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ललितपुर: बेतवा के पानी से लबालब होंगे चार बांध, बांधों पर चल रही हर घर जल नल परियोजना को भी मिलेगा लाभ

Mon, 29 Aug 2022 12:15 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर
अमर उजाला नेटवर्क, ललितपुर Published by: झांसी ब्यूरो Updated Mon, 29 Aug 2022 12:15 AM IST
सार

बेतवा रिवर बोर्ड द्वारा तैयार राजघाट बांध परियोजना में यूपी को 22 टीएमसी पानी मिलता है। आठ टीएमसी से जिले की करीब 60 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित किया जाता है। शेष 14 टीएमसी पानी झांसी जनपद भेजा जाता है। केन बेतवा परियोजना के तहत गोविंद सागर बांध को दो टीएमसी पानी दिया जाना है।

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Four dams will be filled with water from Betwa
गोविंद सागर बांध - फोटो : LALITPUR

विस्तार

केन बेतवा परियोजना के तहत राजघाट बांध में उत्तर प्रदेश के बचे हुए पानी से अब जिले के बांधों को लबालब किया जाएगा। बेतवा का पानी गोविंद सागर बांध में भेजते हुए, नदी और कैनाल के जरिए सजनाम, जामनी और रोहिणी बांध को भरा जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग कार्ययोजना तैयार कर रहा है।
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केन बेतवा परियोजना के तहत राजघाट बांध में उत्तर प्रदेश के बचे हुए पानी से अब जनपद के बांधों को लबालब किया जाएगा। जनपद के कुछ बांध ऐसे हैं, जो बरसात में तो भर जाते हैं। लेकिन उनसे फसलों को पूरा पानी नहीं मिल पाता है। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा, क्योकि अब गोविंद सागर बांध के जरिए सजनम, जामनी व रोहिणी बांध को बेतवा नदी के पानी से भरे जाने की योजना सिंचाई विभाग ने बनाई है।
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बेतवा रिवर बोर्ड द्वारा तैयार राजघाट बांध परियोजना में यूपी को 22 टीएमसी पानी मिलता है। आठ टीएमसी से जिले की करीब 60 हजार हेक्टेयर भूमि सिंचित किया जाता है। शेष 14 टीएमसी पानी झांसी जनपद भेजा जाता है। केन बेतवा परियोजना के तहत गोविंद सागर बांध को दो टीएमसी पानी दिया जाना है। इस कारण 12 टीएमसी पानी राजघाट बांध में यूपी के हिस्से का बच रहा है। इसका कारण है केन बेतवा परियोजना से झांसी जनपद को पर्याप्त पानी मिलना। इसके चलते राजघाट बांध से झांसी को पानी भेजने की आवश्यकता नहीं रहेगी।
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राजघाट बांध में शेष बचे यूपी के हिस्से के पानी पहले गोविंद सागर बांध में भेजा जाएगा। गोविंद सागर के माध्यम से नदी व कैनाल के जरिए पहले सजनाम बांध भरा जाएगा। इसके बाद जामनी और अंत में रोहिणी बांध को भरा जाएगा। इसके लिए सिंचाई विभाग कार्ययोजना तैयार कर रहा है। इस योजना के मूर्तरूप लेने के बाद जनपद के कई असिंचित क्षेत्रों के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो जाएगा और वर्ष भर इन बांधों में पानी पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी। वहीं केन बेतवा परियोजना से गोविंद सागर बांध को मिल रहे दो टीएमसी पानी का प्रयोग नगर में प्रस्तावित नेहरू नगर व चांदमारी पाइप पेयजल योजना के लिए किया जाएगा। इन पेयजल योजना के लिए सिंचाई विभाग ने पानी देने की स्वीकृति प्रदान की जा चुकी है।

बांधों पर चल रही हर घर जल नल परियोजना को भी मिलेगा लाभ
सजनाम बांध - मसौरा-सिंदवाहा ग्राम समूह पेयजल योजना।
जामनी बांध - सैदपुर कुम्हैडी ग्राम समूह पाइप लाइन योजना।
रोहिणी बांध - मड़ावरा ग्राम समूह पाइप पेयजल योजना।

नहरों का पानी पहुंचेगा टेल तक
केन बेतवा से गोविंद सागर बांध व बेतवा से सजनाम, जामनी व रोहिणी बांध भरने का फायदा किसानों उस समय भी मिलेगा जब जनपद में सूखा या सामान्य से कम बारिश होने के चलते बांध खाली रहते हैं। जिस कारण रबी के सीजन में सिंचाई के लिए चलने वाली नहरों का संचालन कम दिनों के लिए किया जाता है और इनका पानी टेल तक नहीं पहुंच पाता है। बेतवा के जरिए बांध भरे जाने से इन बांधों में पर्याप्त मात्रा में पानी की उपलब्धता रहेगी।


जिस कारण नहरों के संचालन किए जाने के दिन बढ़ेंगे और पानी टेल तक पहुंच जाएगा। जिसका फायदा नहरों के अंतिम छोर तक के खेतों को मिलेगा और उनके खेत प्यासे नहीं रहेंगे। गोविंद सागर बांध के जरिए सजनाम, जामनी व रोहिणी बांध को भरने की इस परियोजना पर कार्य करते हुए केन बेतवा परियोजना के साथ ही 2030 तक काम करने का डीपीआर तैयार किया जा रहा है। - शीलचंद्र उपाध्याय, अधीक्षण अभियंता, सिंचाई विभाग
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