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दलित उत्पीड़न में चार सगे भाईयों को चार वर्ष की सजा
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ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एससी/एसटी एक्ट) जगदीश कुमार की अदालत ने थाना जखौरा के ग्राम अंधियारी निवासी चार सगे भाइयों को दलित उत्पीड़न, मारपीट व जान से मारने को धमकाने के मामले में दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है।
थाना जखौरा के ग्राम अंधियारी निवासी मन्नू अहिरवार पुत्र गनपत ने छह वर्ष पूर्व थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि दो मार्च 2013 को सुबह सात बजे वह अपने खेत की रखवाली कर रहा था, तभी गांव के ही रमेश, कल्लू, प्रकाश व कांटी पुत्र गण श्यामलाल लोधी हमलावर होकर आए और जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने लगे। गालियां देकर खेत की बारी करने से रोका, जिस पर उसने कहा कि वह अपने खेत की रखवाली कर रहा है, गालियां मत दो। इस पर सभी ने एक राय होकर लाठी-डंडों से उसकी पिटाई करना शुरू कर दी। चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने बीच बचाव किया।
बाद में सभी हमलावर गालियां देते जान से मारने को धमकाते हुए भाग गए। उक्त मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए थे, जिसके बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी हमलावर रमेश, कल्लू, प्रकाश व कांटी को एससी/एसटी एक्ट व जान से मारने को धमकाने के मामले में दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने की।
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थाना जखौरा के ग्राम अंधियारी निवासी मन्नू अहिरवार पुत्र गनपत ने छह वर्ष पूर्व थाने में रिपोर्ट लिखाई थी कि दो मार्च 2013 को सुबह सात बजे वह अपने खेत की रखवाली कर रहा था, तभी गांव के ही रमेश, कल्लू, प्रकाश व कांटी पुत्र गण श्यामलाल लोधी हमलावर होकर आए और जाति सूचक शब्दों से अपमानित करने लगे। गालियां देकर खेत की बारी करने से रोका, जिस पर उसने कहा कि वह अपने खेत की रखवाली कर रहा है, गालियां मत दो। इस पर सभी ने एक राय होकर लाठी-डंडों से उसकी पिटाई करना शुरू कर दी। चिल्लाने पर आसपास के लोगों ने बीच बचाव किया।
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बाद में सभी हमलावर गालियां देते जान से मारने को धमकाते हुए भाग गए। उक्त मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत कर दिए थे, जिसके बाद से यह मामला न्यायालय में विचाराधीन चल रहा था। बुधवार को न्यायाधीश ने अभियोजन पक्ष की ओर से पेश की गई दलीलों, साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर सुनवाई करते हुए सभी हमलावर रमेश, कल्लू, प्रकाश व कांटी को एससी/एसटी एक्ट व जान से मारने को धमकाने के मामले में दोषी पाते हुए चार-चार वर्ष के कारावास और तीन-तीन हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर तीन-तीन माह अतिरिक्त कारावास भी भुगतना होगा। मामले की पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लखनलाल यादव ने की।
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