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तमाम योजनाएं चल रही पर हकीकत यहीं, सरकार कॉलेज नहीं खुलवा पाई, बेटियां छोड़ रहीं पढ़ाई
Thu, 28 Jul 2022 02:04 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, बिरधा(ललितपुर)
अमर उजाला नेटवर्क, बिरधा(ललितपुर)
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Thu, 28 Jul 2022 02:04 PM IST
सार
विद्यालय में बालक व बालिकाएं साथ में पढ़ाई कर रहे हैं। यहां सरकारी कॉलेज के सापेक्ष अधिक शुल्क लिया जाता है। ऐसे में कई निर्धन परिवार के लोग अपने बच्चों को पढ़ा तक नहीं पा रहे हैं। इनमें बच्चियों तक की पढ़ाई भी बीच में ही छूट जाती है।
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school girl
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
सरकार बेटियों की शिक्षा के लिए भले तमाम योजनाएं चला रही हो लेकिन हकीकत यह है कि ब्लॉक मुख्यालय पर बेटियों के पढ़ने के लिए एक सरकारी कॉलेज तक नहीं खोला गया। हैरत की बात तो यह है कि इस विधानसभा क्षेत्र से विधायक प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री मनोहर लाल पंथ हैं, इसके बाद भी इस क्षेत्र में बेटियों की पढ़ाई रामभरोसे चल रही है। ग्रामीणों का कहना है कि संपन्न परिवार के लोग अपनी बेटी को कस्बा स्थित निजी कॉलेज में पढ़ा लेते हैं, लेकिन गरीब तबका बेटी की शिक्षा जूनियर हाई स्कूल के बाद ही बंद करा देता है।
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बालिका शिक्षा की अनदेखी हो रही
कस्बा बिरधा मुख्यालय की आबादी लगभग दस हजार है। यहां अस्पताल, ब्लॉक मुख्यालय, बैंक व पुलिस चौकी आदि कार्यालय तो संचालित हो रहे हैं, लेकिन बालिका शिक्षा की अनदेखी हो रही है। ब्लॉक मुख्यालय पर सरकारी इंटर कॉलेज नहीं होने से ग्रामीण क्षेत्र की कई बालिकाएं तो आठवीं पास करके पढ़ाई छोड़ देती हैं। वर्तमान में यहां पर इकलौता निजी इंटर कॉलेज है, जिसमें कस्बा समेत आस-पास के ग्रामीण क्षेत्र के बच्चे पढ़ाई करने पहुंचते हैं।
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विद्यालय में बालक व बालिकाएं साथ में पढ़ाई कर रहे हैं। यहां सरकारी कॉलेज के सापेक्ष अधिक शुल्क लिया जाता है। ऐसे में कई निर्धन परिवार के लोग अपने बच्चों को पढ़ा तक नहीं पा रहे हैं। इनमें बच्चियों तक की पढ़ाई भी बीच में ही छूट जाती है। इससे ग्रामीण क्षेत्र में छिपी प्रतिभा निखर कर सामने नहीं आ पा रही है।
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ग्रामीण क्षेत्र के हजारों लड़के व लड़कियां कस्बा में पढ़ाई करने आते हैं, लेकिन एक ही कॉलेज होने से लड़के और लड़कियां सहशिक्षा होने से छात्राएं असुरक्षित महसूस करती हैं। कई निर्धन परिवार की बेटियां कक्षा आठ से ही पढ़ाई छोड़ देतीं है।
- गजेंद्र सिंह बुंदेला, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि उमरिया डोंगरा
ब्लॉक मुख्यालय में सरकार द्वारा राजकीय बालिका इंटर कॉलेज बनना चाहिए। जिससे हर गरीब परिवार की बेटी सरकारी कॉलेज में पढ़ाई कर सके। सरकारी कॉलेज में फीस कम लगेगी और बालिकाएं का स्कूल खुलने से लड़कियां सुरक्षित रूप से पढ़ाई कर सकेंगी।
- नंदकिशोर कुशवाहा, किसान नेता बिरधा
ब्लॉक मुख्यालय का क्षेत्र बड़ा है। यहां पर दूर-दराज से ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब परिवारों की लड़कियां पढ़ाई करने आतीं हैं, लेकिन मुख्य व्यवसाय खेती होने से अधिक शुल्क अदा नहीं कर पातीं है। इससे पढ़ाई नहीं कर पाती हैं।
- रामू कुशवाहा, जिला पंचायत सदस्य बिरधा
कस्बा और क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों की उदासीनता से राजकीय बालिका इंटर कॉलेज नहीं है। जिससे गरीब परिवारों की बेटियां पैसे के अभाव में कक्षा आठ के बाद पढ़ाई बंद कर देती हैं। इससे पढ़ाई नहीं कर पा रहीं हैं।
- गौरव पाराशर