फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   Gates of six dams of the district including Rajghat, Matatila opened

Lalitpur News: राजघाट, माताटीला सहित जिले के छह बांधों के गेट खुले

Fri, 18 Jul 2025 01:09 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Jul 2025 01:09 AM IST
विज्ञापन
Gates of six dams of the district including Rajghat, Matatila opened
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

ललितपुर। बृहस्पतिवार को जिले में हुई भारी बारिश से बांधों के भराव क्षेत्र से पानी की आवक ज्यादा होने पर राजघाट, माताटीला, कचनौंदा, भावनी, उटारी, लोअर रोहिणी के गेट खोले गए और अतिरिक्त पानी की निकासी की जाने लगी। बांधों से पानी छोड़े जाने पर निचले इलाकों में बहने वाली नदियाें का जलस्तर बढ़ गया। सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों के जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं।
जनपद में हो रही बारिश और मध्यप्रदेश क्षेत्र में हो रही बारिश से बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ गया। जिससे राजघाट बांध का जलस्तर निर्धारित से अधिक पर पहुंचने लगा। इसे देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने बांध के गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करने के आदेश दिए। जिसके क्रम में राजघाट बांध के आठ गेट खोलकर 75000 क्यूसेक पानी छोड़ना शुरू किया। राजघाट के गेट खुलने पर निचले इलाके में निर्मित माताटीला बांध में पानी की आवक ज्यादा होने लगी। इस पर माताटीला बांध के बीस गेट दो-दो फुट पर खोलकर 47100 क्यूसेक पानी की निकासी की जाने लगी। सिंचाई विभाग के अधिकारियों के मुताबिक माताटीला बांध से देर रात तक एक लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने की संभावना है। वहीं भावनी बांध के कैचमेट एरिया में हुई बारिश से बांध के तीन गेट खोलकर 5890 क्यूसेक पानी छोड़ा जाने लगा। वहीं, कचनौंदा बांध से 2850 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।
विज्ञापन

उटारी बांध के पांच गेट खोलकर 2400 क्यूसेक पानी और लोअर रोहिणी का एक गेट खोलकर 582 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है। बांधों के गेट खुलने पर निचले इलाकों में बहने वाली नदियों का जलस्तर बढ़ गया और वह उफनाकर बहने लगी। सिंचाई विभाग ने निचले इलाकों में अलर्ट घोषित किया और लोगों से नदी क्षेत्र में न जाने की अपील की। वहीं सिंचाई विभाग के अधिकारी बांधों में पानी की आवक और जलस्तर की लगातार निगरानी कर रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

अधिशासी अभियंता सिंचाई खंड/नोडल भूपेश सुहेरा ने बताया कि बांधों के कैचमेट एरिया में भारी बारिश होने से भराव क्षेत्र से पानी की आवक बांधों में ज्यादा हुई। जिससे बांधों का निर्धारित जलस्तर बढ़ने लगा। जलस्तर निर्धारित करने के लिए गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी की जा रही है। जलस्तर निर्धारित होने पर गेट बंद कर दिए जाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed