{"_id":"ea987321e2fedd11c2043ca283c60d64","slug":"got-off-school-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बंद मिला स्कूल ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बंद मिला स्कूल
ब्यूरो/अमर उजाला
Updated Wed, 29 Jul 2015 12:58 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विज्ञापन
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी रामपाल सिंह और जिला समन्वयक प्रशिक्षण कमलेश कुमार ने सबसे पहले प्राथमिक विद्यालय खोखरा का निरीक्षण किया। निरीक्षण में प्रधानाध्यापक प्रभा देवी राजपूत उपस्थित थीं, लेकिन सहायक अध्यापक शिवशंकर चौहान, राजेश राजे और धर्मेंद्र सिंह मौके पर नहीं मिले। हालांकि, सहायक अध्यापक धर्मेंद्र सिंह कुछ समय पश्चात विद्यालय में उपस्थित हो गए। स्कूल भवन की न तो रंगाई- पुताई हुई थी और न जनवाचन कराया गया। जिस पर बीएसए ने प्रधानाध्यापिका को चेतावनी व अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब कर लिया है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय खोखरा के गेट पर ताले लटकते मिले। स्कूल के बाहर चार बच्चे शिक्षक का इंतजार कर रहे थे, जिस पर बीएसए ने समस्त स्टाफ का एक दिवस का वेतन रोक दिया। कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय कल्यानपुरा में वार्डन रूपकला सोलोमन, लेखाकार विनम्रभाई, रसोइया मिथलेश व चतुर्थ श्रेणी रवि पाराशर उपस्थित थे। शेष दस शिक्षक व कर्मी अनुपस्थित पाए गए। स्कूल में नामांकित 100 के मुकाबले 78 बालिकाएं की उपस्थित पाई गईं।
इधर, बीएसए ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय मिर्चवारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय अर्चना शुक्ला व कृष्णकांत नायक उपस्थित नहीं थे। हालांकि, कुछ समय बाद में शिक्षक- शिक्षिकाएं उपस्थित हो गए। उन्होंने भविष्य में लेट नहीं होने का भरोसा दिया। फुलटाइम टीचर मोहिनी चतुर्वेदी की डायरी अपूर्ण पाई गई। छात्राओं का शैक्षिक स्तर न्यून था। कक्षा आठ के बच्चों को पर्यावरण की जानकारी नहीं दी थी। भोजन पंजिका में छब्बीस जुलाई से उपस्थिति नहीं ली गई। स्कूल परिसर भी गंदा था। इस पर बीएसए ने वार्डन को साफ- सफाई के लिए निर्देशित किया, साथ ही शैक्षिक स्तर न्यून पाए जाने पर कक्षाध्यापिकाओं को एक दिवस का वेतन रोक दिया। इससे शिक्षकों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया।
विज्ञापन