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बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम में ह्रदय रोगी दो बच्चों की सर्जरी कराई
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ललितपुर। जिले में दो ह्रदय रोग से ग्रसित दो बच्चों की राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज में निशुल्क सर्जरी कराई गई। अब दोनों बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर डॉ. सुखदेव पंकज ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिसमें शून्य से 19 साल तक के बच्चों की विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जाता है। इनमें हृदय रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होंठ-तालू, मुडे़ पैर, एनीमिया, दांत टेढ़े-मेढ़े होना, बिहैवियर डिस्ऑर्डर आदि तमाम बीमारियां शामिल हैं।
बीमारियों से ग्रसित बच्चों केे चिह्नीकरण के लिए टीम द्वारा शिविर लगाए जाते हैं। इसके अलावा विद्यालयों में भी टीमों द्वारा जांच शिविर लगाए जाते हैं। बीते दिनों शिविर में ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत एक गांव निवासी 12 वर्षीय बालिका व ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम निवासी सात वर्षीय बालक ह्रदय रोग से ग्रसित पाए गए थे, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा गया था, अब बच्चों की सर्जरी हो गई है। बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
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शून्य से 19 वर्ष तक के बच्चों में बीमारियों की खोज व स्वस्थ रखने के लिए आरबीएसके टीम लगातार शिविर लगा रही है। बीते दिनों चिह्नित हुए दो ह्रदय रोग के बच्चों की सफल सर्जरी हो गई है। अब दोनों बच्चे स्वस्थ हैं।
डॉ. अजय भाले, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी /नोडल अधिकारी, आरबीएसके
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आरबीएसके के डीईआईसी मैनेजर डॉ. सुखदेव पंकज ने बताया कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम चलाए जा रहे हैं। जिसमें शून्य से 19 साल तक के बच्चों की विभिन्न बीमारियों का इलाज किया जाता है। इनमें हृदय रोग, बहरापन, मोतियाबिंद, कटे होंठ-तालू, मुडे़ पैर, एनीमिया, दांत टेढ़े-मेढ़े होना, बिहैवियर डिस्ऑर्डर आदि तमाम बीमारियां शामिल हैं।
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बीमारियों से ग्रसित बच्चों केे चिह्नीकरण के लिए टीम द्वारा शिविर लगाए जाते हैं। इसके अलावा विद्यालयों में भी टीमों द्वारा जांच शिविर लगाए जाते हैं। बीते दिनों शिविर में ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत एक गांव निवासी 12 वर्षीय बालिका व ब्लॉक मड़ावरा के अंतर्गत ग्राम निवासी सात वर्षीय बालक ह्रदय रोग से ग्रसित पाए गए थे, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अलीगढ़ भेजा गया था, अब बच्चों की सर्जरी हो गई है। बच्चे पूरी तरह से स्वस्थ हैं।
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शून्य से 19 वर्ष तक के बच्चों में बीमारियों की खोज व स्वस्थ रखने के लिए आरबीएसके टीम लगातार शिविर लगा रही है। बीते दिनों चिह्नित हुए दो ह्रदय रोग के बच्चों की सफल सर्जरी हो गई है। अब दोनों बच्चे स्वस्थ हैं।
डॉ. अजय भाले, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी /नोडल अधिकारी, आरबीएसके