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Lalitpur News: दो साल से दिल के मरीजों को बाहर का रास्ता
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मेडिकल कॉलेज
ललितपुर। जनपद में मेडिकल कॉलेज संचालित होने के दो वर्ष बाद भी स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार नहीं हो सका है। यहां हृदय रोगियों को अब भी समुचित उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रही है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, प्रतिदिन दो से तीन हृदय रोगियों को प्राथमिक उपचार देकर हायर अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है।
कई बार समय पर उपचार न मिलने के कारण मरीजों की मौत तक हो जाती है। मेडिकल कॉलेज को एनएमसी से 31 जुलाई 2024 को मान्यता मिल गई थी। यहां 50 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक और 70 सीनियर व जूनियर रेजीडेंट कार्यरत हैं। जिला अस्पताल के भी कई चिकित्सक यहां सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है और बेडों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसके बावजूद, हृदयघात की पुष्टि होने पर मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजा जाता है।
विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीशियनों का अभाव
मेडिकल कॉलेज में एक आईसीयू स्थापित किया गया है। इसमें वेंटीलेटर, ऑक्सीजन, पल्स और बीपी जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। हालांकि, इन वेंटीलेटर को संचालित करने के लिए अब तक कोई टेक्नीशियन नहीं है। कॉलेज में अब तक किसी कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। हृदय रोगी अभी भी एमडी फिजिशियन चिकित्सकों के सहारे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर टेक्नीशियन व कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए पत्राचार किया गया है, मिलने पर नियुक्त किए जाएंगे।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज
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कई बार समय पर उपचार न मिलने के कारण मरीजों की मौत तक हो जाती है। मेडिकल कॉलेज को एनएमसी से 31 जुलाई 2024 को मान्यता मिल गई थी। यहां 50 से अधिक विशेषज्ञ चिकित्सक और 70 सीनियर व जूनियर रेजीडेंट कार्यरत हैं। जिला अस्पताल के भी कई चिकित्सक यहां सेवाएं दे रहे हैं। कर्मचारियों की संख्या पर्याप्त है और बेडों की संख्या में भी वृद्धि हुई है। इसके बावजूद, हृदयघात की पुष्टि होने पर मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजा जाता है।
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विशेषज्ञ चिकित्सकों और तकनीशियनों का अभाव
मेडिकल कॉलेज में एक आईसीयू स्थापित किया गया है। इसमें वेंटीलेटर, ऑक्सीजन, पल्स और बीपी जैसी आधुनिक मशीनें उपलब्ध हैं। हालांकि, इन वेंटीलेटर को संचालित करने के लिए अब तक कोई टेक्नीशियन नहीं है। कॉलेज में अब तक किसी कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती नहीं हो सकी है। हृदय रोगी अभी भी एमडी फिजिशियन चिकित्सकों के सहारे हैं।
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मेडिकल कॉलेज में वेंटीलेटर टेक्नीशियन व कार्डियोलॉजिस्ट की तैनाती के लिए पत्राचार किया गया है, मिलने पर नियुक्त किए जाएंगे।
- डॉ. गजेंद्र सिंह, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, मेडिकल कॉलेज