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मड़ावरा के प्राचीन स्थलों की नहीं हो रही देखरेख
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मदनपुर स्थित किला
- फोटो : LALITPUR
मड़ावरा (ललितपुर)। जनपद के अंतिम छोर पर बसे मड़ावरा क्षेत्र में अनेक पुरातत्व धरोहरें हैं। ग्राम सौंरई में राजा बखतवली शाह का किला है तथा जैन मंदिर भी हैं। पुरातात्विक धरोहरों के मामले में मड़ावरा समृद्ध है, लेकिन इन प्राचीन स्थलों की देखरेख नहीं हो रही है, इस कारण यहां पर्यटन को बढ़ावा नहीं मिल पा रहा है।
बुंदेलखंड में जिले की अलग पहचान है। यहां अनेक प्राचीन दर्शनीय स्थल हैं। पुरातत्व विभाग ने कई विरासतों को सहेजने के लिए जिम्मेदारी ली है। ग्राम सौंरई स्थित शाहगढ़ रियासत के राजा बखतवली शाह का दुर्ग और जैन मंदिर हैं। वहीं, ग्राम मदनपुर स्थित महोबा के वीर लड़ाके आल्हा-ऊदल की नक्काशीदार पत्थरों की बैठक है। पचमढ़ी के प्राचीन जैन मंदिर है। ग्राम सीरोंन में खुदाई के दौरान जैन धर्म से संबंधित पाषाण मूर्तियां मिल चुकी हैं जो पुरातत्व महत्व को दर्शाती हैं। गिरार गिरि में धसान नदी के किनारे स्थित श्री राम जानकी मंदिर प्राचीन कहा का बेजोड़ नगीना है। मड़ावरा क्षेत्र में मौजूद धरोहरें प्रचार- प्रसार का इंतजार कर रही हैं।
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ग्राम मदनपुर स्थित प्राचीन इमारतें भले ही पुरातत्व विभाग की देखरेख में हों, लेकिन न तो उनकी रंगाई- पुताई हो रही है और न साफ-सफाई की जा रही है। इससे विरासतें जर्जर होती जा रही हैं।
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- शिवराम घोसी
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ग्राम सौंरई के किले की सात-आठ वर्ष पहले सफाई एवं थोड़ी बहुत मरम्मत कराई गई थी, लेकिन दुर्ग रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गया है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
- पुरुषोत्तम नारायण श्रोती
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सीरोन जी क्षेत्र में खुदाई के दौरान मिली पाषाण मूर्तियों को संग्रहालय में रखवा दिया गया, लेकिन इनके बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार की कमी है। इसके चलते यहां पर्यटन का विकास नहीं हो पा रहा है। ग्राम हंसरी से लिधौरा तक कच्ची सड़क राह का रोड़ा बनी हुई है।
- संजय खन्ना, मड़ावरा व्यापार मंडल
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बुंदेलखंड में जिले की अलग पहचान है। यहां अनेक प्राचीन दर्शनीय स्थल हैं। पुरातत्व विभाग ने कई विरासतों को सहेजने के लिए जिम्मेदारी ली है। ग्राम सौंरई स्थित शाहगढ़ रियासत के राजा बखतवली शाह का दुर्ग और जैन मंदिर हैं। वहीं, ग्राम मदनपुर स्थित महोबा के वीर लड़ाके आल्हा-ऊदल की नक्काशीदार पत्थरों की बैठक है। पचमढ़ी के प्राचीन जैन मंदिर है। ग्राम सीरोंन में खुदाई के दौरान जैन धर्म से संबंधित पाषाण मूर्तियां मिल चुकी हैं जो पुरातत्व महत्व को दर्शाती हैं। गिरार गिरि में धसान नदी के किनारे स्थित श्री राम जानकी मंदिर प्राचीन कहा का बेजोड़ नगीना है। मड़ावरा क्षेत्र में मौजूद धरोहरें प्रचार- प्रसार का इंतजार कर रही हैं।
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ग्राम मदनपुर स्थित प्राचीन इमारतें भले ही पुरातत्व विभाग की देखरेख में हों, लेकिन न तो उनकी रंगाई- पुताई हो रही है और न साफ-सफाई की जा रही है। इससे विरासतें जर्जर होती जा रही हैं।
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- शिवराम घोसी
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ग्राम सौंरई के किले की सात-आठ वर्ष पहले सफाई एवं थोड़ी बहुत मरम्मत कराई गई थी, लेकिन दुर्ग रखरखाव के अभाव में बदहाल हो गया है। जगह-जगह गंदगी फैली हुई है।
- पुरुषोत्तम नारायण श्रोती
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सीरोन जी क्षेत्र में खुदाई के दौरान मिली पाषाण मूर्तियों को संग्रहालय में रखवा दिया गया, लेकिन इनके बारे में व्यापक प्रचार-प्रसार की कमी है। इसके चलते यहां पर्यटन का विकास नहीं हो पा रहा है। ग्राम हंसरी से लिधौरा तक कच्ची सड़क राह का रोड़ा बनी हुई है।
- संजय खन्ना, मड़ावरा व्यापार मंडल

मदनपुर स्थित आल्हा-ऊदल की बैठक- फोटो : LALITPUR