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दलित उत्पीड़ने में चार को एक-एक वर्ष का कारावास

Sun, 18 Aug 2019 12:30 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 18 Aug 2019 12:30 AM IST
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four year punishment in scst act
दलित उत्पीड़न में चार को एक-एक वर्ष का कारावास
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पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड लगाया
अमर उजाला ब्यूरो
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एसएसटी एक्ट) जगदीश कुमार की अदालत ने मारपीट और दलित उत्पीड़न के दस वर्ष पुराने एक मामले में चार अभियुक्तों को एक-एक वर्ष के कारावास एवं पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।

सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने बताया कि थाना मड़ावरा के ग्राम चौका निवासी विनोद अहिरवार पुत्र लछू 12 मार्च 2009 को अपने मामा झांकर निवासी हरदास पुत्र लोडा अहिरवार की लड़की की शादी में आया था। 11/12 मार्च 2009 को बारात आई थी। बारातियों को वह व उसके अन्य रिश्तेदार खाना खिला रहे थे। रात करीब दो बजे ग्राम झांकर निवासी धुता पुत्र हल्लू यादव, कोमल, मुुलायम पुत्रगण रंधीर यादव एवं चिन्तामन पुत्र सेदन यादव आए और पंगत के सामने बुरी-बुरी गालियां देकर बैठने के लिए कुर्सी मांगने लगे। साथ ही जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने लगे। जब उनको गाली गलौज करने से मना किया तो सभी ने लाठियों से उसकी पिटाई कर दी। चीखने चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने वहां आकर बीच बचाव किया। पुलिस ने विनोद की तहरीर के आधार पर सभी आरोपियों पर मुकदमा दर्ज कर न्यायालय में आरोप पत्र पेश किए थे। तब से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। शनिवार को अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने सभी आरोपियों को एक-एक वर्ष के कारावास एवं पांच-पांच सौ रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई।
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