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Lalitpur News: बिना बात रिजेक्ट किया फार्म, अभिभावक कर रहे शिकायत

Sun, 16 Apr 2023 12:24 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 16 Apr 2023 12:24 AM IST
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Form rejected without talking, parents are complaining
झांसी। शिक्षा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत निजी स्कूलों में पढ़ने की चाह रखने वाले बच्चों का फार्म भरने के बाद भी उनके अभिभावकों को विभाग के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। अभिभावकों की शिकायत है कि उनके बच्चे का फार्म बिना बात ही रिजेक्ट कर दिया गया।
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आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के परिवारों के बच्चों को निजी स्कूल में पढ़ना शिक्षा का अधिकार (आरटीई) के जरिए संभव है। स्कूलों में प्रवेश के लिए इस सत्र में पहली लॉटरी में लगभग 1700 आवेदन आए थे, जिसमें से 1000 बच्चों के नाम लॉटरी में निकले थे। वहीं लगभग 500 से आवेदन खंड शिक्षा अधिकारी और बीएसए स्तर से रिजेक्ट कर दिए गए।
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इसमें से कई अभिभावक शिक्षा अधिकारियों से शिकायत कर रहे हैं कि विभाग की आेर से बिना आवेदन को जांचे ही रिजेक्ट किया जा रहा है। इसकी शिकायत वे एडी बेसिक और डीएम को भी करेंगे। मुख्यमंत्री पोर्टल और आईजीआरएस पर भी कई अभिभावकों ने इसकी शिकायत की है।
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बिना कारण काेई फार्म रिजेक्ट नहीं होता है, यदि ऐसा हो रहा है तो इस मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। - अरुण कुमार शुक्ल


केस:1
बाहर दतिया गेट निवासी उस्मान खान ने बताया कि उनके घर में उनके साथ उनका एक भाई भी रहता है। दोनों ने ही आरटीई के लिए अपने-अपने बच्चों के आवेदन फार्म भरे थे। लेकिन, उनकी बेटी का फार्म रिजेक्ट हो गया, जबकि भाई के बेटे का फार्म स्वीकृत हो गया। फार्म रिजेक्ट में वार्ड गलत का कारण बता रहे हैं। यदि ऐसा है तो भाई के बेटे का फार्म भी रिजेक्ट होना चाहिए था।



केस 2:

खाती बाबा निवासी दिनेश सिंह ने बताया कि उनके बेटे का फार्म रिजेक्ट कर दिया गया। फार्म पर रिजेक्ट होने का कोई कारण आय लिखा है। वह मजदूर हैं। दो दिन से मजदूरी छोड़ शिक्षा विभाग के चक्कर काट रहे हैं। उसके बच्चे का फार्म रिजेक्ट कर दिया गया है। विभाग में कोई बात सुनने को ही तैयार नहीं है। अब तो एडी बेसिक को इसकी लिखित शिकायत करेंगे।



केस 3:
सीपरी बाजार निवासी आरती देवी ने बताया कि बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ाने के लिए उन्होंने आरटीई का फार्म भरा था। उनके पति की कोरोना काल में मृत्यु हो गई थी। अकेले ही अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही हैं। उनको किसी रिश्तेदार ने बताया था कि आरटीई से मुफ्त में पढ़ाई होगी, इसलिए फार्म भरा था। लेकिन फार्म रिजेक्ट हो गया। विभाग में कोई बता नहीं रहा कि क्यों रिजेक्ट हुआ है।
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