन से स्वतंत्र फीडर के माध्यम से 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाती है। लेकिन मेंटीनेंस में कमी के चलते जिला अस्पताल की बिजली आए दिन किसी न किसी वजह से फाल्ट में आ जाती है और घंटों बिजली ठप बनी रहती है। सोमवार की देर रात करीब दो बजे जिला अस्पताल की एलटी अंडरग्राउंड केबल जलने के कारण बर्स्ट हो गई। रात को जब केबल में धमाका हुआ तो मानों जैसे दीवाली पर पटाखे फूट रहे हों। लगातार पांच मिनट तक केबल से चिंगारियां निकलती रही। यह देख कई मरीज और उनके साथ तीमारदार बाहर निकल आए।
जिससे रात में जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। सुबह होने पर करीब छह बजे जिला अस्पताल के विद्युत विभाग द्वारा एक पेट्रोलिंग कर एक फेस की आपूर्ति सुचारु कर दी गई। जबकि दूसरा फेस केबल बर्स्ट होने के चलते मंगलवार की शाम तक सुचारु नहीं की जा सकी। हालांकि सुधार के प्रयास रात तक जारी थे। बिजली गुल होने से जिला अस्पताल के बार्डों व ओटी कक्षों में अंधेरा छा गया, जबकि कई जांच उपकरण बिजली के अभाव में शोपीस बने रहे और मरीजों को आवश्यक जांचों के लिए परेशान होना पड़ा। जिला अस्पताल में एक सप्ताह में ही दो से तीन बार फाल्ट होने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही है और हर बार इस अव्यवस्था से मरीजों को ही दो चार होना पड़ा है। वहीं गत सप्ताह ही एक महिला की बिजली, पानी के अभाव में जिला अस्पताल के महिला वार्ड में मौत तक हो गई थी। इसके बाद भी जिला अस्पताल मात्र बिजली विभाग द्वारा दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पर ही निर्भर है। जबकि इसी अस्पताल में महिला वार्ड के लिए तीस किलोवाट का सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित है, जो महिला अस्पताल को भरपूर बिजली मुहैया कराता है। लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा इस ओर कोई खास पहल नहीं की गई है। जबकि नेडा विभाग द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों में 10 से तीस किलोवाट क्षमता तक के सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित कराने को प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं। यदि जिला अस्पताल भी सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित करा लेता है तो जिला अस्पताल में बिजली की समस्या का हमेशा के लिए संकट समाप्त हो सकेगा और आए दिन मरीजों को इस प्रकार बिजली गुल रहने से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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ट्रांसफार्मर जला, रात भर ठप रही बिजली
ललितपुर। शहर के मुुहल्ला गोविंदनगर में स्थित कांशीराम कालोनी में स्थापित एक 250 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर सोमवार की देर रात अचानक जोरदार धमाके की आवाज के साथ जल गया। इससे कालोनी की बिजली गुल हो गई। कालोनी वासियों ने इसकी सूचना बिजली विभाग को दी, जिस पर विद्युत कर्मचारियों द्वारा ट्रांसफार्मर की जांच कर उसे खराब घोषित कर दिया गया और अगले दिन सुबह होने पर ट्रांसफार्मर हटाया गया और दोपहर करीब एक बजे दूसरा ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति सुचारु कराई गई।
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जिला अस्पताल में सोमवार की देर रात विद्युत केबल बर्स्ट हो जाने से एक फेस की बिजली ठप हो गई। इससे ओटी समेत कई वार्डों की बिजली घंटों तक गुल रही। इस कारण यहां भर्ती मरीजों को उमस भरी गर्मी में परेशानी उठानी पड़ी तो कई बीमारियां की जांच में भी दिक्कत आई।
बिजली विभाग द्वारा जिला अस्पताल के लिए रोंड़ा स्थित 132 केवी विद्युत सब स्टेशन से स्वतंत्र फीडर के माध्यम से 24 घंटे बिजली आपूर्ति दी जाती है। लेकिन मेंटीनेंस में कमी के चलते जिला अस्पताल की बिजली आए दिन किसी न किसी वजह से फाल्ट में आ जाती है और घंटों बिजली ठप बनी रहती है। सोमवार की देर रात करीब दो बजे जिला अस्पताल की एलटी अंडरग्राउंड केबल जलने के कारण बर्स्ट हो गई। रात को जब केबल में धमाका हुआ तो मानों जैसे दीवाली पर पटाखे फूट रहे हों। लगातार पांच मिनट तक केबल से चिंगारियां निकलती रही। यह देख कई मरीज और उनके साथ तीमारदार बाहर निकल आए।
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जिससे रात में जिला अस्पताल की बिजली गुल हो गई। सुबह होने पर करीब छह बजे जिला अस्पताल के विद्युत विभाग द्वारा एक पेट्रोलिंग कर एक फेस की आपूर्ति सुचारु कर दी गई। जबकि दूसरा फेस केबल बर्स्ट होने के चलते मंगलवार की शाम तक सुचारु नहीं की जा सकी। हालांकि सुधार के प्रयास रात तक जारी थे। बिजली गुल होने से जिला अस्पताल के बार्डों व ओटी कक्षों में अंधेरा छा गया, जबकि कई जांच उपकरण बिजली के अभाव में शोपीस बने रहे और मरीजों को आवश्यक जांचों के लिए परेशान होना पड़ा। जिला अस्पताल में एक सप्ताह में ही दो से तीन बार फाल्ट होने से घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही है और हर बार इस अव्यवस्था से मरीजों को ही दो चार होना पड़ा है। वहीं गत सप्ताह ही एक महिला की बिजली, पानी के अभाव में जिला अस्पताल के महिला वार्ड में मौत तक हो गई थी। इसके बाद भी जिला अस्पताल मात्र बिजली विभाग द्वारा दी जाने वाली बिजली आपूर्ति पर ही निर्भर है। जबकि इसी अस्पताल में महिला वार्ड के लिए तीस किलोवाट का सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित है, जो महिला अस्पताल को भरपूर बिजली मुहैया कराता है। लेकिन जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा इस ओर कोई खास पहल नहीं की गई है। जबकि नेडा विभाग द्वारा विभिन्न सरकारी विभागों में 10 से तीस किलोवाट क्षमता तक के सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित कराने को प्रस्ताव भी शासन को भेजे गए हैं। यदि जिला अस्पताल भी सोलर ऊर्जा प्लांट स्थापित करा लेता है तो जिला अस्पताल में बिजली की समस्या का हमेशा के लिए संकट समाप्त हो सकेगा और आए दिन मरीजों को इस प्रकार बिजली गुल रहने से परेशान नहीं होना पड़ेगा।
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ट्रांसफार्मर जला, रात भर ठप रही बिजली
ललितपुर। शहर के मुुहल्ला गोविंदनगर में स्थित कांशीराम कालोनी में स्थापित एक 250 केवीए क्षमता का ट्रांसफार्मर सोमवार की देर रात अचानक जोरदार धमाके की आवाज के साथ जल गया। इससे कालोनी की बिजली गुल हो गई। कालोनी वासियों ने इसकी सूचना बिजली विभाग को दी, जिस पर विद्युत कर्मचारियों द्वारा ट्रांसफार्मर की जांच कर उसे खराब घोषित कर दिया गया और अगले दिन सुबह होने पर ट्रांसफार्मर हटाया गया और दोपहर करीब एक बजे दूसरा ट्रांसफार्मर स्थापित कर बिजली आपूर्ति सुचारु कराई गई।