फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Girls bring ups and then mid -day meal is made in school

छात्राएं लेकर आती हैं उपले तब स्कूल में बनता है मिड डे मील

Wed, 20 Jul 2022 01:12 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 20 Jul 2022 01:12 AM IST
विज्ञापन
Girls bring ups and then mid -day meal is made in school
पाली(ललितपुर)। जिले में सरकारी विद्यालयों की दशा सुधरने का नाम नहीं ले रही है। कस्बा पाली में स्थित प्राथमिक कन्या विद्यालय में छात्राएं घर से गोबर के उपले लेकर आती हैं, तब जाकर उनके लिए मिड डे मील बनता है। स्कूल में गैस कनेक्शन होने के बाद भी मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा है। बच्चों को चूल्हे से उठने वाले धुंआ के बीच पढ़ाई करनी पड़ रही है।
विज्ञापन

प्रदेश सरकार परिषदीय विद्यालयों को कान्वेंट की तर्ज पर चलाने के लिए तमाम कवायदें कर रही है। शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए स्मार्ट क्लास बनाने के साथ बेहतर शिक्षा पर जोर दिया जा रहा है। मगर जिले के कस्बा पाली के प्राथमिक कन्या विद्यालय में हालात कुछ और ही हैं। यहां छात्राओं के लिए मिड डे मील बनाने के लिए गैस का कनेक्शन दिया गया था। मगर यहां मिट्टी के चूल्हे पर खाना पकाया जा रहा है। इतना ही नहीं खाना पकाने के लिए छात्राओं से गोबर के उपले भी मंगाए जाते हैं। छात्राओं ने बताया कि वह अपने घर से गोबर के उपले लाती हैं। तभी मिड डे मील पकाया जाता है। चूल्हे पर खाना पकाए जाने से धुआं कक्षाओं में पहुंच रहा है। जिससे बच्चों को पढ़ाई करने में काफी मुसीबत का सामना करना पड़ता है और धुएं से आंखों से आंसू निकलते हैं। इसका असर बच्चों की आंखों पर पड़ रहा है। विद्यालय में बना कुछ महीने पहले बना शौचालय भी पूर्ण नहीं है। बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
विज्ञापन

बच्चे स्वयं धो रहे खाने के झूठे बर्तन
इस विद्यालय में चूल्हे पर मिड डे मील तो बनाया ही जा रहा है। मिड डे मील बच्चों को स्कूल की थालियों में परोसा जाता है। यहां तक तो ठीक है लेकिन जब बच्चे खाना खा लेते हैं तो स्कूल स्टाफ द्वारा उन झूठी थालियों को बच्चों से ही साफ कराया जा रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन

कक्षाओं की छत से दिख रहे लोहे के सरिया
कहने को तो सरकारी परिषदीय विद्यालयों में रंग रोगन व निर्माण कार्य जोर-शोर से कराए जा रहे हैं। लेकिन प्राथमिक कन्या विद्यालय पाली इससे काफी दूर है। यहां विद्यालय के कक्षाओं के अंदर छत से सरिया बाहर दिखाई दे रहे हैं। जोकि कभी भी खतरे का कारण बन सकता है।

गैस खत्म हो गई होगी। इसलिए चूल्हे पर खाना बन रहा होगा। बच्चे अपनी थाली स्वयं धोते हैं, तो सही तरीके से धोते हैं। - कपूर सिंह, खंड शिक्षाधिकारी ब्लॉक बिरधा
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed