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गुरु व शिष्य का संबंध अनमोल
ब्यूरो
Updated Sat, 27 Feb 2016 12:58 AM IST
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ललितपुर। श्री रामकथा महोत्सव में महामंडलेश्वर संतोष दास सतुआ बाबा महाराज के नगर आगमन पर जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने सत्संग में कहा कि गुरु व शिष्य का संबंध अनमोल है। सतुआ बाबा का जगह-जगह स्वागत किया गया।
शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वाराणसी से आए महामंडलेश्वर संतोषदास सतुआ बाबा का स्वागत किया। इसके पश्चात सुभाषपुरा स्थित प्रेस क्लब अध्यक्ष के निवास पर सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि गुरु व शिष्य का संबंध अनमोल होता है।
गुरु वह है, जो शिष्य के जीवन में सदाचार व सत्य का आचरण शामिल कर दे। शिष्य का दायित्व है कि वह गुरु के प्रत्येक आदेश का पालन करे। उन्होंने कहा कि जो गुरु शिष्य की चेतना को विस्तार दे, वह सद्गुरु है, जो मन से भ्रम निकाल दे वह सद्गुरु है।
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जो शिष्य को निखार दे, वह सद्गुरु है और जो भव सागर से पार कर दे वह सद्गुरु है। अज्ञान के अंधकार को मिटा दे वह सद्गुरु है, जो जीवन को नई परिभाषा दे वह सद्गुरु है। जो स्वार्थ को मिटा परमार्थ भाव जगा दे, वह सद्गुरु है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में गुरु को सदैव उच्च स्थान प्रदान करना चाहिए।
इस दौरान वह सिविल लाइन में प्रकाश नारायण पुरोहित के आवास पर गए और आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह श्री राम कथा में शामिल हुए।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, अशोक गोस्वामी, अजय तिवारी, अनूप मोदी, संजीव बजाज, दीपक सोनी, राहुल शुक्ला, विजय जैन कल्लू, कपिल नायक, वीरेंद्र पुरोहित, सतेंद्र सिसौदिया, बंटी जैन, महेश श्रीवास्तव, नितिन गिरि; अशोक पंथ,
अशोक गुड्डू तिवारी, अनुराग चौबे, भरत रावत, मनीष अरोरा, नासिर खान, ओमी राजा, अज्जू बाबा, मनीष अग्रवाल, नील पटैरिया, बॉबी राजा पटसेमरा, संदीप शर्मा, अमित सोनी, अंतिम जैन पारौल, रमेश रायकवार आदि उपस्थित रहे।
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शुक्रवार को राष्ट्रीय राजमार्ग पर प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने वाराणसी से आए महामंडलेश्वर संतोषदास सतुआ बाबा का स्वागत किया। इसके पश्चात सुभाषपुरा स्थित प्रेस क्लब अध्यक्ष के निवास पर सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें उन्होंने कहा कि गुरु व शिष्य का संबंध अनमोल होता है।
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गुरु वह है, जो शिष्य के जीवन में सदाचार व सत्य का आचरण शामिल कर दे। शिष्य का दायित्व है कि वह गुरु के प्रत्येक आदेश का पालन करे। उन्होंने कहा कि जो गुरु शिष्य की चेतना को विस्तार दे, वह सद्गुरु है, जो मन से भ्रम निकाल दे वह सद्गुरु है।
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जो शिष्य को निखार दे, वह सद्गुरु है और जो भव सागर से पार कर दे वह सद्गुरु है। अज्ञान के अंधकार को मिटा दे वह सद्गुरु है, जो जीवन को नई परिभाषा दे वह सद्गुरु है। जो स्वार्थ को मिटा परमार्थ भाव जगा दे, वह सद्गुरु है। इसलिए मनुष्य को अपने जीवन में गुरु को सदैव उच्च स्थान प्रदान करना चाहिए।
इस दौरान वह सिविल लाइन में प्रकाश नारायण पुरोहित के आवास पर गए और आशीर्वाद दिया। इसके बाद वह श्री राम कथा में शामिल हुए।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौबे, अशोक गोस्वामी, अजय तिवारी, अनूप मोदी, संजीव बजाज, दीपक सोनी, राहुल शुक्ला, विजय जैन कल्लू, कपिल नायक, वीरेंद्र पुरोहित, सतेंद्र सिसौदिया, बंटी जैन, महेश श्रीवास्तव, नितिन गिरि; अशोक पंथ,
अशोक गुड्डू तिवारी, अनुराग चौबे, भरत रावत, मनीष अरोरा, नासिर खान, ओमी राजा, अज्जू बाबा, मनीष अग्रवाल, नील पटैरिया, बॉबी राजा पटसेमरा, संदीप शर्मा, अमित सोनी, अंतिम जैन पारौल, रमेश रायकवार आदि उपस्थित रहे।