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ग्रेनाइट संचालकों ने बनाए खदानों के पास कृत्रिम पहाड़

Sat, 18 Jan 2020 01:00 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 18 Jan 2020 01:00 AM IST
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Granite operators built artificial mountains near mines
ग्रानाईट के पत्थरों से बना पहाड़ - फोटो : LALITPUR
ललितपुर। जिले में ग्रेनाइट की खदानों से खनन के दौरान निकले कटिंग के पत्थर एवं मिट्टी (अवशेष पदार्थ )से कृत्रिम पहाड़ बन गए हैं। नियमानुसार खनन वाले स्थान पर हरियाली बरकरार रखने के लिए पौध रोपण किए जाते हैं, लेकिन पट्टाधारक कृत्रिम पहाड़ों के कारण पौधरोपण न करके नियमों को धता बता रहे हैं और कागजी खानापूरी कर कार्रवाई से बच रहे हैं। इससे जगह-जगह कृत्रिम पहाड़ से नजर आने लगे हैं।
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पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए राष्ट्रीय हरित अधिकरण ने तमाम नियम कायदे बनाए हैं। इनमें पत्थर के खनन करने वाले स्थान पर पौधे लगाए जाते हैं। इसके अलावा खनन से उड़ने वाली डस्ट व धूल को रोकने के लिए पानी का छिड़काव करने के लिए अन्य प्रावधान हैं। लेकिन, अधिकांश पट्टेधारक नियमों को ताक पर रखकर खदानों का संचालन कर खनन कर रहे हैं। इससे पर्यावरण प्रदूषित हो रहा है। ऐसी ही स्थिति जिले में संचालित अधिकांश ग्रेनाइट खदानों की है, जहां पर ग्रेनाइट खदान में खनन तो किया गया, लेकिन पौधे नहीं रोपे गए हैं। इससे इन क्षेत्रों में डस्ट व धूल के गुबार उड़ते रहते हैं। इससे आसपास के लोगों को सांस लेने में परेशानी हो जाती है। जिले में 25 खदानों को पट्टे दिए गए थे, इनमें 10 खदानों से खनन कर ग्रेनाइट निकाला जा रहा है, जबकि 15 ग्रेनाइट खदानों में शुरुआात में तो खनन कर पत्थर निकाला गया, लेकिन कुछ ही वर्षों बाद रोक लगा दी गई। इन सभी खदानों के आसपास खनन क्षेत्र से कम पौधे रोपे गए हैं, जो खनन क्षेत्र की अपेक्षा कम संख्या में हैं। इसके अलावा खदानों के आसपास संचालकों ने बड़े-बड़े कृत्रिम पत्थरों व मिट्टी के पहाड़ खड़े कर दिए हैं। यहां पर लगभग तीन दर्जन से अधिक कृत्रिम पहाड़ खड़े हो गए हैं। यह कृत्रिम पहाड़ पर्यावरण को प्रभावित कर रहे हैं। इन पहाड़ों के चलते पौध रोपण भी नहीं हो पा रहा है, वहीं जमीन में भी भारी गड्ढे हैं, इन्हें भी नहीं भरा गया है। इसको लेकर न तो संचालक जागरूक हो रहे हैं और न ही अधिकारी ध्यान दे रहे हैं। इससे कृत्रिम पहाड़ों की संख्या में लगातार ही वृद्घि होती जा रही है।
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ग्रेनाइट खदानों के आसपास पौधे लगाने का प्रावधान है। इसके साथ ही कृत्रिम पहाड़ों का निस्तारण पट्टों की अवधि समाप्त होने पर कराया जाएगा।
- मुकेश मिश्रा
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