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बुंदेली थिरकन से झूम उठा मंच
ब्यूरो
Updated Tue, 08 Dec 2015 12:40 AM IST
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ललितपुर। ललितपुर महोत्सव के 12वें दिन बुंदेलखंड के पारंपरिक नृत्य राई और सैरा का आयोजन किया गया। कलाकारों ने लोकगीत पर राई नृत्य प्रस्तुत किया। नृत्य कला देखकर दर्शक झूम उठे। सुर, लय और ताल पर थरकते कलाकारों ने बुंदेलखंड की लोक परंपरा को जीवंत कर दिया।
तुवन मंदिर प्रांगण में चल रहे ललितपुर महोत्सव में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। पिछले दो हफ्ते से चल रहे इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जहां एक ओर आर्केस्ट्रा पर फिल्मी गानों का आनंद दर्शकों को मिला। वहीं, स्कूलों के बच्चों को भी महोत्सव के मंच से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
मनोरंजन के हाईटेक साधन होने के बावजूद राई व सैरा नृत्य देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुंदेली लोककला में कई अनूठे रंग छिपे हुए हैं, जिनमें से कुछ रंगों की छठा महोत्सव के जरिये देखने को मिली। राई कला नृत्य बुंदेलखंड का पारंपरिक नृत्य है। सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत तहसीलदार अवधेश निगम ने दीप जलाकर की।
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मप्र सागर, बीना, छतरपुर और जिले के ग्राम रनगांव व मड़ावरा से आई कलाकार रजनी, नीतू, रानी, पूजा, रंजना, गुलाब बाई का नृत्य देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। इस दौरान मंच पर थिरकते कलाकारों ने समां बांध दिया। यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार, पार्षद अन्नू चौबे, शरीफ कुरैशी, पार्षद प्रतिनिधि गुड्डू तिवारी, अशोक पंथ, जहीर रानू, मुस्तफा खां, विवेक बरौनिया, भवानी यादव, जगदीश यादव, इदरीश राइन, अनुराग जैन, महेंद्र कुमार सिंघई, हरीबाबू शर्मा, संजय चौबे, अक्षय किलेदार, राव राजा, अक्षय जैन, लालचंद्र कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश गोस्वामी ने किया।
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तुवन मंदिर प्रांगण में चल रहे ललितपुर महोत्सव में दर्शकों की भारी भीड़ उमड़ी। पिछले दो हफ्ते से चल रहे इस महोत्सव में विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जहां एक ओर आर्केस्ट्रा पर फिल्मी गानों का आनंद दर्शकों को मिला। वहीं, स्कूलों के बच्चों को भी महोत्सव के मंच से अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिला।
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मनोरंजन के हाईटेक साधन होने के बावजूद राई व सैरा नृत्य देखने के लिए दर्शकों की भीड़ उमड़ पड़ी। बुंदेली लोककला में कई अनूठे रंग छिपे हुए हैं, जिनमें से कुछ रंगों की छठा महोत्सव के जरिये देखने को मिली। राई कला नृत्य बुंदेलखंड का पारंपरिक नृत्य है। सोमवार को कार्यक्रम की शुरुआत तहसीलदार अवधेश निगम ने दीप जलाकर की।
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मप्र सागर, बीना, छतरपुर और जिले के ग्राम रनगांव व मड़ावरा से आई कलाकार रजनी, नीतू, रानी, पूजा, रंजना, गुलाब बाई का नृत्य देखकर दर्शकों ने खूब तालियां बजाईं। इस दौरान मंच पर थिरकते कलाकारों ने समां बांध दिया। यह कार्यक्रम देर रात तक चलता रहा।
इस अवसर पर नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल, अधिशासी अधिकारी राकेश कुमार, पार्षद अन्नू चौबे, शरीफ कुरैशी, पार्षद प्रतिनिधि गुड्डू तिवारी, अशोक पंथ, जहीर रानू, मुस्तफा खां, विवेक बरौनिया, भवानी यादव, जगदीश यादव, इदरीश राइन, अनुराग जैन, महेंद्र कुमार सिंघई, हरीबाबू शर्मा, संजय चौबे, अक्षय किलेदार, राव राजा, अक्षय जैन, लालचंद्र कुशवाहा आदि उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन दिनेश गोस्वामी ने किया।