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हर्षपुर में मशीन से सोलिंग गिट्टी कार्य पाए जाने पर श्रमदान घोषित
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betwa river.
- फोटो : betwa river.
ललितपुर। खंड विकास अधिकारी ने जखौरा ब्लाक के ग्राम हर्षपुर मेें मनरेगा के अंतर्गत गिट्टी का कार्य मजदूरोें के स्थान पर मशीन से कराए जाने पर उसे श्रमदान घोषित कर दिया। ग्राम विकास अधिकारी समेत त्रिस्तरीय पंचायत समिति के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
ग्रामीणों ने ग्राम हर्षपुर में मनरेगा के कार्य मजदूरों की जगह मशीनों से कराए जाने की शिकायत की थी। इस पर उप जिलाधिकारी सदर केके सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्राम हर्षपुर में चुन्नीलाल के मकान से दस्सू के मकान तक 300 मीटर सड़क पर गिट्टी के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि यह कार्य मजदूरों से नहीं कराकर जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर- ट्राली से कराया पाया। एसडीएम की रिपोर्ट पर खंड विकास अधिकारी अर्जित प्रकाश ने इस कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया।
प्रकरण की खंड विकास अधिकारी जखौरा ने गहनता से पड़ताल की। इसमें पाया कि उक्त कार्य हेतु प्रयोग की जाने वाली सामग्री का टेंडर एक समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया। उक्त कार्य की पत्रावली में संलग्न पत्र में निविदा खुलने की अंतिम तिथि 12 सितंबर 2020 थी। इसी दिन टेंडर स्वीकृति सूचना थी। जबकि ,समाचार पत्र के प्रकाशन की तिथि 03 अक्तूबर 2020 है, जो शासकीय निर्माण कार्य हेतु सामग्री खरीद करने में शासनादेश में दिए गए निर्देशों का उल्लघंन है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर खंड विकास अधिकारी जखौरा ने ग्राम विकास अधिकारी हर्षपुर ब्रह्म कुमार रिछारिया, ग्राम पंचायत की त्रिस्तरीय समिति के सदस्य जगत सिंह पुत्र भगवत सिंह यादव, दीपेंद्र पुत्र सोहनलाल रजक और रश्मिदेवी पत्नी रामकुमार कुशवाहा के विरुद्ध धारा 420 एवं मनरेगा अधिनियम - 2005 की धारा 25 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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ग्रामीणों ने ग्राम हर्षपुर में मनरेगा के कार्य मजदूरों की जगह मशीनों से कराए जाने की शिकायत की थी। इस पर उप जिलाधिकारी सदर केके सिंह ने मौके पर पहुंचकर जांच की। ग्राम हर्षपुर में चुन्नीलाल के मकान से दस्सू के मकान तक 300 मीटर सड़क पर गिट्टी के कार्य का निरीक्षण किया। उन्होंने पाया कि यह कार्य मजदूरों से नहीं कराकर जेसीबी मशीन एवं ट्रैक्टर- ट्राली से कराया पाया। एसडीएम की रिपोर्ट पर खंड विकास अधिकारी अर्जित प्रकाश ने इस कार्य को श्रमदान घोषित कर दिया।
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प्रकरण की खंड विकास अधिकारी जखौरा ने गहनता से पड़ताल की। इसमें पाया कि उक्त कार्य हेतु प्रयोग की जाने वाली सामग्री का टेंडर एक समाचार पत्र में प्रकाशित किया गया। उक्त कार्य की पत्रावली में संलग्न पत्र में निविदा खुलने की अंतिम तिथि 12 सितंबर 2020 थी। इसी दिन टेंडर स्वीकृति सूचना थी। जबकि ,समाचार पत्र के प्रकाशन की तिथि 03 अक्तूबर 2020 है, जो शासकीय निर्माण कार्य हेतु सामग्री खरीद करने में शासनादेश में दिए गए निर्देशों का उल्लघंन है। निर्देशों का उल्लंघन करने पर खंड विकास अधिकारी जखौरा ने ग्राम विकास अधिकारी हर्षपुर ब्रह्म कुमार रिछारिया, ग्राम पंचायत की त्रिस्तरीय समिति के सदस्य जगत सिंह पुत्र भगवत सिंह यादव, दीपेंद्र पुत्र सोहनलाल रजक और रश्मिदेवी पत्नी रामकुमार कुशवाहा के विरुद्ध धारा 420 एवं मनरेगा अधिनियम - 2005 की धारा 25 में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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