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पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट से जुड़ रहे ललितपुर के होटल व लॉज

Sat, 26 Sep 2020 01:27 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 26 Sep 2020 01:27 AM IST
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Historical place join websites lalitpur
ललितपुर। पर्यटकों की सुविधा के लिए शासन की योजना के तहत पर्यटन विभाग होटलों का डाटा बेस तैयार कर रहा है। जिसके तहत ललितपुर के होटल, लॉज, गेस्ट हाउस और पेइंग गेस्ट हाउसों को विभाग के पोर्टल पर संकलित कराया जा रहा है। अभी तक जनपद के दस होटलों को पर्यटन मंत्रालय की वेबसाइट पर पंजीकृत किया जा चुका है। इससे कोई भी पर्यटक कहीं से भी वेबसाइट पर होटलों की जानकारी देख सकेगा। पर्यटन विभाग का प्रमुख उद्देश्य पर्यटकों के लिए सुविधाएं प्रदान किया जाना है।
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होटल उद्योग को प्रोत्साहन दिए जाने के लिए पर्यटन मंत्रालय के पोर्टल www.hotelcloud.nic.in पर पूरे देश में अभी तक लगभग 22 हजार से अधिक इकाइयां अपलोड भी हो चुकी हैं। उत्तर प्रदेश की 2,380 इकाइयां इस पोर्टल पर अपलोड हुई हैं। जिनमें ललितपुर में भी लगभग 10 होटल व लॉज को भी आवेदन मिलने पर इस पोर्टल पर अपलोड कर दिया गया है। अपलोड होने वाली प्रत्येक आवासीय इकाइयों को पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन नंबर प्रदान किया जा रहा है। अन्य होटलों और लॉज के को भी पलोड कराने की प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए पर्यटन विभाग द्वारा जनपद के सभी होटल संचालकों को वेबसाइट पर पंजीकृत कराने के लिए संपर्क भी किया जा रहा है। इसके लिए होटल संचालकों को पर्यटन मंत्रालय द्वारा जारी एक फार्म भरना होगा और अपना पंजीकरण उक्त वेबसाइट पर कराना होगा। इससे होटल व्यवसाय के साथ ही जनपद में पर्यटन को भी बढ़ावा मिल सकेगा।
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महाभारत कालीन से लेकर 17वीं शताब्दी तक की पुरासंपदाओं से भरा पड़ा है ललितपुर
जनपद में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, जिले में देवगढ़ का दशावतार मंदिर, जैन मंदिर, वेतवा नदी किनारे महाभारतकालीन मुचकुंद गुफा, बौद्ध गुफाएं, धौर्रा क्षेत्र में चांदपुर-जहाजपुर के प्राचीन मंदिर, धौर्रा के आगे बेतवा नदी के तट पर महाभारतकालीन श्रीरणछोरजी मंदिर, पाली का नीलकंठेश्वर मंदिर, दूधई का सूर्य मंदिर, दूधई में ही चालीस फीट ऊंची पहाड़ी पर उकेरी गई विशाल नृसिंह प्रतिमा, नाराहट से 12 किलोमीटर दूर जामनी नदी के तट पर दो सौ फीट ऊंची पहाड़ी पर स्थित पांडव वन, नाराहट क्षेत्र में कनकद्दर जल प्रताप, तालबेहट का किला, तालबेहट का हजारिया महादेव मंदिर, बंदरगुढ़ा स्थित जाखलौन पंप केनाल, राजघाट बांध परियोजना, गोविंद सागर बांध स्थित स्वचालित साईफन, जखौरा क्षेत्र में बेतवा नदी से निकला करकरावल जल प्रताप, सिरसी की गढ़ी, सीरौनकलां में प्राचीन व भव्य जैन मंदिर, बार क्षेत्र में चंदनवन नगर आदि देखने और घूमने के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है।
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पर्यटन मंत्रालय द्वारा पर्यटन को बढ़ावा देने और पर्यटकों को सुविधाएं प्रदान करने के लिए देश व प्रदेश के सभी होटलों को सरकार की वेबसाइट से जोड़कर डाटाबेस तैयार किया जा रहा है। ललितपुर जिले के अभी तक दस होटलों का इस वेबसाइट पर पंजीकरण कराया गया है। जबकि बाकी होटलों व लॉज व अन्य छोटे ठहरने योग्य होटलों को भी जुड़ने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। जनपद में पर्यटन महत्व के कई स्थल हैं, जहां हर माह सैकड़ों पर्यटक घूमने जाते हैं। वेबसाइट पर जुड़ने से उन होटलों को जानकारी पर्यटक कहीं से भी देख सकेंगे और आगे यदि कोई सरकारी योजना आती है तो उसका लाभ भी इन होटलों को मिल सकेगा।
आरके रावत, पर्यटन उपनिदेशक, झांसी/चित्रकूट धाम मंडल।
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