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समर्थन मूल्य से कम दाम में गेहूं बेचने को मजबूर हैं किसान

Sat, 23 May 2020 10:29 AM IST
झांसी ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, ललितपुर
अमर उजाला ब्यूरो, ललितपुर Published by: झांसी ब्यूरो Updated Sat, 23 May 2020 10:29 AM IST
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Farmers are forced to sell wheat below the support price
wheat - फोटो : अमर उजाला
खरीद केंद्र पर गेहूं का भुगतान और उठान नहीं हो पा रहा है। इससे किसान गेहूं को नवीन गल्ला मंडी में बेचने जा रहे हैं, जहां पर समर्थन मूल्य से कम दाम मिल रहे हैं। लेकिन, कर्ज से परेशान किसान माटी मोल गेेहूं बेचने को मजबूर हैं। शासन ने किसानों को गेहूं का सही मूल्य देने के लिए गेहूं खरीद केंद्र खोले हैं। खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया है। किसान ऑनलाइन ही अपने नंबर व तिथि की जानकारी कर सकता है। किसानों को गेेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये प्रति क्विंटल दिया जा रहा है।
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लेकिन, खरीद केंद्रों पर जिम्मेदारों के लचर ढर्रे के चलते खरीद नहीं हो पा रही है। स्थिति यह है कि केंद्र पर खरीद किए गए गेहूं का समय से उठान नहीं हो पा रहा है। खरीदा गया गेहूं खुले में रखा है। इसके बाद भी उठान नहीं हो पा रहा है। उठान नहीं होने से केंद्रों पर खरीद बंद हो गई है। अब किसान समर्थन मूल्य का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। किसानों को समय से पैैसों का भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। इससे किसान आए दिन विभाग और बैंक के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन भुगतान नहीं हो पा रहा है।
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वर्तमान में चार करोड़ रुपये से अधिक की राशि भुगतान को अवशेष है। जबकि, किसानों के पास आय का इकलौता साधन कृषि है। ऐसे में समय पर भुगतान नहीं होना किसानों के लिए समस्या बन गया है। समय पर भुगतान और खरीद केेंद्र पर गेहूं का उठान नहीं होने से किसान मजबूर होकर अनाज को माटी मोल बेच रहे हैं।
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शुक्रवार को नवीन गल्ला मंडी में अनाज की आवक में सबसे अधिक गेहूं रहा। गल्ला मंडी में 3500 क्विंटल गेहूं आया और 3000 हजार क्विंटल में चना, मटर व मसूर की आवक हुई। जबकि, मंडी में गेेहूं की खरीद समर्थन मूल्य पर नहीं हो रही है। किसानों का गेहूं यहां पर 1600 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल खरीदा गया। इससे स्पष्ट है कि किसान गेहूं क्रय केंद्र के जिम्मेदारों के लचर ढर्रें से परेशान हो रहे हैं। इससे अपनी उपज को माटी मोल बेचने के लिए मजबूर हैं। किसानों के पास इकलौती आय का साधन केवल कृषि होता है। फसल आने के समय सभी किसान कर्ज को चुकाने का प्रयास करते हैं। लेकिन, खरीद केंद्र पर गेेहूं का उठान और भुगतान समय पर नहीं होने से परेशान किसान उपज को मंडी में बेच रहे हैं।

शुक्रवार को गल्ला मंडी में 6500 क्विंटल अनाज की आवक हुई। इसमें आधे में गेहूं व आधे में अन्य सभी अनाज आए।
- एसपी सिंह

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