{"_id":"65feba46333ba46b0006210c","slug":"heated-altercation-between-ruling-party-leaders-son-and-agriculture-department-officer-lalitpur-news-c-131-1-ltp1004-112247-2024-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Lalitpur News: सत्ताधारी दल के नेता पुत्र व कृषि विभाग के अफसर के बीच तीखी नोकझोंक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Lalitpur News: सत्ताधारी दल के नेता पुत्र व कृषि विभाग के अफसर के बीच तीखी नोकझोंक
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। सत्ताधारी पार्टी के एक असरदार नेता के पुत्र व कृषि विभाग के एक अफसर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामले को बढ़ता देख विभागीय अधिकारी अपने चैंबर से बाहर आए और किसी तरह शांत कराया। शुक्रवार को पूरे दिन विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
शनिवार शाम लगभग छह बजे विभागीय अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में थे। इसी दौरान सत्ताधारी पार्टी के एक नेता के पुत्र आए। किसी बात को लेकर एक अधिकारी से उनकी कहासुनी हो गई। मामला तीखी नोकझोंक तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार कृषि यंत्रों के भुगतान को लेकर एक दूसरे में कहासुनी शुरू हुई। कुछ लोगों का कहना है कि नियम के विपरीत भुगतान कराए जाने का दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, दोनों पक्ष कुछ भी कहने से इन्कार कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
-- -
सत्ताधारी नेता ने लगाए विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप
सत्ताधारी नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि योजनाएं पारदर्शी होने के बाद भी किसानों से सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। छोटे कृषि यंत्रों पर दो हजार तो बड़े कृषि यंत्रों पर 20 से 40 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
ललितपुर। सत्ताधारी पार्टी के एक असरदार नेता के पुत्र व कृषि विभाग के एक अफसर के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मामले को बढ़ता देख विभागीय अधिकारी अपने चैंबर से बाहर आए और किसी तरह शांत कराया। शुक्रवार को पूरे दिन विभाग में चर्चाओं का बाजार गर्म रहा।
शनिवार शाम लगभग छह बजे विभागीय अधिकारी व कर्मचारी कार्यालय में थे। इसी दौरान सत्ताधारी पार्टी के एक नेता के पुत्र आए। किसी बात को लेकर एक अधिकारी से उनकी कहासुनी हो गई। मामला तीखी नोकझोंक तक पहुंच गया। सूत्रों के अनुसार कृषि यंत्रों के भुगतान को लेकर एक दूसरे में कहासुनी शुरू हुई। कुछ लोगों का कहना है कि नियम के विपरीत भुगतान कराए जाने का दबाव बनाया जा रहा था। हालांकि, दोनों पक्ष कुछ भी कहने से इन्कार कर रहे हैं। विभागीय अधिकारी भी चुप्पी साधे हुए हैं।
विज्ञापन
सत्ताधारी नेता ने लगाए विभाग पर भ्रष्टाचार के आरोप
सत्ताधारी नेता ने नाम न बताने की शर्त पर कृषि विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि योजनाएं पारदर्शी होने के बाद भी किसानों से सुविधा शुल्क लिया जा रहा है। छोटे कृषि यंत्रों पर दो हजार तो बड़े कृषि यंत्रों पर 20 से 40 हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं।
विज्ञापन