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Lalitpur News: किट से जांच में रोजाना मिल रहे डेंगू के चार-पांच मरीज
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संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। किट से जांच में प्रतिदिन चार से पांच मरीज डेंगू के मिल रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए एलाइजा जांच का इंतजार किया जा रहा है। आधिकारिक तौर पर जनवरी से अब तक महज नौ मरीज ही मिले हैं, लेकिन अस्पतालों में डेंगू के लक्षण वाले मरीज रोजाना बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
बारिश के मौसम में घरों के आस-पास पानी जमा हो जाता है। छत या घर में रखे पात्रों में भी पानी जमा हो जाता है। इन साफ पानी में डेंगू के लार्वा पनपते हैं। इनके काटने से लोगों में डेंगू की बीमारी होने का खतरा रहता है। वर्तमान में डेंगू के लक्षणों वाले कई मरीज सामने आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों में प्रतिदिन चार से पांच में डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। इनमें कई तो सीएचसी या निजी पैथोलाॅजी की किट की जांच में डेंगू पाॅजिटिव की रिपोर्ट लेकर तक पहुंच रहे हैं।
लेकिन, एलाइजा जांच न होने से डेंगू की पुष्टि नहीं हो पा रही है। कारण, इन मरीजों की किट से जांच होने के बाद न तो सीएचसी द्वारा एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा जा रहा है और न ही निजी पैथोलाॅजी संचालकों द्वारा दिया जा रहा है। इससे इन मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हो पा रही है। हद तो तब हो गई, जब मेडिकल कॉलेज प्रतिदिन लगभग दो मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने के चलते भर्ती कर रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी डेंगू की पुष्टि की जांच को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सभी निजी पैथोलॉजी लैब संचालकों को निर्देशित किया जाएगा कि किट से जांच में डेंगू की आशंका होने पर पुष्टि के लिए सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए भेजें। साथ ही विभाग को सूचित करें, जिससे उनकी जांच कराई जा सके।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ
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ललितपुर। किट से जांच में प्रतिदिन चार से पांच मरीज डेंगू के मिल रहे हैं, लेकिन इसकी पुष्टि के लिए एलाइजा जांच का इंतजार किया जा रहा है। आधिकारिक तौर पर जनवरी से अब तक महज नौ मरीज ही मिले हैं, लेकिन अस्पतालों में डेंगू के लक्षण वाले मरीज रोजाना बड़ी संख्या में आ रहे हैं।
बारिश के मौसम में घरों के आस-पास पानी जमा हो जाता है। छत या घर में रखे पात्रों में भी पानी जमा हो जाता है। इन साफ पानी में डेंगू के लार्वा पनपते हैं। इनके काटने से लोगों में डेंगू की बीमारी होने का खतरा रहता है। वर्तमान में डेंगू के लक्षणों वाले कई मरीज सामने आ रहे हैं। मेडिकल कॉलेज की मेडिसिन विभाग की ओपीडी में पहुंच रहे मरीजों में प्रतिदिन चार से पांच में डेंगू के लक्षण पाए जा रहे हैं। इनमें कई तो सीएचसी या निजी पैथोलाॅजी की किट की जांच में डेंगू पाॅजिटिव की रिपोर्ट लेकर तक पहुंच रहे हैं।
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लेकिन, एलाइजा जांच न होने से डेंगू की पुष्टि नहीं हो पा रही है। कारण, इन मरीजों की किट से जांच होने के बाद न तो सीएचसी द्वारा एलाइजा जांच के लिए सैंपल भेजा जा रहा है और न ही निजी पैथोलाॅजी संचालकों द्वारा दिया जा रहा है। इससे इन मरीजों में डेंगू की पुष्टि नहीं हो पा रही है। हद तो तब हो गई, जब मेडिकल कॉलेज प्रतिदिन लगभग दो मरीजों को प्लेटलेट्स कम होने के चलते भर्ती कर रहा है। इसके बाद भी विभागीय अधिकारी डेंगू की पुष्टि की जांच को लेकर ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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सभी निजी पैथोलॉजी लैब संचालकों को निर्देशित किया जाएगा कि किट से जांच में डेंगू की आशंका होने पर पुष्टि के लिए सैंपल एलाइजा टेस्ट के लिए भेजें। साथ ही विभाग को सूचित करें, जिससे उनकी जांच कराई जा सके।
- डॉ. इम्तियाज अहमद, सीएमओ