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Lalitpur News: साढ़े तीन वर्ष पहले मिला सीएचसी का दर्जा, नहीं बढ़ीं सुविधाएं

Mon, 24 Aug 2026 11:21 PM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 24 Aug 2026 11:21 PM IST
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Granted CHC status three and a half years ago; facilities remain unchanged.
ललितपुर। जनपद के ब्लॉक जखौरा स्थित पीएचसी को साढ़े तीन वर्ष पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा मिल गया था। लेकिन, अब तक स्वास्थ्य सेवाओं में वृद्धि तक नहीं हो सकी है।
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वर्ष 2023 में पीएचसी को जखौरा को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया था। सीएचसी बनने के साथ ही मानक अनुसार 30 बेड, 24 घंटे उपचार की सुविधा, पांच विशेषज्ञ चिकित्सक समेत अल्ट्रासाउंड, डिजिटल एक्स-रे जांच समेत अन्य सुविधाएं मिलनी थीं। साथ ही गर्भवती महिलाओं को सामान्य प्रसव के साथ ही आवश्यकता होने पर सीजेरियन प्रसव की सुविधा मिलनी थी।
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लेकिन, साढ़े तीन वर्ष बाद भी हालात जस के तस बने हुए हैं। यहां पर अब तक सर्जन, फिजीशियन, स्त्री रोग विशेषज्ञ, बाल रोग विशेषज्ञ और एनेस्थीसिया का एक भी विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। महज तीन ही सामान्य चिकित्सक हैं। ऐसे में आने वाले मरीजों को सामान्य उपचार मात्र ही मिल पा रहा है। गंभीर हालत में मरीजाें को रेफर करना पड़ रहा है। यही नहीं हालत यह है कि लंबे समय से सुविधाएं न मिलने से गंभीर हालत में मरीज सीधे जिला मुख्यालय व निजी अस्पतालों की ओर रुख करने को मजबूर हैं।
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अल्ट्रासाउंट व डिजिटल एक्स-रे जांच की नहीं है सुविधा
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर अब तक डिजिटल एक्स-रे जांच तक की सुविधा नहीं है। ऐसे में हड्डी व अन्य समस्याओं के मरीजों को मुख्यालय या निजी सेंटरों की ओर रुख करना पड़ता है। वहीं अल्ट्रासाउंड जांच भी शुरू नहीं हो सकी है। इससे पेट दर्द व गर्भवती महिलाओं को अल्ट्रासाउंड जांच का संकट बना हुआ है।

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सीजेरियन प्रसव की नहीं है सुविधा
सीएचसी पर गर्भवती महिलाओं को प्रसव पीड़ा होने पर सामान्य प्रसव की सुविधा मात्र ही मिल पा रही है। सीजेरियन प्रसव के लिए स्त्री रोग विशेषज्ञ व एनेस्थीसिया चिकित्सक नहीं है। ऐसे में सीजर प्रसव की स्थिति में प्रसूताओं को मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर करना पड़ता है। इससे प्रतिदिन एक से दो प्रसूताएं रेफर होतीं हैं। वहीं अधिकांश महिलाएं मुख्यालय पर ही प्रसव को जातीं हैं।
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सीएचसी पर विशेषज्ञों की कमी के चलते सुविधाओं की कमी बनी हुई है। विशेषज्ञ मिलने पर नियुक्त किए जाएंगे। इससे बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, प्रभारी मुख्य चिकित्सा अधिकारी
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