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नालों पर कब्जा, सड़कों पर गंदगी
lalitpur
Updated Mon, 27 Jun 2016 12:45 AM IST
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प्रशासन
- फोटो : amar ujala
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ललितपुर। बरसात के पानी से होने वाले जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर पालिका द्वारा शहर के विभिन्न नाला व नालियों की सफाई कराई जा रही है, लेकिन स्थानीय लोगों द्वारा नालों पर किए गए अवैध निर्माण व अतिक्रमण सफाई कार्य में बाधा बन रहे हैं। जिससे, शहर के विभिन्न मुहल्लों में जलभराव की समस्या बन रही है। नगर पालिका भी अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई किए बिना ही सफाई अभियान चला रही है।
बरसात के मौसम को देखते हुए जलभराव की स्थिति से नगर वासियों की निजात दिलाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा शहर से समस्त बड़े-छोटे नालों की सफाई कराई जा रही है। नगर पालिका के करीब 20 किमी लंबाई के बड़े नाले हैं। इनकी व अन्य नालियों की विभाग द्वारा सफाई कराई जा रही है। नगर क्षेत्र के लोअर जोन में बसे मुहल्लों तालाबपुरा, डोड़ाघाट, आजादपुरा, नई बस्ती, तुवनटीला, नई बस्ती, गांधीनगर आदि क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सबसे अधिक होती है। इन मुहल्लों के नालों पर स्थानीय लोगों द्वारा अवैध निर्माण कराकर अतिक्रमण कर लिया है।
नगर पालिका के अनुसार शहर के 90 प्रतिशत से अधिक नालों की सफाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन हैरानी की बात है कि नपा के किसी भी अधिकारी द्वारा नालों पर जमे अतिक्रमण का जिक्र नहीं किया, जबकि इन मुहल्लों में 100-100 मीटर तक नालियों पर अतिक्रमण है। इसको हटाए बिना नालों की सफाई करा पाना असंभव है। इससे लगता है कि नगर पालिका के अधिकारी किसी विवाद में पड़ना नहीं चाहते हैं और नालों की सफाई कार्य में अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। गत सप्ताह हुई मामूली बरसात में ही शहर के कई मुहल्लों में जलभराव की गंभीर स्थित बन गई थी, आने वाले दिनों में होने वाली बरसात के दौरान नागरिकों की काफी समस्या का समना करना पड़ेगा।
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नालों पर बन गए मकान व दुकानें
गलियों में प्रशासन की नजरों से बचकर अवैध निर्माण व अतिक्रमण हो जाना आम बात है, लेकिन शहर की मुख्य सड़कों व नालों पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण प्रशासन व संबंधित विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है। शहर के रिहायसी इलाकों में बनी लगभग सभी नालियों पर अतिक्रमण की स्थित है। मुहल्ला तालबपुरा के मुख्य मार्ग पर बनी करीब एक किमी लंबी नाली पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। अतिक्रमण के साथ-साथ कुछ लोगों ने नाली पर ही मकान बनाकर नाली को अपने घरों के अंदर कर लिया है। कई जगह पक्की दुकानों का भी निर्माण करा लिया गया है। उक्त नाली की सफाई के लिए कोई विकल्प भी नहीं है, इस कारण यहां की अब तक सफाई भी नहीं कराई गई है। इसी तहर मुहल्ला आजादपुरा के करीम नगर नाले पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है, जो सफाई कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है। मुहल्ला तालाबपुरा जैसी ही स्थित पूरे आजादपुरा, नई बस्ती, गांधीनगर आदि मुहल्लों की है, जहां अतिक्रमण हटाए बिना नाली-नाले की सफाई करना असंभव है। इसके बावजूद नगर पालिका अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रही है।
नाला पर बन गया मार्केट
वार्ड नंबर 24 मुहल्ला नझाई बाजार में तालाबपुरा मार्ग पर बने नाले व नाली को ढंककर अवैधानिक तरीके से मार्केट बना लिया गया है। मार्केट स्वामी द्वारा नाली का नामोनिशान तक गायब कर दिया गया है। इसी तरह मुहल्ला आजादपुरा में पुराने नाला पर भी स्थानीय लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर लिया गया है। इस इलाके में बरसात के समय चार-चार फुट तक सड़कों पर पानी भर जाता है व लोगों के घरों में भी पानी घुसने लगाता है। विगत वर्ष स्थानीय लोगों की मांग पर यहां नगर पालिका द्वारा नाला निर्माण कार्य शुरु किया गया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों से विवाद की स्थिति से बचने के लिए नगर पालिका ने निर्माण कार्य ही बंद कर दिया था। बरसात शुरू होती है, फिर से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अतिक्रमण की समस्या है। लेकिन, कोई शिकायत नहीं आई है। यदि इसको लेकर शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी
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बरसात के मौसम को देखते हुए जलभराव की स्थिति से नगर वासियों की निजात दिलाने के उद्देश्य से नगर पालिका द्वारा शहर से समस्त बड़े-छोटे नालों की सफाई कराई जा रही है। नगर पालिका के करीब 20 किमी लंबाई के बड़े नाले हैं। इनकी व अन्य नालियों की विभाग द्वारा सफाई कराई जा रही है। नगर क्षेत्र के लोअर जोन में बसे मुहल्लों तालाबपुरा, डोड़ाघाट, आजादपुरा, नई बस्ती, तुवनटीला, नई बस्ती, गांधीनगर आदि क्षेत्रों में जलभराव की समस्या सबसे अधिक होती है। इन मुहल्लों के नालों पर स्थानीय लोगों द्वारा अवैध निर्माण कराकर अतिक्रमण कर लिया है।
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नगर पालिका के अनुसार शहर के 90 प्रतिशत से अधिक नालों की सफाई का कार्य पूर्ण हो चुका है, लेकिन हैरानी की बात है कि नपा के किसी भी अधिकारी द्वारा नालों पर जमे अतिक्रमण का जिक्र नहीं किया, जबकि इन मुहल्लों में 100-100 मीटर तक नालियों पर अतिक्रमण है। इसको हटाए बिना नालों की सफाई करा पाना असंभव है। इससे लगता है कि नगर पालिका के अधिकारी किसी विवाद में पड़ना नहीं चाहते हैं और नालों की सफाई कार्य में अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। गत सप्ताह हुई मामूली बरसात में ही शहर के कई मुहल्लों में जलभराव की गंभीर स्थित बन गई थी, आने वाले दिनों में होने वाली बरसात के दौरान नागरिकों की काफी समस्या का समना करना पड़ेगा।
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नालों पर बन गए मकान व दुकानें
गलियों में प्रशासन की नजरों से बचकर अवैध निर्माण व अतिक्रमण हो जाना आम बात है, लेकिन शहर की मुख्य सड़कों व नालों पर हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण प्रशासन व संबंधित विभाग की उदासीन कार्यप्रणाली को दर्शाता है। शहर के रिहायसी इलाकों में बनी लगभग सभी नालियों पर अतिक्रमण की स्थित है। मुहल्ला तालबपुरा के मुख्य मार्ग पर बनी करीब एक किमी लंबी नाली पर स्थानीय लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है। अतिक्रमण के साथ-साथ कुछ लोगों ने नाली पर ही मकान बनाकर नाली को अपने घरों के अंदर कर लिया है। कई जगह पक्की दुकानों का भी निर्माण करा लिया गया है। उक्त नाली की सफाई के लिए कोई विकल्प भी नहीं है, इस कारण यहां की अब तक सफाई भी नहीं कराई गई है। इसी तहर मुहल्ला आजादपुरा के करीम नगर नाले पर भी अतिक्रमण कर लिया गया है, जो सफाई कार्य में बाधा उत्पन्न कर रहा है। मुहल्ला तालाबपुरा जैसी ही स्थित पूरे आजादपुरा, नई बस्ती, गांधीनगर आदि मुहल्लों की है, जहां अतिक्रमण हटाए बिना नाली-नाले की सफाई करना असंभव है। इसके बावजूद नगर पालिका अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने से कतरा रही है।
नाला पर बन गया मार्केट
वार्ड नंबर 24 मुहल्ला नझाई बाजार में तालाबपुरा मार्ग पर बने नाले व नाली को ढंककर अवैधानिक तरीके से मार्केट बना लिया गया है। मार्केट स्वामी द्वारा नाली का नामोनिशान तक गायब कर दिया गया है। इसी तरह मुहल्ला आजादपुरा में पुराने नाला पर भी स्थानीय लोगों द्वारा अवैध निर्माण कर लिया गया है। इस इलाके में बरसात के समय चार-चार फुट तक सड़कों पर पानी भर जाता है व लोगों के घरों में भी पानी घुसने लगाता है। विगत वर्ष स्थानीय लोगों की मांग पर यहां नगर पालिका द्वारा नाला निर्माण कार्य शुरु किया गया था, लेकिन अतिक्रमणकारियों से विवाद की स्थिति से बचने के लिए नगर पालिका ने निर्माण कार्य ही बंद कर दिया था। बरसात शुरू होती है, फिर से स्थानीय लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
अतिक्रमण की समस्या है। लेकिन, कोई शिकायत नहीं आई है। यदि इसको लेकर शिकायत आती है तो कार्रवाई की जाएगी।
- राकेश कुमार
अधिशासी अधिकारी