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भंडारण केंद्रों पर नहीं पहुंचा अनुदान पर मिलने वाला बीज

Thu, 22 Jul 2021 01:15 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 22 Jul 2021 01:15 AM IST
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granted seeds, not available, storage centre
kisan.jpg - फोटो : kisan.jpg
ललितपुर। किसानों की हिमायती कही जाने वाली सरकार किसानों को खरीफ फसल का बीज उपलब्ध नहीं करा पाई है। बीज भंडारण केंद्रों पर अनुदान पर मिलने वाला बीज उपलब्ध नहीं है। ऐसे में केंद्रों पर बीज लेने पहुंच रहे किसानों को मायूसी हाथ लग रही है। मजबूरन, उन्हें बाजार से महंगे दामों में बीज खरीदना पड़ रहा है।
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जिले में 1045 क्विंटल के सापेक्ष मात्र 279 क्विंटल ही आया है। जनपद में खरीफ फसल की बुवाई के लिए शासन ने तीन लाख नौ हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है। किसान भी बुवाई के लिए खेतों की जुताई कर तैयार बैठे थे, लेकिन बारिश न होने से चिंतित बने हुए थे। अब बीते दो दिन से हो रही बारिश ने किसानों की फसल बुवाई की उम्मीद जगा दी है। बारिश से खेतों में पर्याप्त मात्रा में नमी आ गई है। खरीफ की बुवाई की तैयारियां शुरू कर दीं हैं।
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लेकिन शासन द्वारा अनुदान पर मिलने वाले बीज न मिलने से परेशान हो गए हैं। खरीफ फसल का लक्ष्य जारी तो किया गया, पर बीज भंडार केंद्रों पर बीज नहीं आया है। मूंग तिल, सोयाबीन का बीज ही भंडारण केंद्रों पर आया ही नहीं है। मात्र 26 प्रतिशत बीज मिल पाया है।
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ऐसे में किसान फसलों की बुवाई के लिए अनुदान पर बीज लेने की उम्मीद लेकर पहुंच रहे हैं। जहां पर किसानों को बीज न होने की जानकारी दी जा रही है। इससे किसान मायूस लौट रहे हैं। इससे किसान मजबूर होकर बाजार से खरीद रहे हैं। इनमें कई किसानों ने पहले बुवाई कर चुके हैं, लेकिन बारिश न होने से बीज अंकुरित नहीं हुए और अंकुरित हुए तो बारिश के अभाव में सूख कर नष्ट हो गए। ऐसे में किसान कर्ज लेकर बाजार से बीज खरीद रहे हैं।
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बीते दिनों बारिश न होने से बुवाई नहीं की थी, अब बारिश हो गई है, लेकिन बुवाई के लिए बीज भंडार केंद्र पर बीज नहीं मिल पाया है। बुवाई के लिए बाजार से बीज खरीदेंगे।

- जयपाल सिंह
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पूर्व में फसल की बुवाई करने से नष्ट हो गई थी, अब बुवाई कर हरे है, इसके लिए अनुदान पर मिलने वाला बीज नहीं मिल पा रहा है। अब बाजार से बीज खरीदना पड़ रहा है।
- मंजू
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लक्ष्य के सापेक्ष खरीफ फसल का बीज कम प्राप्त हुआ है। बीज मिलने पर किसानों को वितरित किया जाएगा।
- संतोष कुमार सविता, उप कृषि निदेशक
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