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मोदी के नाम पर वोट देने का पढ़ाया पाठ
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 11 Dec 2016 01:17 AM IST
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uma bharti, lalitpur news
- फोटो : demo
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युवा सम्मेलन में क्षेत्रीय सांसद/केंद्रीय मंत्री उमा भारती ने विधानसभा चुनाव की टिकट पसरी धुंध साफ करने की जगह और इसे गहरा कर दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी का जो भी उम्मीदवार होगा, उसके लिए सभी वोट व समर्थन देगें। इस दौरान उन्होंने मंचासीन पदाधिकारियों एवं उपस्थित कार्यकर्ताओं के हाथ भी उठवाए।
उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लगभग सभी पार्टियां गंभीरता से ले रही हैं। सपा, बसपा ने पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। भाजपा व कांग्रेस इस मामले में पिछड़ती दिख रही है। उम्मीदवार तय नहीं होने से संभावित उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ती ही जा रही हैं। भाजपा में अन्य दलों के मुकाबले टिकट के लिए ज्यादा मारामारी है। दूसरे दलों के नेताओं ने पार्टी की सदस्यता लेकर टिकट के मामले को पेचीदा बना दिया है। ललितपुर विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला, पिछला चुनाव लड़ चुके रामरतन कुशवाहा, जेके सिंह, गंधर्व लोधी टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। वहीं, सदर विधायक रमेश कुशवाहा भी कतार में हैं। महरौनी विधानसभा में पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार, मनोहर लाल पंथ मन्नू कोरी, स्वाधीनता कृष्णा, रजनी, मुन्ना लाल रजक सहित कई दावेदार हैं। जिससे दोनों विधानसभाओं में टिकट फाइनल नहीं हो पा रही है।
क्षेत्रीय सांसद/केंद्रीय मंत्री उमा भारती की राय के बिना टिकट संभव नहीं है। पार्टी में उनके आभामंडल के आगे बुंदेलखंड के नेता फीके हैं। इसलिए स्थानीय नेताओं की नजरें उन पर टिकी हैं। कई दावेदार उनके संपर्क में भी हैं। युवा सम्मेलन में उनका कार्यक्रम लगा तो दावेदारों के साथ अन्य नेताओं में टिकट किसकी झोली में जाएगी, इसकी उत्सुकता दिखाई दी? लेकिन, सम्मेलन में जो कुछ हुआ, उससे पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैरत में पड़ गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पहले फिर मंचासीन पदाधिकारियों के हाथ उठवाए। उन्होंने कहा कि पार्टी का जो भी उम्मीदवार होगा, उसके लिए बिना किसी विरोध के समर्थन व वोट करेंगे। यही नहीं, उन्होंने पार्टी, झंडा व प्रधानमंत्री के नाम पर वोट करने को कहा।
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इससे लोगों में यह चर्चा जन्म ले गई कि मौजूदा दावेदारों से हटकर भी टिकट दिया जा सकता है। इन शंकाओं को इसलिए भी बल मिल रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी उमा भारती अचानक उम्मीदवार बना दी गई थी। हालांकि इस समय कहा जा रहा है कि भाजपा टिकट फाइनल करने से पहले सर्वे करा रही है जो निर्णायक इसके लिए निर्णायक होगा।
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उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव को लगभग सभी पार्टियां गंभीरता से ले रही हैं। सपा, बसपा ने पहले ही अपने उम्मीदवार घोषित कर दिए हैं। भाजपा व कांग्रेस इस मामले में पिछड़ती दिख रही है। उम्मीदवार तय नहीं होने से संभावित उम्मीदवारों की धड़कने बढ़ती ही जा रही हैं। भाजपा में अन्य दलों के मुकाबले टिकट के लिए ज्यादा मारामारी है। दूसरे दलों के नेताओं ने पार्टी की सदस्यता लेकर टिकट के मामले को पेचीदा बना दिया है। ललितपुर विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री वीरेंद्र सिंह बुंदेला, पिछला चुनाव लड़ चुके रामरतन कुशवाहा, जेके सिंह, गंधर्व लोधी टिकट के लिए दावेदारी कर रहे हैं। वहीं, सदर विधायक रमेश कुशवाहा भी कतार में हैं। महरौनी विधानसभा में पूर्व मंत्री रतनलाल अहिरवार, मनोहर लाल पंथ मन्नू कोरी, स्वाधीनता कृष्णा, रजनी, मुन्ना लाल रजक सहित कई दावेदार हैं। जिससे दोनों विधानसभाओं में टिकट फाइनल नहीं हो पा रही है।
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क्षेत्रीय सांसद/केंद्रीय मंत्री उमा भारती की राय के बिना टिकट संभव नहीं है। पार्टी में उनके आभामंडल के आगे बुंदेलखंड के नेता फीके हैं। इसलिए स्थानीय नेताओं की नजरें उन पर टिकी हैं। कई दावेदार उनके संपर्क में भी हैं। युवा सम्मेलन में उनका कार्यक्रम लगा तो दावेदारों के साथ अन्य नेताओं में टिकट किसकी झोली में जाएगी, इसकी उत्सुकता दिखाई दी? लेकिन, सम्मेलन में जो कुछ हुआ, उससे पदाधिकारी व कार्यकर्ता हैरत में पड़ गए। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पहले फिर मंचासीन पदाधिकारियों के हाथ उठवाए। उन्होंने कहा कि पार्टी का जो भी उम्मीदवार होगा, उसके लिए बिना किसी विरोध के समर्थन व वोट करेंगे। यही नहीं, उन्होंने पार्टी, झंडा व प्रधानमंत्री के नाम पर वोट करने को कहा।
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इससे लोगों में यह चर्चा जन्म ले गई कि मौजूदा दावेदारों से हटकर भी टिकट दिया जा सकता है। इन शंकाओं को इसलिए भी बल मिल रहा है कि लोकसभा चुनाव के दौरान भी उमा भारती अचानक उम्मीदवार बना दी गई थी। हालांकि इस समय कहा जा रहा है कि भाजपा टिकट फाइनल करने से पहले सर्वे करा रही है जो निर्णायक इसके लिए निर्णायक होगा।