फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lalitpur News ›   First seing corona report after that come maternity wing

पहले कोरोना की रिपोर्ट दिखाओ, फिर मैटरनिटी विंग के अंदर आओ

Wed, 18 Mar 2020 01:33 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Wed, 18 Mar 2020 01:33 AM IST
विज्ञापन
First seing corona report after that come maternity wing
कैप्सन - सीएचसी के बाहर बैठा परिवार - फोटो : TALDEHATE
तालबेहट। सरकार एक ओर कोरोना पीड़ितों को तत्काल राहत देने के लिए सीएचसी सहित अन्य स्वास्थ्य केंद्र में उपचार की व्यवस्था मुहैया करा रही है, दूसरी ओर सीएचसी में बिना कोरोना वायरस की जांच रिपोर्ट के किसी प्रसूता को अंदर आने की इजाजत नहीं है।
विज्ञापन

ऐसा ही एक मामला सोमवार की रात में सामने आया। जब एक प्रसूता को मैटरनिटी विंग में कार्यरत नर्स ने यह कह कर अंदर नहीं जाने दिया कि पहले कोरोना वायरस की रिपोर्ट लाओ। मजबूरी में प्रसूता और उसके परिजनों को सर्दी में एक बरामदे में रात गुजारनी पड़ी। सुबह जब इस बात की सूचना स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों को दी गई, तब उसे मैटरनिटी विंग में प्रवेश दिया गया।
विज्ञापन

इस समय देश सहित पूरे विश्व में कोरोना का कहर है, जिससे निपटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग आइसोलेटिड वार्ड बनाकर उसमें मरीजों को रखकर उन पर नजर रख रहा है। लोगों को जागरूक करने के लिए तरह-तरह के कार्यक्रम कर रहा है। लेकिन, नगर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के मैटरनिटी विंग में कार्यरत स्टाफ का अलग रवैया है। विकासखंड अंतर्गत ग्राम विजयपुरा निवासी शिखा पत्नी विमलेश वंशकार ने बताया कि वह कुछ दिन पहले फरीदाबाद से अपने गांव आई थी। सोमवार की रात उसे प्रसव पीड़ा हुई, जिस पर वह अपने परिजनों के साथ सीएचसी स्थित मैटरनिटी विंग आई। यहां कार्यरत नर्स ने उसकी पीड़ा की चिंता न करते हुए पहले उससे पूरी जानकारी ली। इसके बाद उसे कोरोना की रिपोर्ट लाने की बात कहते हुए मैटरनिटी विंग के अंदर नहीं जाने दिया। इससे वह पूरी रात सीएचसी के समीप बने एक बरामदे में पड़ी रही। सुबह उसने अपनी पीड़ा वहां कार्यरत आपातकालीन सेवा दे रहे चिकित्सक सहित अन्य लोगों को बताई तो उसे अंदर प्रवेश देने के लिए कहा, परंतु नर्स ने किसी की बात नहीं सुनी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बाद में इसकी सूचना सीएमओ डा. प्रताप सिंह और सीएमएस डा. नरेंद्र कुमार को दी गई। उनके कहने के लगभग एक घंटे बाद पीड़िता को प्रवेश मिल सका। आखिर क्या बाहर से आने वाला हर मरीजा कोरोना ग्रसित है, यदि वह ग्रसित मान भी लिया जाए तो उसके साथ इस तरह का व्यवहार कहां तक उचित है। विभागीय अधिकारियों को इस तरह के क्रिया कलाप करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाना चाहिए।

गरीब प्रसूता के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना किसी भी दशा में उचित नहीं है। जिलाधिकारी को पूरे मामले का संज्ञान लेकर दोषियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।
- स्वामी प्रसाद यादव, ग्राम प्रधान प्रतिनिधि विजयपुरा
ऐसे मामले में सख्त से सख्त कार्रवाई किया जाना चाहिए। महिला मरीजों के साथ रात के समय इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है।
- कृपाल सिंह लोधी, अधिवक्ता
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed